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कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना 2026 (PM-KISAN Samman Nidhi Yojana)

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विवरण

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना क्या है?

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, जिसे आमतौर पर PM-KISAN योजना कहा जाता है, भारत सरकार की एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है। इसका उद्देश्य पात्र किसान परिवारों को खेती और उससे जुड़ी आवश्यकताओं के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।

खेती में बीज, खाद, कीटनाशक, सिंचाई, खेत की तैयारी और दूसरी मौसमी जरूरतों के लिए समय पर पैसे की आवश्यकता होती है। ऐसे में यह योजना किसानों को साल के अलग-अलग समय पर आर्थिक सहायता देती है।

इस योजना की शुरुआत दिसंबर 2018 से प्रभावी मानी गई और पात्र किसानों को सहायता का भुगतान प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से किया जाता है।

बिहार के किसान भी निर्धारित पात्रता और सत्यापन की शर्तें पूरी करने पर इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

योजना में कितने रुपये मिलते हैं?

योजना के अंतर्गत पात्र किसान परिवार को एक वर्ष में कुल ₹6,000 दिए जाते हैं। यह राशि तीन बराबर किस्तों में दी जाती है।

किस्त

सहायता राशि

सामान्य अवधि

पहली किस्त

₹2,000

अप्रैल–जुलाई

दूसरी किस्त

₹2,000

अगस्त–नवंबर

तीसरी किस्त

₹2,000

दिसंबर–मार्च

कुल सालाना सहायता

₹6,000

एक वर्ष

ये सामान्य किस्त अवधि हैं। भुगतान की वास्तविक तारीख सरकार की घोषणा और लाभार्थी के सत्यापन पर निर्भर करती है।

ध्यान दें: हर किस्त की तारीख पहले से निश्चित नहीं होती। इसलिए किसी वायरल संदेश या सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर भुगतान की तारीख को अंतिम न मानें।

बिहार के किसानों को योजना का लाभ कैसे मिलता है?

बिहार में इस योजना के लिए पात्र किसान परिवारों की जानकारी, भूमि रिकॉर्ड और अन्य आवश्यक विवरणों का सत्यापन संबंधित सरकारी व्यवस्थाओं के माध्यम से किया जाता है।

सामान्य प्रक्रिया में किसान का पंजीकरण, पहचान का सत्यापन, भूमि संबंधी रिकॉर्ड की जाँच, e-KYC और बैंक खाते में भुगतान की स्थिति की पुष्टि शामिल हो सकती है।

किसान को केवल आवेदन कर देने से भुगतान की गारंटी नहीं मिलती। आवेदन में कोई त्रुटि होने, भूमि रिकॉर्ड सत्यापित नहीं होने, e-KYC लंबित होने या बैंक खाते से संबंधित समस्या होने पर भुगतान अटक सकता है।

 

लाभ

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के प्रमुख लाभ

  1. पात्र किसान परिवार को सालाना ₹6,000 की आर्थिक सहायता मिलती है।

  2. राशि तीन बराबर किस्तों में सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।

  3. खेती से जुड़ी मौसमी जरूरतों में आर्थिक सहायता मिलती है।

  4. पात्र छोटे और बड़े भूमिधारक किसान परिवारों को समान निर्धारित सालाना सहायता मिल सकती है; राशि खेत के आकार के हिसाब से नहीं बढ़ती।

  5. किसान आधिकारिक पोर्टल पर अपनी पंजीकरण और भुगतान स्थिति जाँच सकते हैं।

  6. लाभार्थी सूची के माध्यम से यह पता लगाया जा सकता है कि संबंधित गाँव या क्षेत्र में किन किसानों के नाम दर्ज हैं।

  7. डिजिटल सत्यापन से आवेदन और भुगतान की स्थिति जाँचने में सुविधा मिलती है।

योजना के लिए कौन पात्र है?

