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जल-जीवन-हरियाली अभियान 2026: बिहार में जल संरक्षण, वृक्षारोपण और हरियाली की पूरी जानकारी

जल-जीवन-हरियाली अभियान 2026: बिहार में जल संरक्षण, वृक्षारोपण और हरियाली की पूरी जानकारी

जल-जीवन-हरियाली अभियान 2026: बिहार में जल संरक्षण, वृक्षारोपण और हरियाली की पूरी जानकारी

बिहार में जल संकट, भूजल स्तर, बारिश के पानी का संरक्षण और पर्यावरण से जुड़ी चुनौतियों को देखते हुए राज्य सरकार ने जल-जीवन-हरियाली अभियान शुरू किया। यह केवल पेड़ लगाने या तालाबों की सफाई तक सीमित अभियान नहीं है, बल्कि इसके अंतर्गत जल स्रोतों का संरक्षण, भूजल रिचार्ज, वर्षा जल संचयन, वृक्षारोपण, जल-बचत कृषि तकनीक, सौर ऊर्जा और जन-जागरूकता जैसी कई गतिविधियां शामिल हैं।

बिहार सरकार के आधिकारिक Jal-Jeevan-Hariyali Mission के अनुसार अभियान के 11 प्रमुख घटक निर्धारित किए गए हैं। इनमें तालाब-पोखर और आहर-पईन के जीर्णोद्धार से लेकर Rain Water Harvesting और Drip Irrigation तक कई गतिविधियां शामिल हैं। 

अगर आप जानना चाहते हैं कि जल-जीवन-हरियाली अभियान क्या है, इसके उद्देश्य क्या हैं, इसके 11 घटक कौन-कौन से हैं, इससे आम लोगों और किसानों को किस प्रकार फायदा होता है और इसकी आधिकारिक जानकारी कहां मिलेगी, तो यह पूरी जानकारी आपके लिए है।


जल-जीवन-हरियाली अभियान क्या है?

जल-जीवन-हरियाली अभियान बिहार सरकार का एक व्यापक जल एवं पर्यावरण संरक्षण अभियान है। इसका उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ-साथ राज्य में जल संचयन, भूजल संरक्षण, वृक्षारोपण और पर्यावरणीय संतुलन को बढ़ावा देना है।

बिहार सरकार के मुख्यमंत्री सचिवालय के अनुसार राज्य में इस अभियान की शुरुआत 2 अक्टूबर 2019 को की गई थी। अभियान का उद्देश्य जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने, बिहार को हरित एवं स्वच्छ बनाने और पारिस्थितिकीय संतुलन बनाए रखने से जुड़ा है। 

इस अभियान का संचालन Jal-Jeevan-Hariyali Mission (JJHM) के माध्यम से किया जाता है। आधिकारिक मिशन पोर्टल के अनुसार JJHM ग्रामीण विकास विभाग, बिहार सरकार के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करने वाली संस्था है। 


जल-जीवन-हरियाली अभियान की शुरुआत कब हुई?

बिहार में जल-जीवन-हरियाली अभियान की शुरुआत 2 अक्टूबर 2019 को की गई थी।

मुख्यमंत्री सचिवालय की आधिकारिक जानकारी के अनुसार अभियान की शुरुआत महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर की गई थी। इसका उद्देश्य जल, हरियाली और पर्यावरण से जुड़ी चुनौतियों पर व्यापक स्तर पर काम करना था। 

हालांकि इसकी शुरुआत 2019 में हुई थी, लेकिन अभियान के अंतर्गत विभिन्न जल संरक्षण और पर्यावरण संबंधी कार्य बाद के वर्षों में भी जारी रहे हैं। आधिकारिक मिशन पोर्टल पर 2024-25 की Annual Report उपलब्ध है और 2026-27 में भी विभिन्न क्षेत्रों में तालाब एवं पोखर जीर्णोद्धार जैसे कार्यों के लिए सरकारी स्वीकृतियां दर्ज हैं। 


जल-जीवन-हरियाली अभियान के मुख्य उद्देश्य

इस अभियान का उद्देश्य केवल जल बचाना नहीं है, बल्कि जल, भूमि, पेड़-पौधे और पर्यावरण से जुड़े कई क्षेत्रों में एक साथ काम करना है।

