कृषि यंत्रीकरण योजना 2026-27
कृषि यंत्रीकरण योजना 2026-27 / SMAM: किसानों को 86 कृषि यंत्रों पर 80% तक अनुदान
खेती में आधुनिक मशीनों का इस्तेमाल किसानों के लिए समय और श्रम दोनों की बचत कर सकता है। लेकिन ट्रैक्टर, रोटावेटर, सीड ड्रिल, थ्रेशर, रीपर और दूसरे कृषि यंत्रों की कीमत अधिक होने के कारण छोटे और सीमांत किसानों के लिए इन्हें खरीदना मुश्किल हो सकता है।
इसी को ध्यान में रखते हुए बिहार सरकार के कृषि विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 में कृषि यंत्रीकरण योजना संचालित की जा रही है। यह योजना Sub-Mission on Agricultural Mechanization (SMAM) से जुड़ी है। इसके तहत पात्र किसानों और संबंधित लाभार्थियों को कृषि यंत्रों की खरीद पर निर्धारित अनुदान दिया जा रहा है।
2026-27 के लिए उपलब्ध जानकारी के अनुसार 86 प्रकार के कृषि यंत्रों पर 40% से 80% तक अनुदान का प्रावधान है। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 8 सितंबर 2026 से शुरू हुई है और आवेदन की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 बताई गई है।
कृषि यंत्रीकरण योजना 2026-27 क्या है?
कृषि यंत्रीकरण योजना का उद्देश्य किसानों तक आधुनिक कृषि मशीनों और उपकरणों की पहुंच बढ़ाना है। इसके माध्यम से खेती के अलग-अलग कार्यों में मशीनों के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाता है ताकि खेती का काम कम समय में और अधिक व्यवस्थित तरीके से किया जा सके।
SMAM के तहत कृषि मशीनरी की खरीद के अलावा Custom Hiring Centre, Farm Machinery Bank और अन्य सामुदायिक मशीनरी सुविधाओं को भी बढ़ावा दिया जाता है। केंद्र सरकार के SMAM कार्यक्रम का एक उद्देश्य छोटे एवं सीमांत किसानों तथा कम यंत्रीकरण वाले क्षेत्रों में कृषि मशीनों की पहुंच बढ़ाना भी है
2026-27 में कितने कृषि यंत्रों पर मिलेगा अनुदान?
बिहार में 2026-27 की कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत 86 प्रकार के कृषि यंत्रों को शामिल किए जाने की जानकारी सामने आई है।
इनमें खेती के विभिन्न चरणों में इस्तेमाल होने वाले उपकरण शामिल हैं, जैसे:
- ट्रैक्टर
- पावर टिलर
- रोटावेटर
- कल्टीवेटर
- सीड ड्रिल
- हैप्पी सीडर
- रीपर
- थ्रेशर
- मल्चर
- श्रेडर
- स्ट्रॉ रीपर
- स्प्रे मशीन
- पंप सेट
- अन्य कृषि मशीनरी
यंत्रों की वास्तविक सूची और प्रत्येक यंत्र की अनुदान सीमा विभागीय प्रावधानों के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
कृषि यंत्रों पर कितना अनुदान मिलेगा?
वित्तीय वर्ष 2026-27 में कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत अलग-अलग कृषि यंत्रों और लाभार्थी श्रेणियों के अनुसार 40% से 80% तक अनुदान का प्रावधान बताया गया है।
अनुदान की वास्तविक राशि इन बातों पर निर्भर कर सकती है:
- कृषि यंत्र का प्रकार
- यंत्र की निर्धारित कीमत
- किसान की श्रेणी
- योजना के तहत निर्धारित अधिकतम अनुदान
- संबंधित योजना घटक
- उपलब्ध लक्ष्य और बजट
इसलिए किसान को आवेदन करने से पहले अपने चुने गए कृषि यंत्र के लिए निर्धारित अनुदान सीमा जरूर जांचनी चाहिए।
क्या ट्रैक्टर पर भी अनुदान मिलेगा?
