समाज कल्याण विभाग, बिहार सरकार
ICDS Training Programme (आईसीडीएस प्रशिक्षण कार्यक्रम)
Overview
ICDS Training Programme (आईसीडीएस प्रशिक्षण कार्यक्रम) आंगनवाड़ी सेवाओं से जुड़े कार्यकर्ताओं एवं संबंधित कार्यबल की क्षमता निर्माण और कौशल विकास से संबंधित प्रशिक्षण व्यवस्था है। इसका उद्देश्य आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से प्रदान की जाने वाली पोषण, प्रारंभिक बाल देखभाल एवं शिक्षा तथा स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं की गुणवत्ता और प्रभावशीलता को बेहतर बनाना है।
Integrated Child Development Services (ICDS) वर्ष 1975 में शुरू की गई थी। वर्तमान में Anganwadi Services को Mission Saksham Anganwadi & Poshan 2.0 के अंतर्गत पुनर्गठित एवं समाहित किया गया है। इसलिए वर्तमान सरकारी संदर्भ में आंगनवाड़ी प्रशिक्षण को Mission Saksham Anganwadi & Poshan 2.0 के capacity building framework के अंतर्गत समझना अधिक उपयुक्त है।
प्रशिक्षण व्यवस्था का उद्देश्य Anganwadi Workers (AWWs), Anganwadi Helpers (AWHs), Supervisors और Child Development Project Officers (CDPOs) जैसे functionaries को उनके कार्य से संबंधित आवश्यक ज्ञान, कौशल और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना है। प्रशिक्षण में पोषण, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा, बच्चों की वृद्धि एवं विकास की निगरानी, समुदाय से जुड़ाव तथा आंगनवाड़ी सेवाओं के प्रभावी संचालन जैसे विषय शामिल हो सकते हैं।
सरकारी प्रशिक्षण guidelines के अनुसार नव नियुक्त या पदोन्नत functionaries के लिए induction training तथा job training की व्यवस्था की गई है। Anganwadi Workers, Supervisors और CDPOs के लिए उनकी भूमिका के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण के बाद field-level handholding, supervision और feedback के माध्यम से सीखे गए कौशल को दैनिक कार्यों में लागू करने पर भी जोर दिया जाता है।
Anganwadi training में केवल classroom theory पर ही निर्भर नहीं किया जाता। सरकारी guidelines में participatory methodology, practical activities, games और exercises के माध्यम से learning को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया है। आवश्यकता के अनुसार residential और off-site training तथा नियमित capacity-building activities भी आयोजित की जा सकती हैं।
Mission Saksham Anganwadi & Poshan 2.0 के अंतर्गत early childhood care and education, nutrition support, Anganwadi infrastructure और Poshan Abhiyaan जैसे प्रमुख क्षेत्रों को एकीकृत किया गया है। इसलिए वर्तमान प्रशिक्षण व्यवस्था का व्यापक उद्देश्य केवल ICDS की पुरानी प्रक्रियाओं तक सीमित न होकर Anganwadi services को अधिक प्रभावी, ज्ञान-आधारित और child-centric बनाना है।
यह कार्यक्रम आम नागरिकों के लिए प्रत्यक्ष नकद सहायता या छात्रवृत्ति योजना नहीं है। प्रशिक्षण की पात्रता मुख्य रूप से संबंधित Anganwadi/departmental functionary के पद, नियुक्ति, पदोन्नति और विभागीय प्रशिक्षण आवश्यकता पर निर्भर करती है। प्रशिक्षण का आयोजन निर्धारित सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों, Anganwadi Training Centres (AWTCs), Middle Level Training Centres (MLTCs) या अन्य अधिकृत प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से किया जा सकता है।
Benefits
ICDS/आंगनवाड़ी प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रमुख लाभ:
- आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की कार्यक्षमता और कौशल में सुधार।
- बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं की बेहतर समझ।
- प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा से संबंधित क्षमता का विकास।
- बच्चों की वृद्धि एवं विकास की निगरानी में बेहतर दक्षता।
- पोषण एवं स्वास्थ्य जागरूकता को समुदाय तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में सहायता।
- आंगनवाड़ी केंद्रों की सेवाओं के बेहतर संचालन में सहायता।
- प्रशिक्षण के माध्यम से practical और field-level problem solving skills का विकास।
