बिहार डीजल अनुदान योजना 2026-27: किसानों को ₹750 प्रति एकड़ तक अनुदान, आवेदन और पात्रता
बिहार सरकार के कृषि विभाग द्वारा खरीफ मौसम में अनियमित मानसून, कम बारिश, सूखे और अन्य प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण फसलों की सिंचाई में होने वाले डीजल खर्च को कम करने के लिए डीजल अनुदान योजना 2026-27 लागू की गई है।
इस योजना के तहत डीजल पंपसेट से खरीफ फसलों की सिंचाई करने वाले पात्र किसानों को ₹75 प्रति लीटर की दर से अधिकतम ₹750 प्रति एकड़ प्रति सिंचाई तक डीजल अनुदान दिया जाता है। योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 17 अगस्त 2026 से शुरू होकर 30 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित है।
बिहार डीजल अनुदान योजना क्या है?
डीजल अनुदान योजना बिहार सरकार के कृषि विभाग की एक सहायता योजना है। इसका उद्देश्य कम बारिश या सूखे जैसी स्थिति में किसानों को डीजल पंपसेट से फसलों की सिंचाई करने में होने वाले खर्च में सहायता देना है।
इस योजना के अंतर्गत किसान द्वारा सिंचाई के लिए खरीदे गए डीजल पर निर्धारित दर के अनुसार अनुदान दिया जाता है। अनुदान की राशि किसान के आधार से जुड़े बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजी जाती है।
बिहार डीजल अनुदान योजना 2026-27 में कितना अनुदान मिलेगा?
योजना के तहत डीजल अनुदान की दर ₹75 प्रति लीटर निर्धारित है। एक एकड़ में एक सिंचाई के लिए अधिकतम 10 लीटर डीजल की गणना के आधार पर किसान को ₹750 प्रति एकड़ प्रति सिंचाई तक अनुदान मिल सकता है।
फसल के अनुसार अधिकतम सिंचाई और अनुदान की सीमा अलग हो सकती है।
धान का बिचड़ा और जूट
धान के बिचड़े तथा जूट की फसल के लिए अधिकतम 2 सिंचाई का लाभ दिया जा सकता है।
- ₹750 प्रति एकड़ प्रति सिंचाई
- अधिकतम ₹1,500 प्रति एकड़ तक
धान, मक्का और अन्य खरीफ फसलें
धान, मक्का तथा अन्य खरीफ फसलों के अंतर्गत दलहन, तेलहन, मौसमी सब्जी, औषधीय एवं सुगंधित पौधों के लिए अधिकतम 3 सिंचाई का प्रावधान है।
- ₹750 प्रति एकड़ प्रति सिंचाई
- अधिकतम ₹2,250 प्रति एकड़ तक
एक किसान परिवार को अधिकतम 8 एकड़ क्षेत्र की सिंचाई के लिए योजना का लाभ दिया जा सकता है।
डीजल अनुदान योजना 2026-27 की महत्वपूर्ण तारीख
| विवरण | तारीख |
|---|---|
| योजना | डीजल सब्सिडी (खरीफ) 2026-27 |
| ऑनलाइन आवेदन शुरू | 17 अगस्त 2026 |
| आवेदन की अंतिम तिथि | 30 अक्टूबर 2026 |
| डीजल रसीद की मान्य अवधि | आवेदन शुरू होने की तारीख से 30 अक्टूबर 2026 तक |
| आवेदन का माध्यम | ऑनलाइन |
| भुगतान | आधार से जुड़े बैंक खाते में DBT |
बिहार कृषि विभाग के वर्तमान DBT पोर्टल पर खरीफ 2026-27 के लिए आवेदन की अवधि 17 अगस्त 2026 से 30 अक्टूबर 2026 प्रदर्शित की गई है।
किन किसानों को डीजल अनुदान मिलेगा?
