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समाज कल्याण विभाग, बिहार सरकार

बिहार परवरिश योजना

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विवरण

1. परवरिश योजना क्या है?

बिहार परवरिश योजना का उद्देश्य ऐसे बच्चों को आर्थिक सहायता और देखभाल उपलब्ध कराने में मदद करना है, जिनके जीवन में माता-पिता की मृत्यु, गंभीर बीमारी या अन्य कठिन परिस्थितियों के कारण पालन-पोषण की समस्या उत्पन्न हो जाती है।

ऐसी परिस्थितियों में बच्चे की शिक्षा, भोजन, कपड़े, स्वास्थ्य और दैनिक जरूरतों को पूरा करना परिवार या देखभाल करने वाले व्यक्ति के लिए कठिन हो सकता है। परवरिश योजना के माध्यम से पात्र बच्चों के पालन-पोषण में आर्थिक सहायता देकर उन्हें सुरक्षित पारिवारिक वातावरण में बड़ा होने में मदद की जाती है।

यह योजना बिहार सरकार के सामाजिक कल्याण तंत्र के अंतर्गत संचालित होती है। आवेदन और पात्रता की जाँच संबंधित अधिकारियों के माध्यम से की जाती है।

2. परवरिश योजना के मुख्य उद्देश्य

  • अनाथ और बेसहारा बच्चों को आर्थिक सहायता प्रदान करना।

  • जरूरतमंद बच्चों के पालन-पोषण और शिक्षा में सहयोग करना।

  • HIV/AIDS या कुष्ठ रोग से प्रभावित परिवारों के पात्र बच्चों को सहायता देना।

  • बच्चों को सुरक्षित पारिवारिक वातावरण में रहने के लिए प्रोत्साहित करना।

  • आर्थिक तंगी के कारण बच्चों की शिक्षा और देखभाल बाधित होने की समस्या कम करना।

  • जरूरतमंद बच्चों को संस्थागत देखभाल के बजाय परिवार या रिश्तेदारों के संरक्षण में रखने में सहायता करना, जहाँ यह बच्चे के हित में हो।

  • बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और समग्र विकास को बेहतर बनाने में सहयोग करना।

लाभ

1. मासिक आर्थिक सहायता: बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति के आधिकारिक विवरण में HIV से संक्रमित या प्रभावित 18 वर्ष तक के बच्चों के लिए ₹1,000 प्रतिमाह सहायता का उल्लेख है। वर्तमान स्वीकृत राशि और भुगतान नियम आवेदन से पहले सत्यापित करें।
2. पालन-पोषण में सहयोग: सहायता का उद्देश्य बच्चे की दैनिक जरूरतों और देखभाल में आर्थिक सहयोग देना है।
3. शिक्षा जारी रखने में मदद: आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बच्चे की पढ़ाई और उससे जुड़े खर्चों को पूरा करने में मदद मिल सकती है।
4. अनाथ बच्चों को सहारा: जिन बच्चों के माता-पिता नहीं हैं और जो रिश्तेदारों या अन्य देखभालकर्ताओं के साथ रह रहे हैं, वे लागू पात्रता शर्तें पूरी करने पर योजना के लिए विचार किए जा सकते हैं।
5. बीमारी से प्रभावित परिवारों के बच्चों को सहायता: सरकारी विवरण में HIV/AIDS या कुष्ठ रोग से प्रभावित माता-पिता के बच्चों का उल्लेख है। पात्रता का निर्णय संबंधित नियमों और दस्तावेजों के आधार पर होगा।
6. परिवार आधारित देखभाल को बढ़ावा: योजना का उद्देश्य जरूरतमंद बच्चों को परिवार या उपयुक्त देखभालकर्ता के साथ सुरक्षित वातावरण में रहने में सहायता देना है।
7. बैंक खाते के माध्यम से भुगतान: सरकारी योजना विवरण में बच्चे और माता-पिता या देखभालकर्ता के संयुक्त बैंक खाते का उल्लेख है। भुगतान की मौजूदा व्यवस्था संबंधित विभाग से जाँचें।

