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शिक्षा विभाग, बिहार सरकार (मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना / 7 निश्चय के तहत)

बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना — उच्च शिक्षा के लिए ₹4 लाख तक बिना ब्याज का शिक्षा ऋण

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शुरू हुई 2 सितंबर 2016

विवरण

बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना बिहार सरकार की एक बेहद लोकप्रिय शिक्षा ऋण योजना है, जिसकी शुरुआत 2 अक्टूबर 2016 को "मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना" (7 निश्चय) के तहत की गई थी। इसका मक़सद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी मेधावी छात्र सिर्फ पैसों की कमी की वजह से उच्च शिक्षा से वंचित न रहे।

इस योजना के तहत पात्र छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा (स्नातक से लेकर पेशेवर कोर्स तक) के लिए अधिकतम ₹4 लाख तक का शिक्षा ऋण दिया जाता है। इस ऋण के लिए किसी अलग गारंटर की ज़रूरत नहीं होती — राज्य सरकार खुद इसकी गारंटर होती है।

सबसे बड़ा अपडेट (2025-26): पहले यह ऋण सामान्य छात्रों के लिए 4% और महिला/दिव्यांग/ट्रांसजेंडर छात्रों के लिए 1% ब्याज पर मिलता था। अब नए प्रावधान के अनुसार यह ऋण पूरी तरह ब्याज-मुक्त (0%) कर दिया गया है — यानी छात्र को सिर्फ जितना पैसा लिया है, उतना ही वापस करना है, कोई ब्याज नहीं।

इस योजना में BA, BSc, BTech, MBBS, MBA, Law, Polytechnic, Nursing, Engineering, Management सहित 40 से अधिक मान्यता प्राप्त कोर्सों के लिए ऋण मिल सकता है — बशर्ते संस्थान AICTE, UGC, NAAC-A, NBA या NIRF से मान्यता प्राप्त हो।

 

लाभ

  • उच्च शिक्षा के लिए अधिकतम ₹4,00,000 तक का शिक्षा ऋण
  • ऋण पूरी तरह ब्याज-मुक्त (0%) — सिर्फ मूल राशि चुकानी है
  • कोई अलग गारंटर नहीं चाहिए, राज्य सरकार खुद गारंटर
  • 40+ कोर्सों (इंजीनियरिंग, मेडिकल, मैनेजमेंट, लॉ, पॉलिटेक्निक, नर्सिंग आदि) के लिए ऋण उपलब्ध
  • कॉलेज फीस, हॉस्टल शुल्क, किताबें, लैपटॉप जैसे शैक्षणिक खर्च इसमें शामिल किए जा सकते हैं
  • कोर्स पूरा होने के बाद ही किस्त चुकानी शुरू होती है (मोरेटोरियम पीरियड)
  • लंबी और आसान किस्तों में चुकौती — ₹2 लाख तक के ऋण पर 7 साल (84 किस्तें), ₹2 लाख से ज़्यादा पर 10 साल (120 किस्तें)
  • समय से पहले लोन चुकाने पर कोई पेनल्टी नहीं

 

पात्रता

  • आवेदक बिहार का स्थायी निवासी होना चाहिए
  • स्नातक (UG) कोर्स के लिए अधिकतम आयु 25 वर्ष
  • स्नातकोत्तर (PG) या समकक्ष कोर्स के लिए अधिकतम आयु 30 वर्ष
  • सामान्य डिग्री कोर्स के लिए 12वीं पास होना ज़रूरी
  • पॉलिटेक्निक कोर्स के लिए 10वीं पास होना ज़रूरी
  • किसी मान्यता प्राप्त संस्थान (AICTE/UGC/NAAC-A/NBA/NIRF) में एडमिशन होना चाहिए
  • कोई निश्चित आय-सीमा नहीं है, लेकिन शिक्षा ऋण की वास्तविक ज़रूरत दिखानी होती है
  • ऋण मंज़ूर होने के बाद संबंधित कोर्स सफलतापूर्वक पूरा करना अनिवार्य है

 

आवेदन प्रक्रिया

स्टेप 1 — ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन:

  1. आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर "New Applicant Registration" पर क्लिक करें।
  2. रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरकर सबमिट करें — इससे आपकी Login ID और Password मिलेगी, इसे संभालकर रखें।

स्टेप 2 — लॉगिन और आवेदन:
3. मिली हुई ID-Password से लॉगिन करें और पासवर्ड रीसेट करें।
4. दोबारा लॉगिन करने के बाद ऑनलाइन आवेदन फॉर्म खुलेगा — इसे ध्यान से भरें।
5. सभी ज़रूरी दस्तावेज़ स्कैन करके अपलोड करें और फॉर्म सबमिट करें।

