कृषि विभाग, बिहार सरकार
डीजल अनुदान योजना 2026-27 – किसानों को सिंचाई के लिए डीजल पर सब्सिडी, ऑनलाइन आवेदन
विवरण
डीजल अनुदान योजना बिहार सरकार के कृषि विभाग द्वारा किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए डीजल पंपसेट चलाने में होने वाले खर्च में आर्थिक सहायता देने के उद्देश्य से संचालित की जाती है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में अनियमित मानसून, बाढ़, सूखा, अल्पवृष्टि या अनावृष्टि जैसी परिस्थितियों से प्रभावित किसानों की फसलों की सिंचाई के लिए डीजल अनुदान योजना को लागू किया गया है। बिहार कृषि विभाग के 16 जून 2026 के आधिकारिक आदेश में इस योजना के कार्यान्वयन के लिए ₹500 लाख की लागत पर स्वीकृति दिए जाने की जानकारी उपलब्ध है।
वर्तमान बिहार कृषि विभाग के ऑनलाइन आवेदन पोर्टल पर “डीजल खरीफ अनुदान (2026-27)” के लिए आवेदन सुविधा उपलब्ध है। पोर्टल के अनुसार योजना प्रभावित जिलों के किसानों के लिए लागू है और अनुदान की राशि आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजी जाती है।
किसान को आवेदन करते समय डीजल की कंप्यूटरीकृत/डिजिटल रसीद उपलब्ध करानी होती है। वर्तमान निर्देश के अनुसार रसीद पर आवश्यक पंजीकरण संबंधी विवरण तथा किसान का हस्ताक्षर/अंगूठे का निशान होना भी जरूरी है।
लाभ
डीजल अनुदान योजना के प्रमुख लाभ:
- फसल की सिंचाई के लिए डीजल खरीद पर सरकार द्वारा अनुदान
- डीजल पंपसेट से सिंचाई करने वाले पात्र किसानों को आर्थिक सहायता
- अनियमित मानसून, सूखा, अल्पवृष्टि आदि परिस्थितियों में किसानों को राहत
- अनुदान की राशि सीधे किसान के आधार से जुड़े बैंक खाते में DBT के माध्यम से
- रैयत तथा गैर-रैयत/बटाईदार किसानों के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन की सुविधा
- ग्रामीण क्षेत्रों के साथ नगर निकाय क्षेत्र के पात्र किसानों को भी योजना का लाभ दिए जाने का प्रावधान
- ऑनलाइन आवेदन की सुविधा
बिहार कृषि विभाग के उपलब्ध आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार योजना में परिवार के किसी एक सदस्य को डीजल अनुदान का लाभ दिया जाता है।
डीजल अनुदान की राशि कितनी है?
डीजल अनुदान की राशि फसल, सिंचाई की संख्या और सिंचाई क्षेत्र के आधार पर निर्धारित की जाती है।
2025-26 के आधिकारिक कार्यान्वयन आदेश में डीजल अनुदान की दर ₹75 प्रति लीटर, यानी ₹750 प्रति एकड़ प्रति सिंचाई निर्धारित की गई थी।
उस आदेश के अनुसार:
- धान का बिचड़ा और जूट — अधिकतम 2 सिंचाई के लिए ₹1,500 प्रति एकड़
- धान, मक्का और अन्य खरीफ फसलें — अधिकतम 3 सिंचाई के लिए ₹2,250 प्रति एकड़
- अधिकतम 8 एकड़ सिंचाई तक अनुदान
- न्यूनतम देय अनुदान राशि ₹100
महत्वपूर्ण: 2026-27 के वर्तमान आवेदन पोर्टल पर राशि आवेदन के दौरान सिंचाई क्षेत्र/पटवन के आधार पर प्रदर्शित होने की जानकारी दी गई है। इसलिए 2025-26 की दर को 2026-27 की अंतिम दर मानकर आवेदन न करें; आवेदन करते समय पोर्टल पर दिखाई गई वर्तमान राशि को ही अंतिम मानें।
पात्रता
डीजल अनुदान योजना के लिए मुख्य पात्रता:
- आवेदक बिहार का किसान होना चाहिए।
- किसान का कृषि विभाग के DBT पोर्टल पर पंजीकरण होना आवश्यक है।
- खरीफ 2026-27 में योजना के अंतर्गत प्रभावित क्षेत्र/जिले में खेती करने वाले पात्र किसान आवेदन कर सकते हैं।
- किसान ने डीजल पंपसेट से फसल की सिंचाई की हो।
- सिंचाई के लिए खरीदे गए डीजल की वैध कंप्यूटरीकृत/डिजिटल रसीद उपलब्ध होनी चाहिए।
- बैंक खाता आधार से लिंक तथा NPCI से मैप होना चाहिए ताकि DBT भुगतान किया जा सके।
- एक परिवार के निर्धारित नियमों के अनुसार केवल एक सदस्य को डीजल अनुदान दिया जाता है।
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वर्तमान 2026-27 पोर्टल पर विशेष जानकारी
वर्तमान पोर्टल के अनुसार भागलपुर, पश्चिम चंपारण, सहरसा, मधेपुरा, लखीसराय, सारण, कैमूर, गया जी और पूर्णिया को छोड़कर अन्य प्रभावित जिलों के किसानों के लिए योजना मान्य बताई गई है। आवेदन करने से पहले अपने जिले की वर्तमान स्थिति पोर्टल पर जरूर जांचें।
कौन-कौन से किसान आवेदन कर सकते हैं?