पात्रता

उपलब्ध बिहार सरकार के दस्तावेजों के अनुसार, निम्न परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों को योजना के लिए पात्र माना जा सकता है:

  1. बच्चा बिहार राज्य में संबंधित योजना की पात्रता शर्तें पूरी करता हो।

  2. बच्चा अनाथ हो या उसके पालन-पोषण के लिए उपयुक्त अभिभावकीय सहायता उपलब्ध न हो।

  3. बच्चे के माता-पिता HIV/AIDS या कुष्ठ रोग से प्रभावित हों और बच्चा संबंधित नियमों के अंतर्गत पात्र हो।

  4. बच्चा रिश्तेदार या अन्य देखभालकर्ता के साथ रह रहा हो, जहाँ लागू नियम इसकी अनुमति देते हों।

  5. अनाथ बच्चों के लिए उपलब्ध सरकारी दस्तावेज में देखभालकर्ता परिवार का BPL श्रेणी में होना या वार्षिक आय ₹60,000 से अधिक न होना बताया गया है। यह शर्त वर्तमान में किस श्रेणी पर लागू है, इसकी पुष्टि CDPO कार्यालय से करें।

  6. बच्चे की आयु और अन्य आवश्यक शर्तें संबंधित श्रेणी के अनुसार पूरी हों।

  7. आवेदक के पास बच्चे और अभिभावक से संबंधित आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध हों।

महत्वपूर्ण: अलग-अलग श्रेणियों के बच्चों की पात्रता में अंतर हो सकता है। पुराने दस्तावेजों में दी गई आय सीमा को सभी आवेदकों पर लागू मानने से पहले वर्तमान दिशा-निर्देश जाँचें।

आवेदन प्रक्रिया

बिहार सरकार के उपलब्ध योजना विवरण के अनुसार, परवरिश योजना का आवेदन संबंधित बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) कार्यालय के माध्यम से किया जा सकता है।

चरण 1: पात्रता की जानकारी लें

सबसे पहले अपने क्षेत्र के CDPO कार्यालय से संपर्क करके पता करें कि बच्चा योजना की किस श्रेणी में आवेदन कर सकता है।

चरण 2: आवेदन पत्र प्राप्त करें

सरकारी योजना विवरण के अनुसार, आवेदन पत्र CDPO कार्यालय से निःशुल्क प्राप्त किया जा सकता है।

चरण 3: आवश्यक दस्तावेज तैयार करें

बच्चे की आयु, निवास, अभिभावक की स्थिति और संबंधित श्रेणी के अनुसार आवश्यक दस्तावेज तैयार करें।

चरण 4: आवेदन पत्र भरें

बच्चे का नाम, जन्मतिथि, माता-पिता या देखभालकर्ता का विवरण, पता, बैंक संबंधी जानकारी और अन्य आवश्यक विवरण सही-सही भरें।

चरण 5: दस्तावेजों के साथ आवेदन जमा करें

भरा हुआ आवेदन पत्र और आवश्यक दस्तावेज संबंधित CDPO कार्यालय में जमा करें। जमा करने के बाद आवेदन की प्राप्ति या संदर्भ संख्या उपलब्ध हो तो सुरक्षित रखें।

चरण 6: विभागीय सत्यापन

संबंधित अधिकारी आवेदन और दस्तावेजों की जाँच कर सकते हैं। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त दस्तावेज या जानकारी माँगी जा सकती है।

चरण 7: आवेदन पर निर्णय

पात्रता और विभागीय जाँच पूरी होने के बाद आवेदन पर निर्णय लिया जाता है। आवेदन जमा करना सहायता स्वीकृत होने की गारंटी नहीं है।

चरण 8: भुगतान की स्थिति जाँचें

यदि आवेदन स्वीकृत हो जाता है, तो संबंधित विभाग से भुगतान प्रक्रिया और लाभार्थी की स्थिति की जानकारी लें। बिहार के ई-सुविधा पोर्टल पर परवरिश योजना के लाभार्थी की स्थिति जाँचने की सुविधा भी उपलब्ध है।

7. परवरिश योजना का पैसा कैसे मिलता है?

