कृषि विभाग, बिहार सरकार
बिहार कृषि यांत्रिकीकरण योजना 2026-27 — कृषि यंत्रों पर 40% से 80% तक अनुदान
विवरण
बिहार कृषि यांत्रिकीकरण योजना 2026-27 राज्य के कृषि विभाग की एक बड़ी योजना है, जिसका मक़सद खेती को आधुनिक बनाना और किसानों की मेहनत व लागत कम करना है। यह चौथे कृषि रोड मैप का हिस्सा है, और इसके लिए सरकार ने कुल ₹236.58 करोड़ का बजट तय किया है।
योजना के तहत किसानों को ट्रैक्टर, पावर टिलर, रोटावेटर, सीड ड्रिल, पैडी ट्रांसप्लांटर, रीपर, थ्रेसर, स्प्रेयर जैसे 86 प्रकार के कृषि यंत्रों की खरीद पर अनुदान (सब्सिडी) दिया जाता है। इसके अलावा राज्यभर में 267 कस्टम हायरिंग सेंटर, 38 कृषि यंत्र बैंक, 200 स्पेशल कस्टम हायरिंग सेंटर और 480 किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर भी स्थापित किए जाएंगे, ताकि जिन किसानों के पास खुद का यंत्र खरीदने के पैसे नहीं हैं, वे किराए पर भी मशीन ले सकें।
आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है — पहले किसान को कृषि विभाग के DBT पोर्टल पर पंजीकरण कराना होता है, फिर संबंधित पोर्टल पर जाकर यंत्र के लिए आवेदन करना होता है। सब्सिडी की राशि सीधे किसान के आधार-लिंक बैंक खाते में DBT के ज़रिए भेजी जाती है।
लाभ
- 86 प्रकार के कृषि यंत्रों (ट्रैक्टर, पावर टिलर, रोटावेटर, सीड ड्रिल, थ्रेसर, रीपर, स्प्रेयर आदि) पर 40% से 80% तक अनुदान
- अनुदान की सटीक दर यंत्र, योजना की श्रेणी (component) और किसान की श्रेणी के अनुसार अलग-अलग होती है — हर यंत्र पर एक जैसा 80% नहीं मिलता
- सब्सिडी की राशि सीधे बैंक खाते में DBT के ज़रिए, बिना किसी बिचौलिये के
- जिन किसानों के पास खुद यंत्र खरीदने के साधन नहीं, वे कस्टम हायरिंग सेंटर या कृषि यंत्र बैंक से किराए पर मशीन ले सकते हैं
- किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर के ज़रिए ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीक तक भी पहुंच
- मजदूरी और खेती की लागत में कमी, समय की बचत
ध्यान रखें: "80% तक सब्सिडी" का मतलब यह नहीं कि हर यंत्र पर 80% मिलेगा — यह अधिकतम सीमा है। असली अनुदान यंत्र, category और अधिकतम तय राशि पर निर्भर करता है।
पात्रता
- आवेदक बिहार का किसान होना चाहिए और कृषि विभाग के DBT Agriculture पोर्टल पर किसान पंजीकरण (Farmer Registration) होना ज़रूरी है
- पंजीकरण के बाद मिलने वाला 13 अंकों का किसान पंजीकरण नंबर आवेदन के लिए ज़रूरी है
- आधार से लिंक बैंक खाता होना अनिवार्य है, क्योंकि सब्सिडी DBT से ही आती है
- रैयत (जिनके पास खुद की जमीन है) और गैर-रैयत — दोनों तरह के किसान पंजीकरण करा सकते हैं, लेकिन कुछ यंत्रों के लिए ज़मीन से जुड़े दस्तावेज़ अलग से मांगे जा सकते हैं
- FPO, SHG (स्वयं सहायता समूह) या PACS जैसे समूह भी कुछ यंत्रों के लिए ग्रुप में आवेदन कर सकते हैं
- सिर्फ आवेदन करने से लाभ मिलना तय नहीं — उपलब्ध लक्ष्य के आधार पर ऑनलाइन लॉटरी/चयन प्रक्रिया से लाभार्थी चुने जाते हैं
आवेदन प्रक्रिया
स्टेप 1 — किसान पंजीकरण (सबसे पहले ज़रूरी):
- बिहार कृषि विभाग के DBT Agriculture पोर्टल पर जाएं।
- "किसान पंजीकरण" विकल्प चुनें और आधार वेरिफिकेशन पूरा करें।
- मोबाइल OTP से वेरिफिकेशन पूरा करें।
- पंजीकरण के बाद मिलने वाला 13 अंकों का रजिस्ट्रेशन नंबर संभालकर रखें — इसी से आगे आवेदन होगा।
स्टेप 2 — यंत्र के लिए आवेदन:
5. कृषि यांत्रिकीकरण (Farm Mechanization / OFMAS) पोर्टल पर जाएं।
6. योजना का विकल्प चुनें और अपना किसान पंजीकरण नंबर डालें।
7. जिस यंत्र की ज़रूरत है (ट्रैक्टर, थ्रेसर, स्प्रेयर आदि) उसे ध्यान से चुनें।
8. मांगी गई सारी जानकारी और दस्तावेज़ भरें/अपलोड करें।
9. एक बार सब कुछ जांचकर फॉर्म सबमिट करें।
10. मिलने वाला Application Number/Acknowledgement ज़रूर संभालकर रखें — बाद में स्टेटस चेक करने में काम आएगा।
स्टेप 3 — चयन के बाद:
11. चयन होने पर विभाग द्वारा बताए गए अनुमोदित डीलर और मॉडल से ही यंत्र खरीदें (खुद से पहले खरीद न करें, वरना सब्सिडी अटक सकती है)।
12. खरीद का बिल, रसीद और अन्य कागज़ात संभालकर रखें — विभागीय सत्यापन के बाद सब्सिडी DBT से खाते में आती है।
आवश्यक दस्तावेज़
- आधार कार्ड
- किसान पंजीकरण नंबर (Farmer Registration Number)
- आधार से लिंक मोबाइल नंबर
- बैंक पासबुक (आधार से लिंक)
- ज़मीन से जुड़ा दस्तावेज़ — LPC, जमाबंदी या रसीद (जहां यंत्र के हिसाब से ज़रूरी हो)
- पासपोर्ट साइज़ फोटो (मांगे जाने पर)
- जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो, आरक्षण श्रेणी के लिए)
- समूह में आवेदन कर रहे हैं तो FPO/SHG/PACS से जुड़े दस्तावेज़ और संस्था का PAN