PM-KISAN के अंतर्गत सामान्यतः ऐसे किसान परिवार पात्र हो सकते हैं जिनके नाम पर खेती योग्य भूमि का रिकॉर्ड हो और जो योजना की अन्य शर्तें पूरी करते हों।

पात्रता निर्धारित करने में केवल किसान का खेती करना पर्याप्त नहीं है। भूमि के स्वामित्व, परिवार की परिभाषा और अपवर्जन नियमों की भी जाँच की जाती है।

मुख्य पात्रता शर्तें:

  • आवेदक किसान परिवार भारत का निवासी हो।

  • किसान परिवार के नाम पर संबंधित नियमों के अनुसार खेती योग्य भूमि का रिकॉर्ड हो।

  • भूमि और आवेदक के विवरण का सत्यापन किया जा सके।

  • आधार और बैंक खाते से जुड़ी आवश्यक औपचारिकताएँ पूरी हों।

  • आवेदक योजना की अपात्र श्रेणियों में शामिल न हो।

  • एक ही किसान परिवार के सदस्यों के बीच दोहरा लाभ लेने की स्थिति न हो।

बिहार में भूमि रिकॉर्ड में नाम, खाता, खेसरा या जमाबंदी से संबंधित विसंगति होने पर आवेदन या सत्यापन प्रभावित हो सकता है।

कौन इस योजना का लाभ नहीं ले सकता?

योजना के नियमों के अनुसार निम्न श्रेणियों के लोग सामान्यतः अपात्र हो सकते हैं:

  • संस्थागत भूमि धारक।

  • वर्तमान या पूर्व संवैधानिक पदों पर रहे निर्धारित श्रेणी के व्यक्ति।

  • वर्तमान या पूर्व मंत्री तथा निर्धारित श्रेणी के निर्वाचित प्रतिनिधि।

  • केंद्र या राज्य सरकार के मंत्रालयों, विभागों, कार्यालयों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में कार्यरत या सेवानिवृत्त निर्धारित श्रेणी के अधिकारी एवं कर्मचारी; नियमों में निर्दिष्ट अपवाद लागू होते हैं।

  • पिछले निर्धारित आकलन वर्ष में आयकर का भुगतान करने वाले व्यक्ति।

  • डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट और आर्किटेक्ट जैसे पंजीकृत पेशेवर, जो निर्धारित शर्तों के अनुसार अपना पेशा कर रहे हों।

  • निर्धारित सीमा से अधिक मासिक पेंशन पाने वाली कुछ सेवानिवृत्त श्रेणियाँ, नियमों में दिए गए अपवादों के अधीन।

महत्वपूर्ण: सरकारी नौकरी करने वाले परिवार के हर सदस्य को बिना शर्त अपात्र घोषित करना सही नहीं है। पात्रता परिवार की स्थिति और योजना के विशिष्ट नियमों पर निर्भर करती है। अंतिम निर्णय आधिकारिक दिशानिर्देशों के अनुसार होता है।

 

 

पात्रता

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को योजना के निर्धारित नियमों का पालन करना आवश्यक है।

  • आवेदक किसान परिवार से संबंधित होना चाहिए और उसके नाम पर योजना के नियमों के अनुसार खेती योग्य भूमि का रिकॉर्ड होना चाहिए।

  • आवेदक का भूमि रिकॉर्ड संबंधित राज्य के रिकॉर्ड और योजना के विवरण से सत्यापित होना चाहिए।

  • किसान को आधार और बैंक खाते से संबंधित आवश्यक जानकारी सही उपलब्ध करानी होगी।

  • पंजीकरण के बाद आवश्यक e-KYC और अन्य निर्धारित सत्यापन पूरे करने होंगे।

  • आवेदक योजना के अपात्रता नियमों के अंतर्गत नहीं आना चाहिए।

  • संस्थागत भूमि धारक और योजना के नियमों में शामिल कुछ संवैधानिक पदाधिकारी, सरकारी कर्मचारी, आयकरदाता तथा निर्धारित पेशेवर श्रेणियों के व्यक्ति अपात्र हो सकते हैं। नियमों में दिए गए अपवाद लागू होंगे।

  • एक ही किसान परिवार के एक से अधिक सदस्यों द्वारा अलग-अलग लाभ लेने की स्थिति में पात्रता की जाँच की जा सकती है।