योजना की स्वीकृति के बाद भुगतान संबंधित सरकारी प्रक्रिया और लागू नियमों के अनुसार किया जाता है। बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति के विवरण में पात्र बच्चों के लिए ₹1,000 प्रतिमाह सहायता तथा बच्चे और माता-पिता या देखभालकर्ता के संयुक्त बैंक खाते का उल्लेख है।

हालाँकि, सहायता की स्वीकृत राशि, भुगतान की आवृत्ति, बैंक खाते की आवश्यकताएँ और भुगतान शुरू होने की तारीख की पुष्टि संबंधित कार्यालय से करनी चाहिए।

8. आवेदन की स्थिति कैसे जाँचें?

यदि आपने परवरिश योजना के लिए आवेदन किया है, तो लाभार्थी की स्थिति जाँचने के लिए बिहार सरकार के ई-सुविधा पोर्टल पर उपलब्ध परवरिश योजना के स्टेटस विकल्प का उपयोग कर सकते हैं।

सामान्य प्रक्रिया:

  1. ई-सुविधा पोर्टल खोलें।

  2. परवरिश योजना के लाभार्थी की स्थिति जाँचने वाला विकल्प चुनें।

  3. माँगी गई लाभार्थी आईडी या खाता संबंधी जानकारी दर्ज करें।

  4. स्क्रीन पर दिए गए सत्यापन निर्देश पूरे करें।

  5. उपलब्ध स्थिति देखें।

यदि ऑनलाइन जानकारी नहीं मिलती है, तो संबंधित CDPO कार्यालय से संपर्क करें।

9. आवेदन में समस्या होने पर क्या करें?

  • आवेदन लंबित होने पर संबंधित CDPO कार्यालय से स्थिति पूछें।

  • दस्तावेज अधूरे होने पर आवश्यक दस्तावेज जमा करें।

  • बैंक खाते में समस्या होने पर खाते की जानकारी और भुगतान विवरण की जाँच कराएँ।

  • आवेदन स्वीकृत होने के बाद भुगतान न मिलने पर विभाग से भुगतान स्थिति पूछें।

  • किसी अनधिकृत एजेंट को योजना का लाभ दिलाने के नाम पर पैसे न दें।

 

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आवश्यक दस्तावेज़

परवरिश योजना के लिए आवेदन करते समय संबंधित श्रेणी के अनुसार निम्न दस्तावेज माँगे जा सकते हैं:

  1. बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र: आयु और जन्म संबंधी जानकारी के सत्यापन के लिए।

  2. बच्चे का आधार कार्ड: यदि उपलब्ध हो और आवेदन प्रक्रिया में आवश्यक हो।

  3. माता-पिता या अभिभावक का पहचान प्रमाण: पहचान सत्यापन के लिए।

  4. निवास प्रमाण पत्र: बिहार में निवास संबंधी पात्रता की पुष्टि के लिए, जहाँ आवश्यक हो।

  5. माता-पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र: अनाथ बच्चे की श्रेणी में, जहाँ लागू हो।

  6. चिकित्सकीय प्रमाण पत्र: HIV/AIDS या कुष्ठ रोग से संबंधित श्रेणी में, विभाग द्वारा निर्धारित प्रमाण के अनुसार।

  7. टीकाकरण संबंधी प्रमाण पत्र: आधिकारिक योजना विवरण में इसका उल्लेख किया गया है।

  8. विद्यालय से जारी प्रमाण पत्र: जहाँ बच्चे की शिक्षा संबंधी जानकारी माँगी जाए।

  9. बैंक खाते की पासबुक: बच्चे और माता-पिता या देखभालकर्ता के संयुक्त खाते का विवरण, जैसा लागू हो।

  10. BPL कार्ड या आय प्रमाण पत्र: संबंधित श्रेणी के लिए लागू होने पर।

  11. अभिभावक या देखभालकर्ता का विवरण: बच्चे की देखभाल करने वाले व्यक्ति से संबंधित जानकारी।

  12. आवेदन पत्र: संबंधित बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) कार्यालय से प्राप्त निर्धारित फॉर्म।

सभी दस्तावेज हर श्रेणी के लिए अनिवार्य नहीं हैं। आवेदन से पहले संबंधित CDPO कार्यालय से सही सूची प्राप्त करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न 1: परवरिश योजना किस राज्य की योजना है?

