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शिक्षा विभाग, बिहार सरकार

मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना 2026 — बेटियों को जन्म से स्नातक तक ₹94,000 तक की मदद

NEW State scheme छात्रवृत्ति बेटी

Overview

मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना बिहार सरकार की सबसे बड़ी बेटी-केंद्रित योजना है। इसकी शुरुआत साल 2018 में हुई थी। योजना का मक़सद आसान है — बेटी के जन्म से लेकर उसकी पढ़ाई पूरी होने तक, हर ज़रूरी पड़ाव पर परिवार को आर्थिक मदद मिलती रहे, ताकि कोई भी बेटी पैसों की कमी की वजह से पीछे न रह जाए।

इस योजना के पीछे तीन बड़ी सोच है। पहली — बेटी के जन्म को बोझ नहीं, ख़ुशी की बात बनाना। दूसरी — बाल विवाह रोकना और बेटियों को कम से कम स्नातक तक पढ़ाना। तीसरी — लड़कियों को आगे चलकर अपने पैरों पर खड़ा होने लायक बनाना।

योजना का पैसा अलग-अलग चरणों में मिलता है — जन्म पर, टीकाकरण पूरा होने पर, स्कूल में दाख़िले पर, और फिर 10वीं, 12वीं व स्नातक पास करने पर। पूरी राशि सीधे लाभार्थी या अभिभावक के आधार-लिंक बैंक खाते में DBT के ज़रिए भेजी जाती है, बीच में कोई बिचौलिया नहीं आता।

शुरुआती चरण (जन्म से 2 साल तक) आंगनबाड़ी और समाज कल्याण विभाग के ज़रिए चलते हैं, जबकि पढ़ाई से जुड़े चरण (10वीं, 12वीं, स्नातक) शिक्षा विभाग के मेधा सॉफ्ट पोर्टल से ऑनलाइन चलते हैं। आवेदन पूरी तरह मुफ़्त है — किसी एजेंट या दुकान को पैसे देने की ज़रूरत नहीं।

Benefits

योजना में बेटी को अलग-अलग पड़ाव पर अलग-अलग राशि मिलती है। नीचे दिए आँकड़े प्रचलित जानकारी के आधार पर हैं — आवेदन से पहले आधिकारिक पोर्टल पर एक बार ज़रूर पुष्टि कर लें, क्योंकि राशि और नियम समय-समय पर बदलते रहते हैं।

जन्म और शुरुआती वर्ष (आंगनबाड़ी के माध्यम से):

  • बेटी के जन्म पर — लगभग ₹2,000
  • एक वर्ष पूरा होने और जन्म पंजीकरण पर — लगभग ₹1,000
  • दो वर्ष पूरा होने और पूर्ण टीकाकरण पर — लगभग ₹2,000

स्कूल के दौरान:

  • पहली कक्षा में दाख़िले पर — लगभग ₹600
  • सातवीं कक्षा में दाख़िले पर — लगभग ₹1,000
  • पोशाक (यूनिफ़ॉर्म) के लिए कक्षा अनुसार सालाना राशि
  • कक्षा 7 से 12 तक सैनिटरी नैपकिन के लिए अलग सालाना राशि

बड़ी प्रोत्साहन राशि:

  • 10वीं पास करने पर — लगभग ₹10,000
  • 12वीं पास करने पर — लगभग ₹25,000
  • स्नातक (ग्रेजुएशन) पूरा करने पर — ₹50,000 एकमुश्त

सभी चरण मिलाकर एक बेटी पर लगभग ₹94,000 तक की मदद बनती है। पूरी राशि DBT से सीधे बैंक खाते में आती है — इसलिए खाते का आधार से लिंक (सीडिंग) होना सबसे ज़रूरी शर्त है। खाता आधार से लिंक नहीं है तो पैसा अटक जाएगा, चाहे आवेदन सही ही क्यों न हो।