बिहार के किसानों के लिए विशेष जानकारी: भूमि रिकॉर्ड में नाम, खाता, खेसरा या जमाबंदी का विवरण गलत होने पर सत्यापन में समस्या आ सकती है। आवेदन करने से पहले भूमि और बैंक संबंधी जानकारी सही कर लें।

महत्वपूर्ण: केवल किसान होना या आवेदन जमा कर देना लाभ की गारंटी नहीं है। अंतिम पात्रता योजना के वर्तमान आधिकारिक दिशानिर्देशों और सत्यापन पर निर्भर करती है।

आवेदन प्रक्रिया

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में आवेदन करने के लिए बिहार के किसान ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। आवेदन स्वयं आधिकारिक पोर्टल पर या उपलब्ध अधिकृत CSC/वसुधा/सहज केंद्र के माध्यम से किया जा सकता है।

ऑनलाइन आवेदन के चरण:

  1. PM-KISAN के आधिकारिक पोर्टल पर जाएँ और “Farmers Corner” में “New Farmer Registration” विकल्प चुनें।

  2. अपना आधार नंबर, मोबाइल नंबर, राज्य और पोर्टल पर माँगी गई अन्य जानकारी दर्ज करें।

  3. आधार प्रमाणीकरण की प्रक्रिया पूरी करें। प्रमाणीकरण सफल होने पर आगे का पंजीकरण फॉर्म भरें।

  4. किसान का नाम, बैंक विवरण और खेती योग्य भूमि से जुड़ी जानकारी सही-सही दर्ज करें।

  5. बिहार में भूमि का विवरण राजस्व अभिलेखों के अनुसार भरें। यह सुनिश्चित करें कि संबंधित जमाबंदी आवेदक के नाम पर दर्ज हो।

  6. आवेदन जमा करने से पहले नाम, बैंक खाता संख्या, IFSC कोड, गाँव और भूमि विवरण की जाँच करें।

  7. आवेदन जमा होने के बाद पंजीकरण संख्या सुरक्षित रखें और आवेदन की स्थिति देखते रहें।

  8. पंजीकरण के बाद e-KYC, भूमि सत्यापन, आधार-बैंक लिंकिंग और अन्य आवश्यक जाँच पूरी करें।

  9. आवेदन में गलती या भुगतान संबंधी समस्या दिखाई दे तो आधिकारिक पोर्टल या संबंधित कृषि विभाग/अधिकृत सहायता केंद्र से सुधार करवाएँ।

बिहार के किसानों के लिए विशेष सावधानी: राज्य के कृषि विभाग ने बैंक खाते में नाम और आवेदन में नाम अलग होने, गलत IFSC, गलत खाता संख्या, गाँव के नाम में त्रुटि और भूमि रिकॉर्ड की समस्या को भुगतान रुकने के संभावित कारणों में बताया है। इसलिए आवेदन भरते समय सभी विवरण दस्तावेजों के अनुसार दर्ज करें।

आवेदन के बाद क्या होगा? आवेदन का सत्यापन संबंधित सरकारी विभागों द्वारा किया जाता है। केवल पंजीकरण पूरा हो जाना या आवेदन संख्या मिल जाना इस बात की गारंटी नहीं है कि सहायता राशि स्वीकृत हो गई है। पात्रता और सभी जरूरी सत्यापन पूरे होने के बाद ही भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ती है।

आधिकारिक पोर्टल खोलें

आवश्यक दस्तावेज़

PM किसान योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज

नए पंजीकरण या विवरण सुधार के समय निम्न दस्तावेजों या जानकारियों की जरूरत पड़ सकती है:

  • आधार कार्ड

  • आधार से संबंधित आवश्यक पहचान विवरण

  • बैंक खाता संख्या और IFSC कोड

  • बैंक खाते की जानकारी या पासबुक

  • सक्रिय मोबाइल नंबर

  • भूमि स्वामित्व से संबंधित रिकॉर्ड

  • खाता, खेसरा या जमाबंदी का विवरण, जहाँ लागू हो

  • किसान और परिवार से संबंधित आवश्यक जानकारी

  • राज्य या संबंधित कार्यालय द्वारा माँगे गए अतिरिक्त दस्तावेज

सभी दस्तावेज हर प्रक्रिया में अनिवार्य रूप से अपलोड करने पड़ें, यह जरूरी नहीं है। आवश्यकताएँ नए पंजीकरण, सुधार और सत्यापन के प्रकार के अनुसार अलग हो सकती हैं।

PM किसान सम्मान निधि योजना में नया रजिस्ट्रेशन कैसे करें?