उत्तर: परवरिश योजना बिहार सरकार की सामाजिक सुरक्षा और बाल कल्याण से संबंधित योजना है।

प्रश्न 2: परवरिश योजना का लाभ किसे मिलता है?

उत्तर: लागू नियमों के अनुसार अनाथ, बेसहारा और कुछ विशेष परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों को सहायता मिल सकती है। HIV/AIDS से संक्रमित या प्रभावित बच्चों के लिए भी सरकारी विवरण में योजना का उल्लेख है।

प्रश्न 3: परवरिश योजना में कितनी सहायता मिलती है?

उत्तर: बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति के आधिकारिक विवरण में पात्र HIV से संक्रमित या प्रभावित बच्चों के लिए ₹1,000 प्रतिमाह का उल्लेख है। अन्य श्रेणियों के लिए वर्तमान राशि और नियम संबंधित विभाग से सत्यापित करें।

प्रश्न 4: क्या अनाथ बच्चों को परवरिश योजना का लाभ मिल सकता है?

उत्तर: हाँ, उपलब्ध बिहार सरकार के दस्तावेजों में अनाथ बच्चों और रिश्तेदारों के संरक्षण में रहने वाले बच्चों का उल्लेख है। पात्रता और आय संबंधी शर्तें संबंधित कार्यालय से जाँचें।

प्रश्न 5: परवरिश योजना के लिए आवेदन कहाँ करें?

उत्तर: उपलब्ध सरकारी विवरण के अनुसार, आवेदन पत्र संबंधित बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) कार्यालय से प्राप्त करके वहीं जमा किया जा सकता है।

प्रश्न 6: क्या परवरिश योजना का आवेदन निःशुल्क है?

उत्तर: बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति के विवरण में आवेदन पत्र CDPO कार्यालय से निःशुल्क प्राप्त करने का उल्लेख है। आवेदन के लिए अनधिकृत व्यक्ति को पैसे न दें।

प्रश्न 7: क्या बच्चे का बैंक खाता आवश्यक है?

उत्तर: सरकारी विवरण में बच्चे और माता-पिता या देखभालकर्ता के संयुक्त बैंक खाते का उल्लेख है। वर्तमान बैंक खाते की शर्तें संबंधित कार्यालय से सत्यापित करें।

प्रश्न 8: क्या HIV/AIDS से प्रभावित माता-पिता के बच्चे आवेदन कर सकते हैं?

उत्तर: उपलब्ध सरकारी जानकारी में HIV से संक्रमित या प्रभावित बच्चों तथा कुछ विशेष परिस्थितियों में उनके परिवारों का उल्लेख है। आवेदन संबंधित श्रेणी के नियमों के अनुसार जाँचा जाएगा।

प्रश्न 9: परवरिश योजना का स्टेटस कैसे चेक करें?

उत्तर: बिहार सरकार के ई-सुविधा पोर्टल पर उपलब्ध परवरिश योजना के लाभार्थी स्टेटस विकल्प के माध्यम से जाँच की जा सकती है।

प्रश्न 10: क्या आवेदन करने से सहायता मिलना निश्चित है?

उत्तर: नहीं। सहायता संबंधित पात्रता, दस्तावेजों, विभागीय सत्यापन और स्वीकृति पर निर्भर करती है।

प्रश्न 11: क्या बिहार के बाहर रहने वाले बच्चे आवेदन कर सकते हैं?

उत्तर: यह योजना बिहार सरकार की है। निवास और अन्य पात्रता शर्तें संबंधित विभाग से सत्यापित करनी चाहिए।