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ग्रामीण विकास विभाग, बिहार सरकार (जीविका – BRLPS)

जीविका दीदी की रसोई – ₹20 में भरपेट थाली और ग्रामीण महिलाओं को रोजगार

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विवरण

जीविका दीदी की रसोई बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (जीविका/BRLPS) की पहल है, जिसमें महिला स्वयं सहायता समूह (SHG) की सदस्य यानी "जीविका दीदियां" कैंटीन या रसोई चलाती हैं। इसकी शुरुआत 2018 में हुई थी।

ये रसोइयां अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों, सरकारी कार्यालयों और दूसरे संस्थानों के परिसर में चलती हैं। यहां मरीजों, उनके परिजनों और आम लोगों को साफ-सुथरा और पौष्टिक खाना मिलता है। जून 2025 में राज्य कैबिनेट ने वेज थाली की कीमत ₹40 से घटाकर ₹20 करने का फैसला किया।

इस पहल से एक तरफ लोगों को सस्ता और अच्छा खाना मिलता है, दूसरी तरफ ग्रामीण महिलाओं को सम्मानजनक आमदनी का जरिया मिलता है। रिपोर्टों के अनुसार दीदियां रसोई में काम करके हर महीने लगभग ₹5,500 से ₹10,000 तक कमाती हैं और उद्यम में उनकी हिस्सेदारी भी रहती है।

 

लाभ

  • खाने वालों के लिए: ₹20 में स्वच्छ और पौष्टिक वेज थाली
  • दीदियों के लिए: रसोई चलाकर हर महीने सम्मानजनक आमदनी (रिपोर्टों में ₹5,500 से ₹10,000)
  • दीदियों की उद्यम में हिस्सेदारी और आत्मनिर्भरता
  • अस्पताल के मरीजों और परिजनों को परिसर में ही घर जैसा खाना
  • स्वच्छता और खाने की गुणवत्ता पर खास ध्यान

पात्रता

  • सोई चलाने के लिए: आवेदक जीविका की स्वयं सहायता समूह की सदस्य महिला हो
  • बिहार की ग्रामीण महिला हो
  • खाना बनाने और रसोई चलाने में रुचि हो (जीविका द्वारा प्रशिक्षण और सहयोग मिलता है)
  • खाना खाने के लिए: कोई पात्रता नहीं, कोई भी व्यक्ति थाली ले सकता है

 

आवेदन प्रक्रिया

  1. रसोई चलाना चाहती हैं: अपने गांव के जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ें (जुड़ी हुई नहीं हैं तो पहले समूह की सदस्य बनें)।
  2. अपने प्रखंड के जीविका कार्यालय में प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक से मिलकर इच्छा बताएं।
  3. जीविका द्वारा रसोई चलाने का प्रशिक्षण और जरूरी जानकारी दी जाती है।
  4. अस्पताल, कार्यालय या संस्थान की जगह तय होने पर जीविका उसके साथ समझौता करती है।
  5. इसके बाद दीदियां रसोई का संचालन शुरू करती हैं।
  6. खाना खाने के लिए: आपको कुछ करना नहीं है, अपने नजदीकी अस्पताल या कार्यालय परिसर की दीदी की रसोई में सीधे थाली ले सकते हैं।

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आवश्यक दस्तावेज़

  • आधार कार्ड
  • जीविका स्वयं सहायता समूह की सदस्यता की जानकारी
  • बैंक खाते की जानकारी
  • मोबाइल नंबर और पासपोर्ट साइज फोटो

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. जीविका दीदी की रसोई क्या है?

जीविका की महिला स्वयं सहायता समूह की दीदियों द्वारा चलाई जाने वाली रसोई या कैंटीन, जहां सस्ता, स्वच्छ और पौष्टिक खाना मिलता है।

2. यह योजना कब शुरू हुई?

जीविका ने इसकी शुरुआत 2018 में की थी।

3. इसे कौन चलाता है?

बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (जीविका), जो ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत आती है।

4. एक थाली की कीमत कितनी है?

राज्य कैबिनेट के जून 2025 के फैसले के अनुसार वेज थाली ₹20 की है, पहले ₹40 थी। कीमत बदल सकती है, इसलिए रसोई पर देख लें।

5. यह रसोइयां कहां चलती हैं?

अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों, सरकारी कार्यालयों और कुछ दूसरे संस्थानों के परिसर में।

6. खाना खाने के लिए क्या कोई पात्रता चाहिए?

नहीं, कोई भी व्यक्ति थाली ले सकता है।

7. रसोई चलाने के लिए कौन आवेदन कर सकता है?

जीविका स्वयं सहायता समूह की सदस्य ग्रामीण महिलाएं।

8. दीदियों को कितनी कमाई होती है?

रिपोर्टों के अनुसार हर महीने लगभग ₹5,500 से ₹10,000। यह रसोई और जगह के हिसाब से अलग हो सकती है।

9. रसोई चलाने के लिए ट्रेनिंग मिलती है?

हां, जीविका दीदियों को रसोई चलाने में प्रशिक्षण और सहयोग देती है।