पात्र किसान आधिकारिक PM-KISAN पोर्टल के माध्यम से नए पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।

आवेदन की सामान्य प्रक्रिया:

  1. PM-KISAN के आधिकारिक पोर्टल पर जाएँ।

  2. Farmers Corner में उपलब्ध New Farmer Registration विकल्प चुनें।

  3. ग्रामीण या शहरी किसान से संबंधित उपयुक्त विकल्प चुनें, यदि पोर्टल पर पूछा जाए।

  4. आधार संख्या, मोबाइल नंबर, राज्य और आवश्यक जानकारी भरें।

  5. उपलब्ध निर्देशों के अनुसार पहचान और अन्य विवरण सत्यापित करें।

  6. भूमि और बैंक से संबंधित सही जानकारी दर्ज करें।

  7. आवेदन सबमिट करने से पहले सभी विवरण जाँच लें।

  8. पंजीकरण संख्या या आवेदन से संबंधित विवरण सुरक्षित रखें।

  9. आवेदन की स्थिति समय-समय पर जाँचें।

बिहार में भूमि रिकॉर्ड या पंजीकरण संबंधी समस्या होने पर संबंधित कृषि कार्यालय या स्थानीय स्तर पर अधिकृत सहायता केंद्र से संपर्क किया जा सकता है।

PM किसान e-KYC कैसे करें?

PM-KISAN के पंजीकृत किसानों के लिए e-KYC अनिवार्य है। e-KYC पूरा नहीं होने या अन्य सत्यापन लंबित होने पर भुगतान प्रभावित हो सकता है।

e-KYC के लिए सामान्यतः ये विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं:

विकल्प 1: OTP के माध्यम से

  1. आधिकारिक PM-KISAN पोर्टल खोलें।

  2. e-KYC विकल्प पर जाएँ।

  3. आधार संख्या दर्ज करें।

  4. पोर्टल पर माँगी गई जानकारी भरें।

  5. आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर प्राप्त OTP दर्ज करें।

  6. प्रक्रिया पूरी होने के बाद उपलब्ध पुष्टि संदेश जाँचें।

यह विकल्प तभी काम करेगा जब आवश्यक मोबाइल और आधार प्रमाणीकरण की शर्तें पूरी हों।

विकल्प 2: CSC केंद्र के माध्यम से

यदि OTP आधारित e-KYC नहीं हो पा रही है, तो नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर उपलब्ध बायोमेट्रिक सुविधा का उपयोग किया जा सकता है।

विकल्प 3: अधिकृत मोबाइल ऐप

जहाँ सुविधा उपलब्ध हो, वहाँ आधिकारिक PM-KISAN मोबाइल ऐप या अधिकृत उपयोगकर्ता व्यवस्था के माध्यम से भी e-KYC पूरी की जा सकती है।

सुरक्षा सलाह: अपना OTP, आधार प्रमाणीकरण कोड या बैंकिंग पासवर्ड किसी अनजान व्यक्ति को न बताएँ।

PM किसान सम्मान निधि का स्टेटस कैसे चेक करें?

यदि आपने आवेदन किया है या पहले से लाभार्थी हैं, तो भुगतान और पंजीकरण की स्थिति आधिकारिक पोर्टल पर जाँची जा सकती है।

  1. PM-KISAN पोर्टल खोलें।

  2. Know Your Status विकल्प चुनें।

  3. पंजीकरण संख्या दर्ज करें।

  4. स्क्रीन पर माँगी गई कैप्चा या अन्य जानकारी भरें।

  5. जरूरत पड़ने पर पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आए OTP से सत्यापन करें।

  6. उपलब्ध विवरण में भुगतान की स्थिति, बैंक की जानकारी, भुगतान संदर्भ संख्या और खाते में राशि जमा होने की तारीख जाँचें।

यदि पंजीकरण संख्या याद नहीं है, तो पोर्टल पर उपलब्ध संबंधित विकल्प से उसे खोजने की कोशिश करें।

PM किसान की किस्त कब आएगी?

