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स्वास्थ्य विभाग, बिहार सरकार (केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का हिस्सा)

जननी सुरक्षा योजना — सुरक्षित संस्थागत प्रसव पर ₹1,400 तक की नकद सहायता

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विवरण

जननी सुरक्षा योजना (JSY) केंद्र सरकार की एक प्रमुख मातृ स्वास्थ्य योजना है, जिसकी शुरुआत 12 अप्रैल 2005 को राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (अब राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) के तहत हुई थी। इसका मक़सद है कि गर्भवती महिलाएं घर की बजाय सरकारी या मान्यता प्राप्त अस्पताल में प्रसव कराएं, ताकि मां और नवजात शिशु — दोनों की मृत्यु दर कम हो सके।

इस योजना के तहत खास बात यह है कि बिहार को "लो परफॉर्मिंग स्टेट (LPS)" की श्रेणी में रखा गया है — यानी यहां संस्थागत प्रसव को और बढ़ावा देने के लिए शर्तें ज़्यादा उदार रखी गई हैं। जहां सामान्य राज्यों में यह लाभ सिर्फ BPL महिलाओं को, 19 वर्ष से ऊपर और पहले दो बच्चों तक सीमित है, वहीं बिहार जैसे LPS राज्यों में उम्र और बच्चों की संख्या की कोई सीमा नहीं है — यानी हर गर्भवती महिला, चाहे वह BPL हो या नहीं, इस योजना की हकदार है, बशर्ते प्रसव किसी सरकारी या मान्यता प्राप्त निजी अस्पताल में हो।

राशि सीधे लाभार्थी महिला के बैंक खाते में DBT के ज़रिए आती है, और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए मदद करने वाली आशा कार्यकर्ता को भी अलग से प्रोत्साहन राशि दी जाती है।

ध्यान दें: जननी सुरक्षा योजना (JSY) और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) दो अलग-अलग योजनाएं हैं — JSY स्वास्थ्य मंत्रालय चलाता है और यह प्रसव पर मिलती है, जबकि PMMVY महिला एवं बाल विकास मंत्रालय चलाता है और यह गर्भावस्था के दौरान मिलती है। पात्र महिलाएं दोनों योजनाओं का लाभ अलग-अलग ले सकती हैं।

 

लाभ

  • ग्रामीण क्षेत्र में संस्थागत प्रसव पर ₹1,400 की नकद सहायता
  • शहरी क्षेत्र में संस्थागत प्रसव पर ₹1,000 की नकद सहायता
  • सहायता करने वाली आशा कार्यकर्ता को अलग से ₹600 का प्रोत्साहन
  • बिहार में उम्र और बच्चों की संख्या की कोई सीमा नहीं (सामान्य राज्यों से ज़्यादा उदार शर्तें)
  • राशि सीधे बैंक खाते में DBT के ज़रिए, आमतौर पर 15-30 दिनों के भीतर
  • सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित होने से मां और नवजात शिशु — दोनों के जीवन की सुरक्षा

 

पात्रता

  • आवेदिका गर्भवती महिला और बिहार की निवासी होनी चाहिए
  • प्रसव किसी सरकारी अस्पताल या मान्यता प्राप्त निजी अस्पताल में होना चाहिए
  • बिहार एक Low Performing State (LPS) होने के कारण, यहां कोई आय-सीमा (BPL) शर्त नहीं, न ही उम्र या बच्चों की संख्या की सीमा है — हर गर्भवती महिला पात्र है
  • आधार से जुड़ा बैंक खाता होना ज़रूरी है ताकि राशि DBT से भेजी जा सके

 

आवेदन प्रक्रिया

यह आवेदन पूरी तरह ऑफलाइन, आशा कार्यकर्ता ("आशा दीदी") के ज़रिए होता है:

  1. सरकारी अस्पताल या मान्यता प्राप्त निजी अस्पताल में प्रसव कराएं।
  2. प्रसव की जानकारी अपने क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता को दें — गर्भावस्था के दौरान ही उनसे संपर्क में रहना बेहतर रहता है।
  3. आशा दीदी से जननी सुरक्षा योजना का आवेदन फॉर्म प्राप्त करें और उसे ध्यानपूर्वक भरें।
  4. आधार कार्ड, बैंक खाते की जानकारी, प्रसव प्रमाण पत्र जैसे सभी दस्तावेज़ स्वयं सत्यापित करके फॉर्म के साथ संलग्न करें।
  5. पूरा फॉर्म और दस्तावेज़ आशा दीदी को जमा कर दें — वे स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल पर जानकारी दर्ज करेंगी।
  6. सत्यापन के बाद 15-30 दिनों के भीतर राशि DBT से बैंक खाते में आ जाएगी, और SMS के ज़रिए सूचना मिलेगी।
  7. अगर देरी हो, तो स्थानीय ANM (Auxiliary Nurse Midwife) या नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।

 

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आवश्यक दस्तावेज़

  • आधार कार्ड
  • गर्भावस्था से जुड़ा MCP कार्ड / ANC जांच कार्ड
  • अस्पताल से मिला प्रसव प्रमाण पत्र (Discharge Summary)
  • बैंक पासबुक (आधार से लिंक)
  • निवास प्रमाण पत्र
  • BPL/SC/ST प्रमाण पत्र (अगर उपलब्ध हो, हालांकि बिहार में यह अनिवार्य शर्त नहीं है)

 

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1. सवाल: जननी सुरक्षा योजना क्या है?

जवाब: यह केंद्र सरकार की योजना है, जिसके तहत सरकारी या मान्यता प्राप्त अस्पताल में प्रसव कराने वाली गर्भवती महिलाओं को नकद सहायता दी जाती है, ताकि संस्थागत प्रसव को बढ़ावा मिले और मां-बच्चे की मृत्यु दर कम हो।

Q2. सवाल: बिहार में इस योजना में कितने पैसे मिलते हैं?

जवाब: ग्रामीण क्षेत्र में प्रसव कराने पर ₹1,400 और शहरी क्षेत्र में प्रसव कराने पर ₹1,000 की नकद सहायता मिलती है।

Q3. सवाल: क्या इस योजना के लिए कोई आय-सीमा (BPL) ज़रूरी है?

जवाब: नहीं, बिहार को "Low Performing State" श्रेणी में रखा गया है, इसलिए यहां कोई BPL या आय-सीमा शर्त नहीं है — हर गर्भवती महिला पात्र है।

Q4. सवाल: क्या इसमें उम्र या बच्चों की संख्या की कोई सीमा है?

जवाब: नहीं, बिहार जैसे Low Performing States में उम्र (19 वर्ष) और बच्चों की संख्या (2 बच्चे तक) वाली शर्त हटा दी गई है — यहां हर उम्र और हर बच्चे के प्रसव पर यह लाभ मिल सकता है।

Q5. सवाल: आवेदन कैसे करें?

जवाब: आवेदन पूरी तरह ऑफलाइन, अपने क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता ("आशा दीदी") के ज़रिए होता है। उनसे फॉर्म लेकर, दस्तावेज़ों के साथ जमा करना होता है।

Q6. सवाल: क्या ऑनलाइन आवेदन का कोई विकल्प है?

जवाब: नहीं, इस योजना के लिए फ़िलहाल कोई सीधा ऑनलाइन नागरिक-आवेदन पोर्टल नहीं है। पूरी प्रक्रिया आशा कार्यकर्ता के ज़रिए ही होती है।

Q7. सवाल: राशि कब तक बैंक खाते में आ जाती है?

जवाब: दस्तावेज़ जमा करने और सत्यापन के बाद आमतौर पर 15-30 दिनों के भीतर राशि DBT से बैंक खाते में आ जाती है, और SMS से सूचना मिलती है।

Q8. सवाल: क्या निजी अस्पताल में प्रसव कराने पर भी लाभ मिलेगा?

जवाब: हां, लेकिन सिर्फ ऐसे निजी अस्पताल में जो सरकार से मान्यता प्राप्त हो। किसी भी सामान्य निजी अस्पताल में प्रसव कराने पर यह लाभ नहीं मिलता।

Q9. सवाल: आशा कार्यकर्ता को क्या मिलता है?

जवाब: संस्थागत प्रसव में मदद करने के लिए आशा कार्यकर्ता को ग्रामीण क्षेत्र में ₹600 का प्रोत्साहन दिया जाता है।