Eligibility

  • आवेदिका बिहार राज्य की मूल निवासी होनी चाहिए।
  • योजना का लाभ केवल बेटियों को मिलता है — लड़कों के लिए यह योजना नहीं है।
  • सामान्य तौर पर एक परिवार की अधिकतम दो बेटियों को लाभ दिया जाता है (यह शर्त चरण के अनुसार लागू होती है — पोर्टल पर पुष्टि करें)।
  • स्कूल वाले चरणों के लिए बेटी का सरकारी या मान्यता प्राप्त विद्यालय में पढ़ना ज़रूरी है।
  • 10वीं और 12वीं की राशि के लिए बिहार बोर्ड या मान्यता प्राप्त बोर्ड से परीक्षा पास होना ज़रूरी है।
  • स्नातक की ₹50,000 राशि के लिए बिहार के मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय/कॉलेज से स्नातक उत्तीर्ण होना ज़रूरी है।
  • आवेदिका के नाम से आधार-लिंक (DBT सक्रिय) बैंक खाता होना अनिवार्य है।
  • स्नातक स्तर पर वैवाहिक स्थिति की शर्त अलग-अलग वर्षों में बदली है — आवेदन से पहले उस वर्ष की आधिकारिक अधिसूचना ज़रूर पढ़ें।
  • योजना में कोई आय सीमा तय नहीं है, यानी परिवार की आमदनी इसमें रुकावट नहीं बनती।

How to apply

पढ़ाई से जुड़े चरणों (10वीं, 12वीं, स्नातक) के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया:

  1. शिक्षा विभाग, बिहार सरकार के आधिकारिक मेधा सॉफ्ट पोर्टल पर जाएँ।
  2. होम पेज पर अपनी योजना चुनें — जैसे स्नातक के लिए "मुख्यमंत्री कन्या (स्नातक) प्रोत्साहन योजना"।
  3. "Student Registration" पर क्लिक करें।
  4. नाम, आधार नंबर, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर और विश्वविद्यालय/कॉलेज की जानकारी भरें।
  5. रजिस्ट्रेशन के बाद मोबाइल पर यूज़र आईडी और पासवर्ड आएगा।
  6. उसी आईडी से लॉगिन करके मार्कशीट, आधार, बैंक पासबुक और फोटो अपलोड करें।
  7. सारी जानकारी एक बार दोबारा जाँचें, फिर "Finalize Application" पर क्लिक करें। फ़ाइनल करने के बाद सुधार का मौक़ा नहीं मिलता।
  8. आवेदन का प्रिंट आउट निकालकर अपने पास रखें।
  9. इसके बाद आपका कॉलेज/विश्वविद्यालय आवेदन का सत्यापन करता है।
  10. सत्यापन के बाद राशि DBT से सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।

जन्म से 2 वर्ष तक के चरणों के लिए: अपने क्षेत्र की आंगनबाड़ी सेविका से संपर्क करें। वहीं से फ़ॉर्म भरवाया जाता है और समाज कल्याण विभाग के ज़रिए राशि मिलती है।

स्टेटस कैसे देखें: पोर्टल पर "Application Status" विकल्प चुनें, अपना विश्वविद्यालय/संस्थान चुनें, रजिस्ट्रेशन नंबर डालें और मोबाइल पर आए OTP से लॉगिन करें। स्टेटस में Pending, Verified, Rejected या Payment Done दिख जाएगा।

ध्यान रखें: आवेदन 100% मुफ़्त है। कोई भी व्यक्ति या दुकान आवेदन के नाम पर पैसे माँगे तो न दें।

Open official portal

Documents needed

  • आधार कार्ड (आवेदिका का)
  • जन्म प्रमाण पत्र या जन्म पंजीकरण (शुरुआती चरणों के लिए)
  • आधार से लिंक बैंक पासबुक का पहला पन्ना
  • 10वीं, 12वीं और स्नातक की मार्कशीट व प्रमाण पत्र (जिस चरण के लिए आवेदन कर रहे हैं)
  • विद्यालय/महाविद्यालय का प्रमाण पत्र या नामांकन की जानकारी
  • आवासीय (निवास) प्रमाण पत्र
  • पासपोर्ट साइज़ फोटो और हस्ताक्षर की स्कैन कॉपी
  • अभिभावक का आधार कार्ड (छोटी उम्र के चरणों में)
  • चालू मोबाइल नंबर, क्योंकि यूज़र आईडी और OTP इसी पर आते हैं

सलाह: सभी दस्तावेज़ की स्कैन कॉपी पहले से तैयार रखें। नाम की स्पेलिंग आधार, मार्कशीट और बैंक पासबुक — तीनों में एक जैसी होनी चाहिए, वरना आवेदन रिजेक्ट होने का ख़तरा रहता है।

Frequently asked questions

Q1. सवाल: मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना क्या है?