योजना के अंतर्गत पात्र किसान अपनी स्थिति के अनुसार आवेदन कर सकते हैं। आवेदन में किसान को निम्न में से किसी एक श्रेणी का चयन करना होता है:
- स्वयं (भू-धारी किसान)
- बटाईदार किसान
- स्वयं + बटाईदार
किसान केवल एक प्रकार से आवेदन कर सकता है।
स्वयं खेती करने वाले किसान
यदि किसान अपनी जमीन पर खेती करता है, तो आवेदन में जमीन से संबंधित जानकारी जैसे थाना नंबर, खाता नंबर, खेसरा नंबर और सिंचित रकबा दर्ज करना होगा। भूमि संबंधी दस्तावेज और डीजल की कंप्यूटराइज्ड/डिजिटल रसीद भी देनी होगी।
बटाईदार किसान
दूसरे की जमीन पर खेती करने वाले बटाईदार किसान भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन कर सकते हैं। उन्हें खेसरा नंबर, सिंचित रकबा तथा आवश्यक सत्यापन दस्तावेज और डीजल की डिजिटल रसीद उपलब्ध करानी होगी।
स्वयं + बटाईदार
यदि किसान स्वयं की जमीन के साथ बटाई की जमीन पर भी खेती करता है, तो दोनों प्रकार की जमीन से संबंधित निर्धारित दस्तावेज और विवरण आवेदन में देना होगा।
किन जिलों में लागू है योजना?
वर्तमान 2026-27 आवेदन निर्देश के अनुसार यह डीजल अनुदान योजना प्रभावित किसानों के लिए लागू है, लेकिन आवेदन पोर्टल पर भागलपुर, पश्चिमी चंपारण, सहरसा, मधेपुरा, लखीसराय, सारण, कैमूर, गया जी और पूर्णिया को छोड़कर अन्य प्रभावित जिलों का उल्लेख किया गया है।
किसान आवेदन करने से पहले अपने जिले की वर्तमान पात्रता और पोर्टल पर उपलब्ध स्थिति जरूर जांच लें, क्योंकि प्राकृतिक परिस्थितियों और सरकारी आदेश के अनुसार जिलेवार स्थिति में बदलाव हो सकता है।
डीजल अनुदान के लिए जरूरी दस्तावेज
आवेदन करते समय किसान को अपनी श्रेणी के अनुसार दस्तावेज उपलब्ध कराने पड़ सकते हैं।
स्वयं किसान के लिए
- किसान पंजीकरण संख्या
- आधार से संबंधित विवरण
- बैंक खाता विवरण
- थाना नंबर
- खाता नंबर
- खेसरा नंबर
- कुल सिंचित रकबा
- भूमि संबंधी दस्तावेज
- कंप्यूटराइज्ड/डिजिटल डीजल रसीद
बटाईदार किसान के लिए
- किसान पंजीकरण संख्या
- खेसरा नंबर
- कुल सिंचित रकबा
- निर्धारित सत्यापन/हस्ताक्षरित दस्तावेज
- कंप्यूटराइज्ड/डिजिटल डीजल रसीद
स्वयं + बटाईदार किसान
इस श्रेणी में स्वयं की जमीन और बटाई की जमीन के लिए संबंधित दोनों प्रकार के दस्तावेज देने पड़ सकते हैं।
डीजल रसीद से जुड़ी महत्वपूर्ण शर्तें
डीजल अनुदान प्राप्त करने के लिए कंप्यूटराइज्ड/डिजिटल डीजल रसीद महत्वपूर्ण है।
वर्तमान आवेदन निर्देश के अनुसार रसीद में निर्धारित जानकारी होनी चाहिए। रसीद पर किसान के पंजीकरण संख्या के अंतिम 10 अंक तथा किसान का हस्ताक्षर/अंगूठे का निशान नहीं होने पर रसीद अमान्य हो सकती है।
साथ ही, योजना के लिए आवेदन शुरू होने की तारीख से 30 अक्टूबर 2026 तक की निर्धारित डीजल रसीद मान्य है।
आवेदन करने से पहले डीजल रसीद को JPEG फॉर्मेट में स्कैन करके निर्धारित आकार में तैयार रखने की सलाह दी गई है।
बैंक खाते से जुड़ी जरूरी शर्त
डीजल अनुदान की राशि किसान के आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजी जाती है। बैंक खाता आधार और NPCI से लिंक नहीं होने पर अनुदान की राशि खाते में ट्रांसफर होने में समस्या हो सकती है।