PM-KISAN में सालाना तीन किस्तें दी जाती हैं, लेकिन अगली किस्त की सटीक तारीख सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही निश्चित मानी जानी चाहिए।

2026 में उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार 23वीं किस्त 20 जून 2026 को जारी की गई थी। अगली किस्त के बारे में कोई नई तारीख घोषित होने पर किसान आधिकारिक पोर्टल और सरकारी सूचना के माध्यम से पुष्टि करें।

किस्त जारी होने के बाद भी सभी लाभार्थियों के खाते में राशि एक ही समय पर दिखाई दे, यह जरूरी नहीं है। भुगतान की स्थिति, बैंक प्रक्रिया और लाभार्थी के सत्यापन के अनुसार समय में अंतर हो सकता है।

PM किसान के ₹2,000 खाते में नहीं आए तो क्या करें?

यदि आपके खाते में किस्त नहीं आई है, तो तुरंत नया आवेदन करने के बजाय पहले यह जाँचें कि समस्या किस स्तर पर है।

जाँचने के प्रमुख बिंदु:

  • क्या आपका पंजीकरण सक्रिय है?

  • क्या e-KYC पूरी है?

  • क्या लाभार्थी की पात्रता सत्यापित है?

  • क्या भूमि रिकॉर्ड का सत्यापन पूरा हुआ है?

  • क्या बैंक खाता सही दर्ज है?

  • क्या बैंक खाते में आवश्यक आधार सीडिंग या NPCI मैपिंग की स्थिति सही है, जहाँ लागू हो?

  • क्या भुगतान की स्थिति में कोई त्रुटि या लंबित सत्यापन दिख रहा है?

  • क्या आपके परिवार के एक से अधिक सदस्यों के नाम पर लाभ मिलने के कारण जाँच चल रही है?

यदि समस्या बनी रहती है, तो आधिकारिक पोर्टल के Helpdesk विकल्प, संबंधित कृषि विभाग या बैंक से संपर्क करें। शिकायत करते समय पंजीकरण संख्या, भुगतान की स्थिति और संबंधित दस्तावेज अपने पास रखें।

बिहार में भूमि रिकॉर्ड की समस्या होने पर क्या करें?

बिहार में कुछ आवेदनों में भूमि रिकॉर्ड और PM-KISAN के विवरण के बीच अंतर होने से सत्यापन में समस्या आ सकती है।

ऐसी स्थिति में किसान को पहले यह पता करना चाहिए कि गलती कहाँ है:

  • भूमि रिकॉर्ड में नाम गलत है।

  • जमाबंदी या खाता-खेसरा की जानकारी मेल नहीं खाती।

  • भूमि का सत्यापन लंबित है।

  • PM-KISAN आवेदन में गलत जानकारी दर्ज है।

  • भूमि का स्वामित्व या हस्तांतरण योजना की शर्तों के अनुसार जाँच के अधीन है।

भूमि रिकॉर्ड से जुड़ी समस्या के लिए संबंधित राजस्व कार्यालय से और PM-KISAN आवेदन से जुड़ी समस्या के लिए कृषि विभाग या अधिकृत सहायता केंद्र से संपर्क करें।

भूमि का नामांतरण या नया भूमि रिकॉर्ड अपने आप PM-KISAN का लाभ सुनिश्चित नहीं करता। पात्रता और संबंधित नियमों के अनुसार जाँच जरूरी है।

क्या बिहार में Farmer ID बनवाना जरूरी है?