डीजल अनुदान आवेदन में किसान को तीन प्रकारों में वर्गीकृत किया गया है:
- स्वयं
- बटाईदार
- स्वयं + बटाईदार
वर्तमान पोर्टल के अनुसार किसान इनमें से किसी एक प्रकार के लिए ही आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन प्रक्रिया
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
- सबसे पहले बिहार कृषि विभाग के DBT पोर्टल पर जाएं।
- किसान का कृषि विभाग में पंजीकरण होना चाहिए।
- अपने 13 अंकों के किसान पंजीकरण नंबर से लॉगिन/आवेदन प्रक्रिया शुरू करें।
- अनुदान के प्रकार में डीजल अनुदान चुनें।
- किसान का प्रकार चुनें — स्वयं, बटाईदार या स्वयं + बटाईदार।
- फसल और सिंचाई से संबंधित जानकारी भरें।
- डीजल की कंप्यूटरीकृत/डिजिटल रसीद अपलोड करें।
- आवश्यक होने पर सिंचाई सत्यापन दस्तावेज अपलोड करें।
- बैंक और आधार से संबंधित जानकारी की जांच करें।
- OTP के माध्यम से आवेदन पूरा करें।
- आवेदन सबमिट करने के बाद आवेदन संख्या सुरक्षित रखें।
- बाद में इसी माध्यम से आवेदन की स्थिति जांची जा सकती है।
वर्तमान पोर्टल के अनुसार 30 अक्टूबर 2026 तक की डीजल रसीद मान्य है।डीजल अनुदान की राशि कैसे मिलेगी?
डीजल अनुदान की राशि किसान के आधार से जुड़े बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजी जाती है।
कृषि विभाग के पोर्टल के अनुसार यदि बैंक खाता आधार से लिंक नहीं है या NPCI से मैप नहीं है, तो अनुदान की राशि खाते में ट्रांसफर नहीं हो पाएगी।
डीजल की रसीद के संबंध में जरूरी नियम
वर्तमान 2026-27 पोर्टल के अनुसार:
- डीजल की कंप्यूटरीकृत/डिजिटल रसीद मान्य होगी।
- रसीद निर्धारित अवधि की होनी चाहिए।
- रसीद पर किसान से संबंधित आवश्यक विवरण होना चाहिए।
- किसान का हस्ताक्षर/अंगूठे का निशान आवश्यक है।
- वर्तमान पोर्टल के अनुसार 30 अक्टूबर 2026 तक की डीजल रसीद मान्य है।
आवश्यक दस्तावेज़
डीजल अनुदान योजना के लिए आवेदन करते समय मुख्य रूप से:
- कृषि विभाग का 13 अंकों का किसान पंजीकरण नंबर
- आधार कार्ड
- आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर
- आधार से लिंक बैंक खाता
- NPCI से मैप बैंक खाता
- डीजल की कंप्यूटरीकृत/डिजिटल रसीद
- बटाईदार किसान के लिए निर्धारित सिंचाई सत्यापन दस्तावेज
- स्वयं + बटाईदार की स्थिति में निर्धारित सत्यापन दस्तावेज
वर्तमान पोर्टल के अनुसार डीजल रसीद को JPEG format में स्कैन करके 200 KB तक रखना है। बटाईदार तथा स्वयं + बटाईदार किसानों के लिए सिंचाई सत्यापन दस्तावेज भी JPEG format में 200 KB तक रखने का निर्देश है।