जवाब: यह बिहार सरकार की योजना है जिसमें बेटी के जन्म से लेकर स्नातक पास करने तक अलग-अलग पड़ावों पर आर्थिक मदद दी जाती है। इसकी शुरुआत 2018 में हुई थी। मक़सद है बेटियों की पढ़ाई न रुके, बाल विवाह रुके और बेटी के जन्म को परिवार बोझ न समझे। पूरी राशि सीधे बैंक खाते में DBT से आती है।

Q2. सवाल: कन्या उत्थान योजना में कुल कितने पैसे मिलते हैं?

जवाब: सभी चरण मिलाकर एक बेटी पर लगभग ₹94,000 तक की मदद बनती है। इसमें सबसे बड़ी तीन राशियाँ हैं — 10वीं पास पर लगभग ₹10,000, 12वीं पास पर लगभग ₹25,000 और स्नातक पूरा करने पर ₹50,000। बाक़ी छोटी राशियाँ जन्म, टीकाकरण, स्कूल में दाख़िले, पोशाक और सैनिटरी नैपकिन के लिए मिलती हैं। राशि समय-समय पर बदल सकती है, इसलिए आवेदन से पहले आधिकारिक पोर्टल पर एक बार देख लें।

Q3. सवाल: स्नातक पास करने पर ₹50,000 कैसे मिलते हैं?

जवाब: बिहार के मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या कॉलेज से स्नातक पास करने के बाद मेधा सॉफ्ट पोर्टल पर "मुख्यमंत्री कन्या (स्नातक) प्रोत्साहन योजना" में ऑनलाइन आवेदन करना होता है। आपका कॉलेज/विश्वविद्यालय आवेदन का सत्यापन करता है। सत्यापन के बाद ₹50,000 एकमुश्त, सीधे आपके आधार-लिंक बैंक खाते में भेजे जाते हैं।

Q4. सवाल: इस योजना के लिए कौन आवेदन कर सकता है?

जवाब: बिहार की मूल निवासी बेटियाँ। स्कूल वाले चरणों के लिए सरकारी या मान्यता प्राप्त विद्यालय में पढ़ना ज़रूरी है, और स्नातक की राशि के लिए बिहार के मान्यता प्राप्त कॉलेज से ग्रेजुएशन पास होना ज़रूरी है। आवेदिका के नाम से आधार-लिंक बैंक खाता होना अनिवार्य है। इस योजना में कोई आय सीमा नहीं है — परिवार की कमाई चाहे जितनी हो, लाभ मिल सकता है।

Q5. सवाल: क्या एक परिवार की सभी बेटियों को लाभ मिलेगा?

जवाब: आम तौर पर एक परिवार की अधिकतम दो बेटियों तक लाभ दिया जाता है। यह शर्त सभी चरणों पर एक जैसी लागू नहीं होती, इसलिए आवेदन से पहले उस चरण की आधिकारिक अधिसूचना ज़रूर पढ़ लें।

Q6. सवाल: क्या लड़कों को भी इस योजना का लाभ मिलता है?

जवाब: नहीं। मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना सिर्फ़ बेटियों के लिए है। हालाँकि 10वीं पास करने पर मिलने वाली प्रोत्साहन राशि के लिए बिहार सरकार की अलग "मुख्यमंत्री बालक/बालिका (माध्यमिक) प्रोत्साहन योजना" चलती है, जिसमें लड़के भी आते हैं।

Q7. सवाल: आवेदन ऑनलाइन कैसे करें?

जवाब: मेधा सॉफ्ट पोर्टल पर जाएँ, अपनी योजना चुनें और "Student Registration" पर क्लिक करें। नाम, आधार नंबर, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर और कॉलेज की जानकारी भरें। मोबाइल पर यूज़र आईडी और पासवर्ड आएगा। उससे लॉगिन करके मार्कशीट, आधार, बैंक पासबुक और फोटो अपलोड करें, फिर "Finalize Application" पर क्लिक करें। फ़ाइनल करने के बाद सुधार नहीं हो पाता, इसलिए पहले सब कुछ ठीक से जाँच लें।

Q8. सवाल: आवेदन की अंतिम तिथि क्या है?