इसके प्रमुख उद्देश्य हैं:

1. जल स्रोतों का संरक्षण

तालाब, पोखर, आहर, पईन और अन्य सार्वजनिक जल संरचनाओं का संरक्षण एवं जीर्णोद्धार करना।

2. भूजल संरक्षण

कुओं, चापाकलों और अन्य संरचनाओं के माध्यम से भूजल रिचार्ज को बढ़ावा देना।

3. वर्षा जल संचयन

बारिश के पानी को सीधे बह जाने के बजाय उसका संग्रहण और भूजल रिचार्ज के लिए उपयोग करना।

4. वृक्षारोपण

पौधशाला निर्माण तथा बड़े स्तर पर वृक्षारोपण के माध्यम से हरित क्षेत्र बढ़ाना।

5. कृषि में पानी की बचत

Drip Irrigation जैसी तकनीकों और वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा देना।

6. जैविक खेती

कृषि में पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों और जैविक खेती को प्रोत्साहित करना।

7. सौर ऊर्जा को बढ़ावा

सौर ऊर्जा के इस्तेमाल और ऊर्जा बचत को प्रोत्साहित करना।

8. जन-जागरूकता

लोगों को जल एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना।

इन उद्देश्यों को आधिकारिक Mission के 11 घटकों में विस्तार से शामिल किया गया है। 


जल-जीवन-हरियाली अभियान के 11 प्रमुख घटक

बिहार सरकार के आधिकारिक Jal-Jeevan-Hariyali Mission पोर्टल पर अभियान के 11 प्रमुख घटक दिए गए हैं। 

1. सार्वजनिक जल संचयन संरचनाओं को अतिक्रमण मुक्त कराना

सार्वजनिक जल संचयन संरचनाओं की पहचान करके उन्हें अतिक्रमण से मुक्त कराने की दिशा में कार्य किया जाता है।

इसमें सार्वजनिक जल स्रोतों की पहचान और उनके संरक्षण से संबंधित गतिविधियां शामिल हैं।


2. तालाब, पोखर, आहर और पईन का जीर्णोद्धार

बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक जल संरचनाओं का महत्वपूर्ण स्थान है।

इस घटक के अंतर्गत तालाब, पोखर, आहर और पईन जैसी सार्वजनिक जल संचयन संरचनाओं के जीर्णोद्धार पर काम किया जाता है।

2026-27 में भी बिहार के विभिन्न क्षेत्रों में Jal-Jeevan-Hariyali Mission के तहत तालाब और पोखर के जीर्णोद्धार के लिए सरकारी स्वीकृतियां दर्ज की गई हैं।


3. सार्वजनिक कुओं का जीर्णोद्धार

पुराने एवं सार्वजनिक कुओं की पहचान कर उनके जीर्णोद्धार से संबंधित कार्य अभियान का हिस्सा हैं।

इसका उद्देश्य पारंपरिक जल स्रोतों को संरक्षण देना और उनके उपयोग की स्थिति में सुधार करना है।


4. कुओं और चापाकलों के पास रिचार्ज संरचनाएं

सार्वजनिक कुओं एवं चापाकलों के आसपास सोख्ता, रिचार्ज और अन्य जल संचयन संरचनाओं का निर्माण अभियान के प्रमुख घटकों में शामिल है।

इसका संबंध वर्षा जल को जमीन में पहुंचाने और भूजल रिचार्ज को बढ़ावा देने से है।


5. चेकडैम और जल संचयन संरचनाओं का निर्माण

छोटी नदियों, नालों और पहाड़ी क्षेत्रों में पानी को रोकने एवं संग्रहित करने के लिए चेकडैम तथा अन्य जल संचयन संरचनाओं का निर्माण भी अभियान में शामिल है।


6. नए जल स्रोतों का सृजन

जहां पानी की उपलब्धता कम है, वहां नए जल स्रोतों के सृजन और जल उपलब्धता से संबंधित कार्य भी अभियान के घटकों में शामिल हैं।

आधिकारिक घटक सूची में अधिशेष नदी जल क्षेत्र से जल की कमी वाले क्षेत्रों में पानी पहुंचाने से संबंधित प्रावधान भी दर्ज है।


7. Rain Water Harvesting को बढ़ावा

आज के समय में बारिश का पानी बचाना जल संरक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