कृषि यंत्रीकरण योजना के अंतर्गत ट्रैक्टर सहित विभिन्न कृषि यंत्रों को शामिल किए जाने की जानकारी उपलब्ध है। हालांकि ट्रैक्टर के लिए अनुदान की राशि और पात्रता सामान्य कृषि यंत्रों से अलग हो सकती है।
कुछ विशेष योजना घटकों में ट्रैक्टर और अन्य मशीनों के लिए अलग-अलग अनुदान दर निर्धारित हो सकती है। इसलिए किसान को आवेदन करते समय संबंधित यंत्र की निर्धारित अनुदान सीमा देखनी चाहिए।
योजना में ड्रोन भी शामिल
2026-27 की कृषि यंत्रीकरण व्यवस्था में किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
बिहार के 2026-27 के स्वीकृत कार्यक्रम में कृषि यंत्रों के साथ कस्टम हायरिंग सेंटर, कृषि यंत्र बैंक और किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए भी प्रावधान किया गया है।
इससे कृषि में ड्रोन आधारित छिड़काव और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने का उद्देश्य है।
Custom Hiring Centre क्या है?
Custom Hiring Centre यानी कस्टम हायरिंग सेंटर ऐसी सुविधा है जहां किसान अपनी जरूरत के अनुसार कृषि मशीनरी किराये पर ले सकते हैं।
हर किसान के लिए ट्रैक्टर, रोटावेटर, रीपर, थ्रेशर या अन्य सभी मशीनें खरीदना जरूरी नहीं होता। मशीन किराये पर उपलब्ध होने से किसान आवश्यकता के अनुसार उसका इस्तेमाल कर सकता है।
SMAM का एक प्रमुख उद्देश्य छोटे जोत वाले किसानों के लिए कृषि मशीनरी की पहुंच आसान बनाना और व्यक्तिगत मशीन खरीदने की लागत की समस्या को कम करना है।
कृषि यंत्रीकरण योजना के मुख्य लाभ
इस योजना से किसानों को कई स्तर पर लाभ मिल सकता है:
1. कृषि यंत्र खरीदने में आर्थिक सहायता
पात्र किसानों को निर्धारित कृषि यंत्रों पर सरकारी अनुदान मिल सकता है।
2. खेती का काम आसान
मशीनों की मदद से जुताई, बुवाई, कटाई और अन्य कार्य कम समय में किए जा सकते हैं।
3. श्रम लागत कम करने में मदद
जहां मजदूरों की उपलब्धता कम या लागत अधिक होती है, वहां मशीनों का उपयोग उपयोगी हो सकता है।
4. समय पर कृषि कार्य
बुवाई और कटाई जैसे कार्य निर्धारित समय में पूरे करने में मशीनरी मदद करती है।
5. आधुनिक कृषि तकनीक को बढ़ावा
कृषि यंत्रीकरण के माध्यम से आधुनिक मशीनों और तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ाया जाता है।
6. छोटे किसानों के लिए मशीनरी की पहुंच
Custom Hiring Centre और Farm Machinery Bank जैसी सुविधाएं किसानों को मशीन किराये पर लेने का विकल्प देती हैं।
कौन किसान आवेदन कर सकता है?
योजना के अलग-अलग घटकों के अनुसार पात्रता अलग हो सकती है। सामान्य कृषि यंत्र अनुदान के लिए बिहार के पात्र किसान आवेदन कर सकते हैं।
इसके अलावा कुछ घटकों में निम्न प्रकार के लाभार्थी शामिल हो सकते हैं:
- व्यक्तिगत किसान
- छोटे एवं सीमांत किसान
- किसान समूह
- स्वयं सहायता समूह
- किसान उत्पादक संगठन (FPO)
- सहकारी संस्थाएं
- कृषि उद्यमी
- कस्टम हायरिंग सेंटर से जुड़े पात्र लाभार्थी
किसी विशेष कृषि यंत्र के लिए पात्रता और अनुदान की सीमा अलग हो सकती है।
आवेदन करने से पहले किसान के पास क्या होना चाहिए?
बिहार कृषि विभाग के DBT सिस्टम के अनुसार कृषि योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसान का कृषि विभाग में पंजीकरण महत्वपूर्ण है। पंजीकृत किसान ऑनलाइन योजनाओं के लिए आवेदन कर सकते हैं।
सामान्य रूप से किसान के पास ये जानकारी/दस्तावेज होने चाहिए:
- आधार कार्ड
- किसान पंजीकरण संख्या
- मोबाइल नंबर
- बैंक खाता विवरण
- आधार से लिंक बैंक खाता
- जमीन से संबंधित दस्तावेज, जहां आवश्यक हो
- भूमि रसीद/LPC/जमाबंदी, जहां लागू हो
- पासपोर्ट साइज फोटो
- जाति प्रमाण पत्र, जहां लागू हो
- संबंधित कृषि यंत्र से जुड़े आवश्यक दस्तावेज
कृषि यंत्रीकरण योजना 2026-27 में आवेदन कैसे करें?