इसलिए आवेदन करने से पहले किसान को यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि उसका बैंक खाता:
- आधार से लिंक हो
- NPCI से लिंक हो
- सक्रिय हो
बिहार डीजल अनुदान योजना 2026-27 के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
डीजल अनुदान के लिए आवेदन बिहार कृषि विभाग के DBT पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जा सकता है।
आवेदन की सामान्य प्रक्रिया इस प्रकार है:
Step 1: किसान पंजीकरण करें
सबसे पहले किसान का बिहार कृषि विभाग के DBT पोर्टल पर किसान पंजीकरण होना जरूरी है। ऑनलाइन कृषि अनुदान योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसान पंजीकरण आवश्यक है।
Step 2: डीजल अनुदान विकल्प चुनें
पंजीकरण के बाद कृषि विभाग के ऑनलाइन अनुदान आवेदन सेक्शन में जाकर डीजल अनुदान का विकल्प चुनें।
Step 3: पंजीकरण संख्या दर्ज करें
आवेदन के लिए किसान की 13 अंकों की पंजीकरण संख्या आवश्यक होती है।
Step 4: किसान का प्रकार चुनें
किसान को अपनी स्थिति के अनुसार:
- स्वयं
- बटाईदार
- स्वयं + बटाईदार
में से एक विकल्प चुनना होगा।
Step 5: सिंचित क्षेत्र की जानकारी भरें
किसान को अपनी भूमि, खेसरा और सिंचित रकबे से संबंधित जानकारी भरनी होगी।
Step 6: डीजल रसीद अपलोड करें
निर्धारित प्रारूप में कंप्यूटराइज्ड/डिजिटल डीजल रसीद अपलोड करनी होगी।
Step 7: आवेदन जमा करें
सभी जानकारी जांचने के बाद आवेदन को ऑनलाइन सबमिट करें और आवेदन संख्या सुरक्षित रखें।
किसान स्वयं मोबाइल/कंप्यूटर से आवेदन कर सकता है या नजदीकी वसुधा केंद्र/कॉमन सर्विस सेंटर की सहायता ले सकता है।
डीजल अनुदान की राशि कैसे मिलेगी?
किसान द्वारा दिए गए सिंचित रकबे और पात्रता के अनुसार अनुमानित अनुदान राशि आवेदन के समय प्रदर्शित की जा सकती है।
सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र किसान के आधार से जुड़े बैंक खाते में अनुदान की राशि DBT के माध्यम से भेजी जाती है।
डीजल अनुदान आवेदन में किन बातों का ध्यान रखें?
आवेदन करते समय इन बातों का विशेष ध्यान रखें:
- किसान का नाम आधार के अनुसार भरें।
- पिता/पति का नाम भी सही दर्ज करें।
- किसान पंजीकरण संख्या सही डालें।
- बैंक खाता आधार और NPCI से लिंक होना चाहिए।
- केवल निर्धारित अवधि की डीजल रसीद लगाएं।
- कंप्यूटराइज्ड/डिजिटल रसीद ही इस्तेमाल करें।
- रसीद पर आवश्यक विवरण स्पष्ट होना चाहिए।
- सिंचित रकबा सही दर्ज करें।
- बटाईदार किसान निर्धारित सत्यापन दस्तावेज जरूर लगाएं।
- आवेदन जमा करने के बाद आवेदन संख्या सुरक्षित रखें।
डीजल अनुदान आवेदन क्यों अस्वीकार हो सकता है?
आवेदन में गलत या अधूरी जानकारी होने पर समस्या आ सकती है। उदाहरण के लिए:
- गलत किसान पंजीकरण संख्या
- गलत बैंक विवरण
- आधार से बैंक खाता लिंक न होना
- निर्धारित अवधि के बाहर की डीजल रसीद
- अमान्य या अस्पष्ट रसीद
- गलत सिंचित रकबा
- आवश्यक भूमि दस्तावेज नहीं लगाना
- बटाईदार किसान का सत्यापन दस्तावेज पूरा नहीं होना
- गलत किसान श्रेणी का चयन
इसलिए आवेदन जमा करने से पहले सभी जानकारी अच्छी तरह जांचना चाहिए।
डीजल अनुदान योजना का स्टेटस कैसे चेक करें?