इसीलिए अभियान के तहत भवनों में छत आधारित Rain Water Harvesting संरचनाओं के निर्माण को भी शामिल किया गया है।

Rain Water Harvesting के माध्यम से बारिश के पानी को संग्रहित या भूजल रिचार्ज के लिए उपयोग किया जा सकता है।


8. पौधशाला और वृक्षारोपण

जल के साथ-साथ हरियाली को बढ़ावा देना भी इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

इसके तहत:

  • पौधशाला निर्माण
  • पौधों की उपलब्धता
  • सघन वृक्षारोपण
  • हरित क्षेत्र बढ़ाने जैसी गतिविधियां

शामिल हैं।

मुख्यमंत्री सचिवालय के अनुसार अभियान के प्रारंभिक उद्देश्यों में हरित आवरण बढ़ाने और भूजल स्तर को नीचे जाने से रोकने पर भी जोर दिया गया था।


9. Drip Irrigation और जैविक खेती

जल-जीवन-हरियाली अभियान का संबंध कृषि से भी है।

इसके अंतर्गत:

  • वैकल्पिक फसल
  • Drip Irrigation
  • जैविक खेती
  • नई कृषि तकनीक

के उपयोग को बढ़ावा देने का प्रावधान है।

इसका उद्देश्य कृषि गतिविधियों में पानी और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग को प्रोत्साहित करना है।


10. सौर ऊर्जा और ऊर्जा बचत

अभियान में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने और ऊर्जा बचाने को भी एक प्रमुख घटक बनाया गया है।

इससे अभियान केवल जल संरक्षण तक सीमित नहीं रहता, बल्कि ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण को भी इसके दायरे में शामिल करता है।


11. जल-जीवन-हरियाली जागरूकता अभियान

किसी भी जल संरक्षण अभियान की सफलता में लोगों की भागीदारी महत्वपूर्ण होती है।

इसीलिए अभियान के तहत जल-जीवन-हरियाली के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न गतिविधियां की जाती हैं। आधिकारिक Mission पोर्टल पर इसके लिए अलग घटक दर्ज है।


क्या जल-जीवन-हरियाली कोई ऐसी योजना है जिसमें सीधे पैसे मिलते हैं?

यह बात समझना बहुत जरूरी है।

जल-जीवन-हरियाली अभियान को सामान्य Direct Cash Benefit Scheme की तरह नहीं समझना चाहिए।

यह एक व्यापक Mission/अभियान है, जिसके अंतर्गत जल संरक्षण, जल स्रोतों का जीर्णोद्धार, वृक्षारोपण, Rain Water Harvesting, कृषि तकनीक, सौर ऊर्जा और जागरूकता जैसी विभिन्न गतिविधियां संचालित होती हैं।

इसलिए किसी व्यक्ति के लिए एक सामान्य फॉर्म भरकर निश्चित राशि सीधे बैंक खाते में मिलने वाली एकल योजना के रूप में इसे प्रस्तुत करना सही नहीं होगा। आधिकारिक Mission की संरचना भी इसके विभिन्न घटकों के आधार पर है। 


क्या किसान भी जल-जीवन-हरियाली अभियान से जुड़े हैं?

हाँ। अभियान के आधिकारिक घटकों में वैकल्पिक फसल, Drip Irrigation, जैविक खेती और नई कृषि तकनीकों के उपयोग को शामिल किया गया है।

हालांकि, किसी किसान को मिलने वाली विशिष्ट आर्थिक सहायता या कृषि सब्सिडी को जल-जीवन-हरियाली अभियान का सामान्य लाभ नहीं मानना चाहिए। ऐसी सहायता के लिए संबंधित विभाग की अलग योजना और उसके नियम लागू हो सकते हैं।


जल-जीवन-हरियाली अभियान के क्या फायदे हैं?

