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पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, भारत सरकार (बिहार में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग / PHED के माध्यम से)

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) – शौचालय निर्माण पर ₹12,000 की सहायता

केंद्रीय योजना स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण शौचालय योजना SBM-G IHHL 12000 रुपये शौचालय ग्रामीण स्वच्छता खुले में शौच मुक्त ODF

विवरण

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), जिसे SBM-G या शौचालय योजना भी कहा जाता है, भारत सरकार का सबसे बड़ा स्वच्छता कार्यक्रम है। इसे 2 अक्टूबर 2014 को शुरू किया गया था और इसका पहला चरण 2 अक्टूबर 2019 को पूरा हुआ, जब देश के ज्यादातर गांवों को खुले में शौच मुक्त (ODF) घोषित किया गया। अब इसका दूसरा चरण, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2, वर्ष 2020-21 से 2025-26 तक चलाया जा रहा है, जिसका मकसद ODF स्थिति को बनाए रखना और गांवों में ठोस व तरल कचरा प्रबंधन (Solid and Liquid Waste Management) को बेहतर बनाना है।

इस योजना के तहत जिन ग्रामीण परिवारों के घर में अभी तक अपना व्यक्तिगत शौचालय (Individual Household Latrine – IHHL) नहीं बना है, उन्हें शौचालय निर्माण के लिए ₹12,000 की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। यह राशि दो किस्तों में मिलती है और सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के जरिए भेजी जाती है, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी न हो। बिहार में यह योजना लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) और ग्रामीण विकास विभाग के सहयोग से पंचायत स्तर पर लागू की जाती है।

शौचालय बन जाने के बाद संबंधित अधिकारी उसकी भौतिक जांच (physical verification) करते हैं, और तभी पूरी राशि जारी होती है। बिना शौचालय बनाए राशि पाने की कोशिश करना गलत है और इसमें कार्रवाई भी हो सकती है।

लाभ

  • घर में व्यक्तिगत शौचालय (IHHL) बनाने के लिए ₹12,000 तक की आर्थिक सहायता
  • राशि दो किस्तों में मिलती है: स्वीकृति के बाद पहली किस्त (सामान्यतः ₹6,000) और शौचालय पूरा बनने पर दूसरी किस्त (सामान्यतः ₹6,000)
  • पैसा सीधे बैंक खाते में DBT के जरिए, कोई एजेंट या दलाल जरूरी नहीं
  • खुले में शौच से होने वाली बीमारियों में कमी और परिवार, खासकर महिलाओं की गरिमा व सुरक्षा में सुधार
  • गांव में स्वच्छता, ठोस-तरल कचरा प्रबंधन और साफ-सफाई को बढ़ावा

पात्रता

  • आवेदक ग्रामीण क्षेत्र का निवासी हो और उसके घर में अभी कोई कार्यशील (functional) शौचालय न हो
  • परिवार ने पहले किसी भी सरकारी योजना के तहत शौचालय निर्माण का लाभ न लिया हो
  • BPL परिवार, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दिव्यांग सदस्य वाले परिवार, भूमिहीन मजदूर (जिनके पास घर की जमीन हो), छोटे व सीमांत किसान और महिला मुखिया वाले परिवार प्राथमिकता में हैं
  • APL परिवार भी कुछ शर्तों के साथ पात्र हो सकते हैं (राज्य के नियमों पर निर्भर)
  • आवेदक का बैंक खाता आधार से जुड़ा हो

आवेदन प्रक्रिया

  1. स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के आधिकारिक पोर्टल swachhbharatmission.ddws.gov.in पर जाएं।
  2. "Citizen Corner" में "Application Form for IHHL" पर क्लिक करें।
  3. मोबाइल नंबर से पंजीकरण करें और OTP से सत्यापन करें।
  4. फॉर्म में नाम, पता, आधार और बैंक खाते की जानकारी भरें।
  5. जरूरी दस्तावेज अपलोड करके फॉर्म जमा करें।
  6. ब्लॉक/जिला स्तर के अधिकारी आवेदन की जांच कर स्वीकृति देते हैं।
  7. स्वीकृति के बाद पहली किस्त मिलती है, शौचालय बनाकर भौतिक जांच कराने पर दूसरी किस्त जारी होती है।
  8. ऑनलाइन आवेदन में दिक्कत हो तो अपने ग्राम पंचायत या प्रखंड पंचायती राज कार्यालय में संपर्क करें।

 

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आवश्यक दस्तावेज़

  • आधार कार्ड
  • निवास प्रमाण पत्र
  • बैंक पासबुक की कॉपी (आधार से लिंक)
  • राशन कार्ड / BPL प्रमाण (हो तो)
  • जमीन के कागज या घर का प्रमाण
  • मोबाइल नंबर और पासपोर्ट साइज फोटो

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) क्या है?

यह भारत सरकार का स्वच्छता कार्यक्रम है, जिसमें ग्रामीण परिवारों को घर में शौचालय बनाने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है।

2. यह योजना कब शुरू हुई?

2 अक्टूबर 2014 को। इसका फेज-1, 2 अक्टूबर 2019 को पूरा हुआ, और अभी फेज-2 चल रहा है (2020-21 से 2025-26)।

3. शौचालय बनाने के लिए कितने पैसे मिलते हैं?

₹12,000 की सहायता, जो दो किस्तों में सीधे बैंक खाते में आती है।

4. यह राशि कब-कब मिलती है?

पहली किस्त आवेदन स्वीकृत होने के बाद, और दूसरी किस्त शौचालय बनकर तैयार होने और उसकी जांच पूरी होने पर।

5. कौन आवेदन कर सकता है?

वे ग्रामीण परिवार, जिनके घर में अभी कोई कार्यशील शौचालय नहीं है और जिन्होंने पहले किसी सरकारी योजना से शौचालय का लाभ नहीं लिया।

6. आवेदन कहां करें?

आधिकारिक पोर्टल swachhbharatmission.ddws.gov.in पर ऑनलाइन, या अपने ग्राम पंचायत/प्रखंड कार्यालय में।

7. आवेदन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज चाहिए?

आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक, राशन कार्ड/BPL प्रमाण (हो तो) और फोटो।

8. क्या यह योजना शहरी क्षेत्रों के लिए भी है?

नहीं, यह योजना सिर्फ ग्रामीण क्षेत्रों के लिए है। शहरी क्षेत्रों के लिए अलग से स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) है।

9. बिना शौचालय बनाए पैसे लेने पर क्या होगा?

यह गलत तरीका है। राशि सिर्फ शौचालय बनने और उसकी सरकारी जांच के बाद ही जारी होती है, इसलिए बिना निर्माण के पैसा नहीं मिलता।