डीजल अनुदान के आवेदन की स्थिति जानने के लिए बिहार कृषि विभाग के DBT पोर्टल पर उपलब्ध डीजल सब्सिडी (खरीफ 2026-27) आवेदन स्टेटस सुविधा का उपयोग किया जा सकता है। इसके लिए आवेदन संख्या की आवश्यकता होती है।
FAQ – बिहार डीजल अनुदान योजना 2026-27
बिहार डीजल अनुदान योजना 2026-27 क्या है?
यह बिहार सरकार के कृषि विभाग की योजना है, जिसके तहत खरीफ फसलों की डीजल पंपसेट से सिंचाई करने वाले पात्र किसानों को निर्धारित दर के अनुसार डीजल अनुदान दिया जाता है।
डीजल अनुदान 2026-27 में कितना पैसा मिलेगा?
₹75 प्रति लीटर की दर से अधिकतम ₹750 प्रति एकड़ प्रति सिंचाई तक अनुदान मिल सकता है।
एक किसान को अधिकतम कितने एकड़ का लाभ मिलेगा?
योजना के तहत एक किसान परिवार को अधिकतम 8 एकड़ क्षेत्र की सिंचाई के लिए अनुदान दिया जा सकता है।
आवेदन की अंतिम तारीख क्या है?
2026-27 खरीफ डीजल अनुदान के लिए वर्तमान आवेदन अवधि 17 अगस्त 2026 से 30 अक्टूबर 2026 तक है।
क्या बटाईदार किसान आवेदन कर सकते हैं?
हाँ, वर्तमान आवेदन प्रक्रिया में बटाईदार किसानों के लिए अलग श्रेणी उपलब्ध है। उन्हें निर्धारित सत्यापन दस्तावेज और अन्य आवश्यक जानकारी देनी होगी।
क्या डीजल की सामान्य रसीद मान्य होगी?
नहीं। वर्तमान निर्देशों के अनुसार निर्धारित शर्तों वाली कंप्यूटराइज्ड/डिजिटल डीजल रसीद आवश्यक है।
डीजल अनुदान की राशि कहां मिलेगी?
पात्र किसान के आधार से जुड़े बैंक खाते में DBT के माध्यम से राशि भेजी जाएगी।
क्या बिना किसान पंजीकरण के आवेदन कर सकते हैं?
नहीं। बिहार कृषि विभाग की ऑनलाइन अनुदान योजनाओं के लिए किसान पंजीकरण आवश्यक है।
डीजल अनुदान का स्टेटस कैसे देखें?
आवेदन संख्या की सहायता से बिहार कृषि विभाग के DBT पोर्टल पर डीजल सब्सिडी आवेदन की स्थिति देखी जा सकती है।
निष्कर्ष
बिहार डीजल अनुदान योजना 2026-27 खरीफ मौसम में कम बारिश और सूखे जैसी परिस्थितियों में किसानों को सिंचाई खर्च में सहायता देने के लिए लागू की गई है। इसके तहत पात्र किसानों को ₹75 प्रति लीटर की दर से अधिकतम ₹750 प्रति एकड़ प्रति सिंचाई तक अनुदान दिया जा सकता है।
धान के बिचड़े और जूट के लिए अधिकतम 2 सिंचाई तथा धान, मक्का और अन्य निर्धारित खरीफ फसलों के लिए अधिकतम 3 सिंचाई तक सहायता का प्रावधान है। एक किसान परिवार को अधिकतम 8 एकड़ क्षेत्र के लिए लाभ दिया जा सकता है।
2026-27 के लिए ऑनलाइन आवेदन 17 अगस्त से 30 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित है। आवेदन करते समय किसान पंजीकरण, सही सिंचित रकबा, निर्धारित अवधि की कंप्यूटराइज्ड/डिजिटल डीजल रसीद और आधार से जुड़े बैंक खाते जैसी शर्तों का विशेष ध्यान रखना जरूरी है।
स्रोत: बिहार सरकार, कृषि विभाग; कृषि विभाग DBT पोर्टल।