- Supervisors और CDPOs के माध्यम से field-level supervision एवं support को मजबूत करना।
- नियमित capacity building के माध्यम से functionaries के confidence और performance में सुधार।
- Mission Saksham Anganwadi & Poshan 2.0 के objectives को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने में सहायता।
Official guidelines regular capacity building, handholding और feedback पर जोर देती हैं।
Eligibility
ICDS/आंगनवाड़ी प्रशिक्षण कार्यक्रम की पात्रता आम नागरिकों के लिए सामान्य आवेदन आधारित नहीं है। प्रशिक्षण मुख्य रूप से Anganwadi Services/Mission Saksham Anganwadi & Poshan 2.0 से जुड़े functionaries के लिए आयोजित किया जाता है।
प्रशिक्षण में निम्न प्रकार के functionaries शामिल हो सकते हैं:
- Anganwadi Worker (AWW)
- Anganwadi Helper (AWH)
- Anganwadi Supervisor
- Child Development Project Officer (CDPO)
- संबंधित विभागीय अधिकारी/प्रशिक्षक
- अन्य पात्र functionaries, जिन्हें विभागीय प्रशिक्षण के लिए नामित किया जाए।
प्रशिक्षण का प्रकार संबंधित कर्मचारी की नियुक्ति, पदोन्नति, भूमिका और विभागीय आवश्यकता के अनुसार निर्धारित किया जाता है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए पूरे अभियान/कार्यक्रम पर लागू एक समान दस्तावेज सूची निर्धारित नहीं है। संबंधित functionary की नियुक्ति, पद, प्रशिक्षण नामांकन और विभागीय प्रक्रिया के अनुसार आवश्यक कर्मचारी/सेवा संबंधी विवरण मांगे जा सकते हैं।
यदि किसी विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए अलग से नामांकन या दस्तावेज आवश्यक हों, तो संबंधित विभाग/प्रशिक्षण संस्था द्वारा इसकी जानकारी दी जाती है।
How to apply
ICDS Training Programme के लिए सामान्य नागरिकों की तरह अलग से सामान्य ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया नहीं होती।
आमतौर पर प्रक्रिया इस प्रकार होती है:
- संबंधित ICDS/आंगनवाड़ी कर्मचारी की पहचान विभागीय स्तर पर की जाती है।
- संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए पात्र कर्मचारियों का चयन/नामांकन किया जाता है।
- प्रशिक्षण की तारीख और स्थान की जानकारी संबंधित विभाग या प्रशिक्षण केंद्र द्वारा दी जाती है।
- कर्मचारी निर्धारित प्रशिक्षण केंद्र पर प्रशिक्षण में भाग लेते हैं।
- प्रशिक्षण में निर्धारित पाठ्यक्रम और मॉड्यूल पूरे किए जाते हैं।
- आवश्यकता के अनुसार मूल्यांकन/प्रशिक्षण पूर्णता की प्रक्रिया की जाती है।
- संबंधित कर्मचारी अपने कार्यक्षेत्र में प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी का उपयोग करते हैं।
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यह सामान्य public application वाली योजना नहीं है। प्रशिक्षण में नामांकन या चयन संबंधित विभाग की training requirement और departmental process के अनुसार किया जाता है।
नव नियुक्त या पदोन्नत functionaries को उनकी भूमिका के अनुसार induction अथवा job training के लिए नामित किया जा सकता है। Training का आयोजन Government-run Anganwadi Training Centres (AWTCs), Middle Level Training Centres (MLTCs), SPNIWCD/NIPCCD अथवा अन्य अधिकृत प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से किया जा सकता है।
किसी विशेष training programme के लिए संबंधित विभाग द्वारा training schedule, venue, participants और अन्य आवश्यक instructions जारी किए जा सकते हैं। इसलिए इच्छुक Anganwadi functionaries को अपने संबंधित विभागीय अधिकारी, Supervisor, CDPO या जिला स्तर की संबंधित व्यवस्था से training संबंधी जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।
Documents needed
प्रशिक्षण के लिए सामान्यतः विभागीय रिकॉर्ड में उपलब्ध जानकारी का उपयोग किया जाता है। आवश्यकता के अनुसार निम्न दस्तावेज मांगे जा सकते हैं:
- आधार कार्ड
- विभागीय पहचान पत्र
- नियुक्ति/पद से संबंधित दस्तावेज
- शैक्षणिक प्रमाण पत्र
- मोबाइल नंबर
- बैंक खाता विवरण, यदि विभागीय प्रक्रिया में आवश्यक हो
- प्रशिक्षण से संबंधित अन्य विभागीय दस्तावेज
नोट: दस्तावेजों की अंतिम सूची संबंधित विभागीय प्रशिक्षण निर्देश के अनुसार अलग हो सकती है।