जवाब: अंतिम तिथि हर साल और हर चरण के लिए अलग होती है, और कई बार बढ़ाई भी जाती है। इसलिए किसी भी तारीख़ पर भरोसा करने के बजाय सीधे मेधा सॉफ्ट पोर्टल के होम पेज पर दिख रहे नोटिस को देखें — वहाँ लिखा रहता है कि रजिस्ट्रेशन खुला है या बंद।

Q9. सवाल: आवेदन का स्टेटस कैसे चेक करें?

जवाब: पोर्टल पर "Application Status" विकल्प चुनें, अपना विश्वविद्यालय या संस्थान चुनें, रजिस्ट्रेशन नंबर डालें और रजिस्टर्ड मोबाइल पर आए OTP से लॉगिन करें। स्टेटस में Pending, Verified, Rejected या Payment Done में से कुछ दिखेगा। "Payment Done" का मतलब है राशि भेजी जा चुकी है।

Q10. सवाल: स्टेटस में "Payment Done" दिख रहा है पर खाते में पैसा नहीं आया, क्या करें?

जवाब: सबसे पहले अपनी बैंक पासबुक अपडेट कराएँ या स्टेटमेंट देखें — कई बार पैसा आ चुका होता है और SMS नहीं आता। अगर सच में नहीं आया है तो 99% मामलों में वजह एक ही होती है — बैंक खाता आधार से लिंक (DBT सक्रिय) नहीं है, या खाता बंद/निष्क्रिय हो गया है। अपनी बैंक शाखा जाकर आधार सीडिंग करवाएँ, फिर अपने कॉलेज के नोडल अधिकारी से संपर्क करें।

Q11. सवाल: आधार से बैंक खाता लिंक (DBT) है या नहीं, कैसे पता करें?

जवाब: अपनी बैंक शाखा में जाकर पूछ सकते हैं, या NPCI की वेबसाइट पर आधार नंबर डालकर "Aadhaar Mapped Status" देख सकते हैं। ध्यान रहे — खाते में आधार नंबर सिर्फ़ जुड़ा होना काफ़ी नहीं है, उसका "DBT सीडिंग" होना ज़रूरी है। ये दोनों अलग चीज़ें हैं और यहीं ज़्यादातर लोगों का पैसा अटकता है।

Q12. सवाल: क्या आवेदन के लिए कोई फीस या पैसे देने पड़ते हैं?

जवाब: नहीं, आवेदन पूरी तरह मुफ़्त है। अगर कोई एजेंट, साइबर कैफ़े या कोई व्यक्ति "फॉर्म भरवाने" या "पैसा दिलवाने" के नाम पर रकम माँगे तो न दें। ऐसी शिकायत अपने कॉलेज के नोडल अधिकारी या ज़िला शिक्षा कार्यालय में करें।

Q13. सवाल: क्या विवाहित लड़कियाँ भी स्नातक वाली राशि के लिए आवेदन कर सकती हैं?

जवाब: इस शर्त में अलग-अलग वर्षों में बदलाव हुआ है — पहले अविवाहित होना ज़रूरी था, बाद की कुछ अधिसूचनाओं में यह शर्त हटने की जानकारी सामने आई है। चूँकि यह नियम बदलता रहता है, आवेदन से पहले उस वर्ष की आधिकारिक अधिसूचना या अपने कॉलेज के नोडल अधिकारी से पुष्टि ज़रूर कर लें।

Q14. सवाल: जन्म और छोटी उम्र वाली राशि कैसे मिलती है?

जवाब: जन्म से दो साल तक के चरण ऑनलाइन नहीं, आंगनबाड़ी के ज़रिए चलते हैं। अपने क्षेत्र की आंगनबाड़ी सेविका से संपर्क करें। वहीं फ़ॉर्म भरवाया जाता है और समाज कल्याण विभाग से राशि भेजी जाती है। इसके लिए बेटी का जन्म पंजीकरण और पूर्ण टीकाकरण होना ज़रूरी है।

Q15. सवाल: आवेदन रिजेक्ट हो जाए तो क्या करें?

जवाब: पहले पोर्टल पर रिजेक्शन की वजह देखें। सबसे आम वजहें हैं — आधार और मार्कशीट में नाम की स्पेलिंग अलग होना, गलत बैंक खाता नंबर, धुँधला अपलोड किया गया दस्तावेज़, या कॉलेज से सत्यापन न होना। वजह ठीक करके अगली विंडो में दोबारा आवेदन किया जा सकता है। इसमें अपने कॉलेज के नोडल अधिकारी की मदद लें।