स्टेप 3 — DRCC सत्यापन (अनिवार्य):
6. ऑनलाइन आवेदन के बाद आपको तय तारीख पर अपने ज़िले के DRCC (District Registration cum Counselling Centre) पर सह-आवेदक (आमतौर पर माता-पिता) के साथ खुद उपस्थित होना होगा।
7. वहां सभी दस्तावेज़ों की मूल प्रति और फोटोकॉपी की जांच होगी, साथ ही बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट व फोटो) वेरिफिकेशन होगा।
8. ध्यान रखें: DRCC पर तय तारीख पर न पहुंचने पर आवेदन रद्द हो सकता है।

9. सत्यापन पूरा होने के बाद आवेदन बैंक और शिक्षा विभाग को भेजा जाता है, जहां से ऋण स्वीकृति और वितरण होता है।

 

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आवश्यक दस्तावेज़

  • आधार कार्ड
  • पैन कार्ड
  • 10वीं और 12वीं की मार्कशीट व प्रमाण पत्र
  • कॉलेज/संस्थान का एडमिशन प्रूफ (एडमिशन लेटर)
  • फीस स्ट्रक्चर
  • निवास प्रमाण पत्र
  • आय प्रमाण पत्र
  • जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
  • बैंक पासबुक और पिछले 6 महीने का बैंक स्टेटमेंट
  • पासपोर्ट साइज़ फोटो
  • सक्रिय मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी

 

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1. सवाल: बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना क्या है?

जवाब: यह बिहार सरकार की एक शिक्षा ऋण योजना है, जिसके तहत राज्य के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए अधिकतम ₹4 लाख तक का ऋण दिया जाता है, ताकि पैसों की कमी की वजह से किसी की पढ़ाई न रुके।

Q2. सवाल: क्या इस ऋण पर ब्याज लगता है?

जवाब: नहीं, 2025-26 के नए अपडेट के अनुसार अब यह ऋण पूरी तरह ब्याज-मुक्त (0%) है। पहले सामान्य छात्रों के लिए 4% और महिला/दिव्यांग/ट्रांसजेंडर छात्रों के लिए 1% ब्याज लगता था, अब यह सबके लिए बराबर और मुफ़्त है।

Q3. सवाल: इस योजना के लिए उम्र-सीमा क्या है?

जवाब: स्नातक (UG) कोर्स के लिए अधिकतम आयु 25 वर्ष और स्नातकोत्तर (PG) या समकक्ष कोर्स के लिए अधिकतम आयु 30 वर्ष तय है।

Q4. सवाल: कौन-कौन से कोर्स के लिए ऋण मिलता है?

जवाब: BA, BSc, BTech, MBBS, MBA, Law, Polytechnic, Nursing, Engineering, Management सहित 40 से अधिक मान्यता प्राप्त कोर्सों के लिए ऋण मिल सकता है, बशर्ते संस्थान AICTE, UGC, NAAC-A, NBA या NIRF से मान्यता प्राप्त हो।

Q5. सवाल: क्या इस योजना के लिए कोई गारंटर चाहिए?

जवाब: नहीं, इस योजना में अलग से किसी गारंटर की ज़रूरत नहीं है — राज्य सरकार खुद इसकी गारंटर होती है।

आवेदन कैसे करें?

जवाब: आधिकारिक वेबसाइट 7nishchay-yuvaupmission.bihar.gov.in पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होता है, फिर लॉगिन करके आवेदन फॉर्म भरना होता है। इसके अलावा DRCC (District Registration cum Counselling Centre) कार्यालय जाकर भी आवेदन में मदद ली जा सकती है।

Q7. DRCC क्या है और वहां जाना क्यों ज़रूरी है?

जवाब: DRCC यानी District Registration cum Counselling Centre वह जगह है जहां ऑनलाइन आवेदन के बाद छात्र को सह-आवेदक (आमतौर पर माता-पिता) के साथ खुद जाकर दस्तावेज़ों का सत्यापन और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन कराना होता है। यह अनिवार्य कदम है — इसके बिना आवेदन आगे नहीं बढ़ता।

Q8. अगर DRCC पर तय तारीख पर न पहुंच पाएं तो क्या होगा?

जवाब: अगर आवेदक तय तारीख पर DRCC केंद्र पर उपस्थित नहीं होता, तो उसका आवेदन रद्द किया जा सकता है। इसलिए समय पर DRCC विज़िट करना और सभी दस्तावेज़ साथ ले जाना ज़रूरी है।

Q9. ऋण चुकाना कब से शुरू करना होता है?

जवाब: कोर्स पूरा होने के 1 साल बाद या नौकरी मिलने के 6 महीने बाद (जो भी पहले हो) से किस्तें शुरू होती हैं। इस बीच के समय को मोरेटोरियम पीरियड कहा जाता है।

Q10. कितने साल में और कैसे ऋण चुकाना होता है?

जवाब: ₹2 लाख तक के ऋण पर 7 साल (84 किस्तें) और ₹2 लाख से ज़्यादा (₹4 लाख तक) के ऋण पर 10 साल (120 किस्तें) की चुकौती अवधि तय है।