बिहार में किसान पहचान और कृषि संबंधी डिजिटल रिकॉर्ड के लिए Farmer ID से जुड़े अभियान या निर्देश जारी हो सकते हैं। लेकिन Farmer ID की जरूरत, लागू तारीख और PM-KISAN भुगतान पर उसके प्रभाव को किसी पुराने समाचार या सोशल मीडिया संदेश के आधार पर सार्वभौमिक नियम नहीं मानना चाहिए।

किसान अपने जिले के कृषि विभाग या संबंधित सरकारी सूचना से यह पुष्टि करें कि उनके आवेदन या किस्त के लिए Farmer ID अनिवार्य है या नहीं और यदि है, तो उसे बनाने की समय-सीमा क्या है।

2026 में PM-KISAN योजना से जुड़ा महत्वपूर्ण अपडेट

  • आधिकारिक पोर्टल के अनुसार 23वीं किस्त 20 जून 2026 को जारी हुई थी।

  • योजना को वित्त वर्ष 2026–27 से 2030–31 तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है।

  • पात्र किसान परिवारों के लिए सालाना सहायता ₹6,000 और सामान्य किस्त राशि ₹2,000 ही है।

  • पंजीकृत किसानों के लिए e-KYC अनिवार्य है।

  • कुछ संदिग्ध मामलों में भूमि स्वामित्व की तारीख या एक परिवार से कई लाभार्थियों के कारण भुगतान सत्यापन पूरा होने तक रोका जा सकता है।

  • किसी भी अगली किस्त की तारीख के लिए आधिकारिक घोषणा की पुष्टि जरूरी है।

योजना का उद्देश्य

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का उद्देश्य पात्र भूमिधारक किसान परिवारों को कृषि और घरेलू जरूरतों के लिए सीमित लेकिन नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। इससे किसान बीज, खाद, कृषि सामग्री और अन्य आवश्यक खर्चों के लिए कुछ वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

यह सहायता खेती की पूरी लागत का विकल्प नहीं है और न ही सभी किसानों को स्वतः मिलती है। इसका लाभ निर्धारित पात्रता और सत्यापन की शर्तें पूरी करने वाले किसान परिवारों को मिलता है।

 

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न 1: PM किसान सम्मान निधि योजना में सालाना कितने रुपये मिलते हैं?

उत्तर: पात्र किसान परिवार को एक साल में ₹6,000 मिलते हैं। यह राशि ₹2,000 की तीन किस्तों में सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।

प्रश्न 2: PM किसान की अगली किस्त कब आएगी?

उत्तर: अगली किस्त की तारीख आधिकारिक घोषणा होने के बाद ही निश्चित मानी जानी चाहिए। सामान्य तौर पर योजना में तीन किस्तें अप्रैल–जुलाई, अगस्त–नवंबर और दिसंबर–मार्च की अवधियों में दी जाती हैं।

प्रश्न 3: PM किसान की 23वीं किस्त कब जारी हुई?

उत्तर: आधिकारिक PM-KISAN पोर्टल के अनुसार 23वीं किस्त 20 जून 2026 को जारी की गई थी।

प्रश्न 4: बिहार में PM किसान योजना का लाभ कौन ले सकता है?

उत्तर: बिहार के वे किसान परिवार पात्र हो सकते हैं जिनके पास योजना के नियमों के अनुसार खेती योग्य भूमि का रिकॉर्ड है और जो अन्य पात्रता एवं अपवर्जन शर्तें पूरी करते हैं।

प्रश्न 5: PM किसान का स्टेटस मोबाइल से कैसे देखें?

उत्तर: मोबाइल ब्राउज़र में आधिकारिक PM-KISAN पोर्टल खोलें, Know Your Status विकल्प चुनें और पंजीकरण संख्या तथा माँगी गई सत्यापन जानकारी दर्ज करके भुगतान की स्थिति देखें।

प्रश्न 6: PM किसान e-KYC नहीं हुई तो क्या किस्त रुक सकती है?

उत्तर: हाँ। e-KYC अनिवार्य है। यदि e-KYC या अन्य आवश्यक सत्यापन लंबित है, तो भुगतान प्रभावित हो सकता है।

प्रश्न 7: क्या PM किसान की किस्त पाने के लिए आधार कार्ड जरूरी है?