इस अभियान के अलग-अलग घटकों से कई प्रकार के पर्यावरणीय और ग्रामीण विकास संबंधी लाभ जुड़े हैं।

प्रमुख फायदे

जल संरक्षण:
तालाब, पोखर, आहर, पईन और कुओं जैसी जल संरचनाओं के संरक्षण में सहायता।

भूजल रिचार्ज:
सोख्ता और रिचार्ज संरचनाओं के माध्यम से भूजल संरक्षण को बढ़ावा।

बारिश के पानी का उपयोग:
Rain Water Harvesting के माध्यम से वर्षा जल संचयन।

हरित क्षेत्र में वृद्धि:
पौधशाला और वृक्षारोपण गतिविधियों को बढ़ावा।

कृषि में जल बचत:
Drip Irrigation और अन्य जल-बचत तकनीकों को प्रोत्साहन।

पर्यावरण संरक्षण:
जल, हरियाली, ऊर्जा और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को एक साथ बढ़ावा।


जल-जीवन-हरियाली अभियान के लिए आवेदन कैसे करें?

यहां एक महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है।

इस पूरे अभियान के लिए कोई एक सामान्य “Apply Online” फॉर्म नहीं है।

क्योंकि जल-जीवन-हरियाली कई घटकों वाला Mission है। अलग-अलग कार्यों के लिए संबंधित विभाग और स्थानीय स्तर पर अलग-अलग कार्यान्वयन प्रक्रिया हो सकती है।

इसलिए अगर आपको किसी विशेष तालाब, पोखर, कुएं, जल संरचना, वृक्षारोपण, कृषि गतिविधि या अन्य कार्य से संबंधित जानकारी चाहिए, तो संबंधित विभाग या स्थानीय प्रशासन द्वारा निर्धारित प्रक्रिया देखनी चाहिए।

आधिकारिक Mission वेबसाइट पर इसके Dashboard, Reports और विभिन्न घटकों की जानकारी उपलब्ध है।


जल-जीवन-हरियाली अभियान का Status कैसे देखें?

आधिकारिक Mission वेबसाइट पर Dashboard उपलब्ध है।

Dashboard में अलग-अलग प्रकार के कार्यों की स्थिति से संबंधित जानकारी दी जाती है, जिसमें:

  • Water Bodies
  • Pond/Aahar/Pyne
  • Wells
  • Chapakal
  • Work Status
  • Started Works
  • Completed Works

जैसी जानकारी शामिल है।

Official Dashboard:
Jal-Jeevan-Hariyali Mission Dashboard


जल-जीवन-हरियाली अभियान की आधिकारिक वेबसाइट

जल-जीवन-हरियाली अभियान की आधिकारिक वेबसाइट बिहार सरकार के Jal-Jeevan-Hariyali Mission पोर्टल पर उपलब्ध है।

Jal-Jeevan-Hariyali Mission — Bihar Government

यहां आप अभियान के घटक, Reports, Annual Reports, Dashboard और अन्य आधिकारिक जानकारी देख सकते हैं। वर्तमान आधिकारिक पोर्टल पर Annual Report 2024-25 सहित विभिन्न दस्तावेज उपलब्ध हैं।


जल-जीवन-हरियाली अभियान: महत्वपूर्ण जानकारी एक नजर में

जानकारी विवरण
अभियान का नाम जल-जीवन-हरियाली अभियान
English Name Jal-Jeevan-Hariyali Mission
शुरुआत 2 अक्टूबर 2019
राज्य बिहार
प्रमुख विभाग ग्रामीण विकास विभाग, बिहार सरकार
प्रमुख घटक 11
मुख्य फोकस जल संरक्षण एवं पर्यावरण
Rain Water Harvesting शामिल
वृक्षारोपण शामिल
भूजल रिचार्ज शामिल
Drip Irrigation शामिल
जैविक खेती शामिल
सौर ऊर्जा शामिल
सामान्य Direct Cash Scheme नहीं
Official Website jaljeevanhariyali.bihar.gov.in

आधिकारिक Mission की घटक सूची और सरकारी स्रोतों से उपरोक्त मुख्य बिंदुओं की पुष्टि होती है। 


जल-जीवन-हरियाली अभियान FAQ

1. जल-जीवन-हरियाली अभियान क्या है?

जल-जीवन-हरियाली अभियान बिहार सरकार का व्यापक जल एवं पर्यावरण संरक्षण अभियान है, जिसमें जल स्रोतों के संरक्षण, वर्षा जल संचयन, भूजल रिचार्ज, वृक्षारोपण, जल-बचत कृषि तकनीक और सौर ऊर्जा जैसी गतिविधियां शामिल हैं। 

2. जल-जीवन-हरियाली अभियान कब शुरू हुआ?