आवेदन प्रक्रिया को आसान तरीके से समझें:
Step 1: किसान पंजीकरण
सबसे पहले किसान का बिहार कृषि विभाग के DBT सिस्टम में पंजीकरण होना चाहिए।
Step 2: योजना का चयन
किसान उपलब्ध कृषि यंत्रीकरण योजना में अपने लिए उपयुक्त कृषि यंत्र या योजना घटक का चयन करें।
Step 3: कृषि यंत्र का चयन
जिस कृषि यंत्र पर अनुदान लेना है, उसका चयन करें।
Step 4: आवश्यक जानकारी भरें
आवेदन फॉर्म में मांगी गई किसान, बैंक, भूमि और अन्य जानकारी सही-सही भरें।
Step 5: दस्तावेज जमा करें
आवश्यक दस्तावेज और मांगी गई जानकारी आवेदन के साथ उपलब्ध कराएं।
Step 6: आवेदन जमा करें
OTP आदि आवश्यक सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने के बाद आवेदन जमा करें।
Step 7: चयन/सत्यापन
योजना के घटक के अनुसार आवेदन का सत्यापन या चयन प्रक्रिया हो सकती है। कुछ मामलों में ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से चयन की जानकारी दी गई है।
Step 8: परमिट और कृषि यंत्र की खरीद
चयनित किसान को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार परमिट/स्वीकृति मिलने के बाद तय समय में कृषि यंत्र खरीदना पड़ सकता है।
Step 9: अनुदान भुगतान
स्वीकृत अनुदान राशि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार DBT के माध्यम से बैंक खाते में भेजी जाती है।
आवेदन की अंतिम तारीख
आवेदन शुरू: 8 सितंबर 2026
आवेदन की अंतिम तारीख: 30 सितंबर 2026
इसलिए इच्छुक किसानों को अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए।
महत्वपूर्ण: आवेदन की तारीख, उपलब्ध कृषि यंत्र, लक्ष्य, अनुदान राशि और पात्रता संबंधित सरकारी निर्देशों के अनुसार बदल सकती है। आवेदन करने से पहले नवीनतम विभागीय सूचना की जांच करना उचित है।
कृषि यंत्रीकरण योजना का उद्देश्य
इस योजना के पीछे मुख्य उद्देश्य हैं:
- किसानों तक आधुनिक कृषि मशीनरी पहुंचाना
- कृषि कार्यों में मशीनों का उपयोग बढ़ाना
- खेती में समय की बचत करना
- कृषि कार्यों को अधिक कुशल बनाना
- छोटे एवं सीमांत किसानों को मशीनरी तक पहुंच देना
- Custom Hiring Centre को बढ़ावा देना
- Farm Machinery Bank को बढ़ावा देना
- आधुनिक कृषि तकनीक और ड्रोन जैसी तकनीकों को प्रोत्साहित करना
- खेती की उत्पादकता और कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायता करना
किसान के लिए जरूरी बातें
आवेदन करते समय इन बातों का विशेष ध्यान रखें:
- आवेदन में नाम आधार के अनुसार भरें।
- बैंक खाता सही दर्ज करें।
- बैंक खाता आधार/NPCI से लिंक होना चाहिए।
- कृषि यंत्र का सही चयन करें।
- दस्तावेजों में गलत जानकारी न दें।
- आवेदन करने से पहले अनुदान की अधिकतम सीमा देखें।
- चयन होने पर निर्धारित समय में कृषि यंत्र खरीदें।
- किसी अनधिकृत व्यक्ति को OTP न बताएं।
- आवेदन की रसीद/आवेदन संख्या सुरक्षित रखें।
- अंतिम तारीख से पहले आवेदन पूरा करें।
निष्कर्ष
कृषि यंत्रीकरण योजना 2026-27 / SMAM बिहार के किसानों के लिए आधुनिक कृषि मशीनरी तक पहुंच बढ़ाने वाली महत्वपूर्ण योजना है। इस वर्ष 86 प्रकार के कृषि यंत्रों पर 40% से 80% तक अनुदान का प्रावधान बताया गया है। योजना में व्यक्तिगत कृषि यंत्रों के साथ-साथ Custom Hiring Centre, Farm Machinery Bank और किसान ड्रोन जैसी सुविधाओं को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
यदि आप कृषि यंत्र खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो 30 सितंबर 2026 की आवेदन अंतिम तिथि को ध्यान में रखते हुए पात्रता, दस्तावेज और संबंधित यंत्र की अनुदान सीमा की जांच करके आवेदन करना चाहिए।