उत्तर: आधार आधारित पहचान और प्रमाणीकरण योजना की महत्वपूर्ण शर्तों में शामिल हैं। आवेदन और भुगतान के लिए पोर्टल पर निर्धारित आधार-संबंधी आवश्यकताएँ पूरी करनी होती हैं।

प्रश्न 8: PM किसान का पैसा खाते में क्यों नहीं आया?

उत्तर: e-KYC अधूरी होने, भूमि रिकॉर्ड का सत्यापन लंबित होने, बैंक विवरण में गलती, आधार सीडिंग की समस्या, पात्रता की जाँच या भुगतान प्रक्रिया में देरी के कारण राशि नहीं आ सकती। पहले Know Your Status में कारण जाँचें।

प्रश्न 9: क्या पति और पत्नी दोनों को PM किसान के ₹6,000 मिल सकते हैं?

उत्तर: सामान्यतः योजना में परिवार को एक इकाई माना जाता है, जिसमें पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे शामिल हैं। एक ही परिवार के कई सदस्यों द्वारा अलग-अलग लाभ लेने पर जाँच या रोक लग सकती है।

प्रश्न 10: क्या जमीन कम होने पर भी PM किसान का लाभ मिलता है?

उत्तर: योजना में सहायता की राशि जमीन के आकार के अनुसार अलग-अलग नहीं होती। पात्रता भूमि रिकॉर्ड और अन्य नियमों पर निर्भर करती है; पात्र किसान परिवार को निर्धारित ₹6,000 सालाना सहायता मिल सकती है।

प्रश्न 11: क्या सरकारी कर्मचारी के परिवार को PM किसान योजना का लाभ मिलता है?

उत्तर: योजना के नियमों के अनुसार कुछ वर्तमान और पूर्व सरकारी कर्मचारियों तथा अन्य निर्धारित श्रेणियों को अपात्र माना जाता है। कुछ अपवाद भी हैं, इसलिए परिवार की स्थिति के अनुसार आधिकारिक पात्रता नियमों की जाँच जरूरी है।

प्रश्न 12: PM किसान योजना में नया आवेदन कैसे करें?

उत्तर: आधिकारिक PM-KISAN पोर्टल के Farmers Corner में New Farmer Registration विकल्प के माध्यम से आवश्यक जानकारी भरकर आवेदन शुरू किया जा सकता है। आवेदन जमा करने के बाद उसका स्टेटस जाँचते रहें।

प्रश्न 13: क्या आयकर देने वाला किसान PM किसान का लाभ ले सकता है?

उत्तर: पिछले निर्धारित आकलन वर्ष में आयकर का भुगतान करने वाले व्यक्ति योजना की अपात्र श्रेणी में आते हैं। पात्रता की अंतिम पुष्टि आधिकारिक दिशानिर्देशों के अनुसार की जानी चाहिए।

प्रश्न 14: क्या बिहार में Farmer ID के बिना PM किसान की किस्त मिल सकती है?

उत्तर: Farmer ID से संबंधित राज्य-स्तरीय निर्देश समय और प्रक्रिया के अनुसार बदल सकते हैं। किसान अपने जिले के कृषि विभाग से पुष्टि करें कि उनके मामले में Farmer ID जरूरी है या नहीं।

प्रश्न 15: क्या PM किसान की राशि बैंक खाते में सीधे आती है?

उत्तर: हाँ। योजना की सहायता राशि DBT के माध्यम से लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। भुगतान की वास्तविक स्थिति पोर्टल पर जाँची जा सकती है।

प्रश्न 16: PM किसान योजना की शिकायत कहाँ करें?

उत्तर: आधिकारिक PM-KISAN पोर्टल के Helpdesk विकल्प या संबंधित कृषि विभाग के माध्यम से शिकायत दर्ज की जा सकती है। शिकायत करते समय पंजीकरण संख्या और भुगतान संबंधी विवरण तैयार रखें।

प्रश्न 17: क्या PM किसान योजना 2026 में बंद हो रही है?

उत्तर: उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार योजना को वित्त वर्ष 2026–27 से 2030–31 तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है। इसलिए योजना बंद होने के दावे को आधिकारिक पुष्टि के बिना सही न मानें।