बिहार में जल-जीवन-हरियाली अभियान की शुरुआत 2 अक्टूबर 2019 को की गई थी। 

3. जल-जीवन-हरियाली अभियान के कितने घटक हैं?

आधिकारिक Mission पोर्टल के अनुसार इसके 11 प्रमुख घटक हैं। इनमें जल संरचनाओं का जीर्णोद्धार, कुओं का संरक्षण, Rain Water Harvesting, वृक्षारोपण, Drip Irrigation, जैविक खेती, सौर ऊर्जा और जागरूकता अभियान शामिल हैं। 

4. क्या जल-जीवन-हरियाली में तालाब का जीर्णोद्धार किया जाता है?

हाँ। तालाब, पोखर, आहर और पईन जैसी सार्वजनिक जल संचयन संरचनाओं का जीर्णोद्धार अभियान के प्रमुख घटकों में शामिल है। 

5. क्या Rain Water Harvesting इस अभियान में शामिल है?

हाँ। भवनों में छत आधारित Rain Water Harvesting संरचना का निर्माण अभियान के 11 प्रमुख घटकों में शामिल है। 

6. क्या इस अभियान में वृक्षारोपण किया जाता है?

हाँ। पौधशाला निर्माण और सघन वृक्षारोपण अभियान का एक प्रमुख घटक है। 

7. क्या किसानों को जल-जीवन-हरियाली अभियान से लाभ मिलता है?

अभियान में वैकल्पिक फसल, Drip Irrigation, जैविक खेती और नई कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने वाला घटक शामिल है। किसी विशिष्ट आर्थिक सहायता के लिए संबंधित कृषि योजना के अलग नियम लागू हो सकते हैं। 

8. क्या जल-जीवन-हरियाली में सीधे पैसे मिलते हैं?

यह एक सामान्य Direct Cash Benefit Scheme नहीं है। यह विभिन्न जल, पर्यावरण, कृषि, ऊर्जा और जागरूकता गतिविधियों वाला Mission है।

9. क्या जल-जीवन-हरियाली के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं?

पूरे अभियान के लिए कोई एक सामान्य ऑनलाइन आवेदन फॉर्म नहीं है। किसी विशेष गतिविधि या कार्य की प्रक्रिया संबंधित विभाग और उसके निर्धारित नियमों पर निर्भर करती है।

10. जल-जीवन-हरियाली का Status कैसे देखें?

आधिकारिक Mission Dashboard पर Water Bodies, Wells, Chapakal और विभिन्न कार्यों की स्थिति से संबंधित जानकारी देखी जा सकती है। 

11. जल-जीवन-हरियाली अभियान किस विभाग के अंतर्गत आता है?

Jal-Jeevan-Hariyali Mission ग्रामीण विकास विभाग, बिहार सरकार के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करता है। 

12. जल-जीवन-हरियाली अभियान की आधिकारिक वेबसाइट क्या है?

आधिकारिक वेबसाइट है: jaljeevanhariyali.bihar.gov.in


निष्कर्ष

जल-जीवन-हरियाली अभियान को केवल एक सरकारी योजना के रूप में देखना पर्याप्त नहीं है। यह बिहार में जल संरक्षण, जल स्रोतों के पुनर्जीवन, भूजल रिचार्ज, Rain Water Harvesting, वृक्षारोपण, जल-बचत कृषि, जैविक खेती और पर्यावरण जागरूकता को एक साथ जोड़ने वाला व्यापक Mission है।

इसके 11 घटक जल संरक्षण से लेकर हरियाली और ऊर्जा संरक्षण तक अलग-अलग क्षेत्रों को कवर करते हैं। 2026-27 में भी इसके अंतर्गत विभिन्न जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार के कार्यों के लिए सरकारी स्वीकृतियां जारी हुई हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि अभियान से जुड़े कार्य अभी भी विभिन्न क्षेत्रों में जारी हैं। 

अगर आपको अपने गांव/क्षेत्र में जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत किसी तालाब, कुएं, पोखर या अन्य कार्य की जानकारी चाहिए, तो आधिकारिक Mission Dashboard और संबंधित स्थानीय विभागीय कार्यालय की जानकारी को प्राथमिकता दें।


 

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