वित्त मंत्रालय, वित्तीय सेवा विभाग, भारत सरकार
Stand-Up India योजना: महिलाओं, SC/ST उद्यमियों के लिए बिजनेस लोन
Overview
Stand-Up India योजना भारत सरकार द्वारा 5 अप्रैल 2016 को शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य महिलाओं तथा अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के लोगों को नया व्यवसाय शुरू करने के लिए बैंक वित्त उपलब्ध कराना था।
इस योजना के अंतर्गत ₹10 लाख से ₹1 करोड़ तक का Composite Loan उपलब्ध कराया जाता था। यह ऋण मुख्य रूप से नए यानी Greenfield Enterprise स्थापित करने के लिए था।
योजना के अंतर्गत Manufacturing, Services और Trading क्षेत्र के व्यवसायों को शामिल किया गया था। कृषि से जुड़ी कुछ गतिविधियां जैसे डेयरी, पोल्ट्री, मधुमक्खी पालन, मत्स्य पालन, खाद्य एवं कृषि प्रसंस्करण आदि भी पात्र गतिविधियों में शामिल थीं।
ऋण की प्रमुख विशेषताएं
- ऋण राशि: ₹10 लाख से ₹1 करोड़
- लक्षित लाभार्थी: महिलाएं तथा SC/ST उद्यमी
- व्यवसाय: Manufacturing, Services और Trading
- कृषि से संबंधित कुछ पात्र गतिविधियां भी शामिल
- ऋण चुकाने की अवधि: अधिकतम 7 वर्ष
- Moratorium Period: अधिकतम 18 महीने
- उधारकर्ता को परियोजना लागत का कम से कम 10% स्वयं योगदान करना होता था।
- Margin Money की व्यवस्था पात्र सरकारी योजनाओं के साथ convergence में 15% तक हो सकती थी।
Benefits
- ₹10 लाख से ₹1 करोड़ तक बैंक ऋण की सुविधा
- महिला उद्यमियों को व्यवसाय शुरू करने में वित्तीय सहायता
- SC/ST उद्यमियों के लिए विशेष ऋण सुविधा
- नए व्यवसाय यानी Greenfield Enterprise के लिए सहायता
- Manufacturing, Services और Trading क्षेत्र शामिल
- कुछ कृषि-संबंधित गतिविधियां भी पात्र
- अधिकतम 7 वर्ष तक repayment period
- अधिकतम 18 महीने तक moratorium period
- कम से कम 10% स्वयं का योगदान आवश्यक था।
Eligibility
- आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।
- आवेदक महिला या SC/ST श्रेणी से संबंधित होना चाहिए।
- व्यवसाय नया यानी Greenfield Enterprise होना चाहिए।
- व्यवसाय Manufacturing, Services, Trading या पात्र कृषि-संबंधित गतिविधि में होना चाहिए।
- Non-individual enterprise में कम से कम 51% shareholding और controlling stake महिला या SC/ST उद्यमी के पास होना चाहिए।
- आवेदक को बैंक की ऋण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करना होता था।
How to apply
मूल योजना के दौरान आवेदन Scheduled Commercial Banks के माध्यम से किया जाता था। ऑनलाइन सहायता और आवेदन मार्गदर्शन के लिए संबंधित सरकारी पोर्टल उपलब्ध था।
चरण 1: अपने व्यवसाय और प्रोजेक्ट की योजना तैयार करें।
चरण 2: पात्र बैंक/ऋणदाता से संपर्क करें।
चरण 3: व्यक्तिगत एवं व्यवसाय संबंधी जानकारी जमा करें।
चरण 4: Project Report और आवश्यक दस्तावेज जमा करें।
चरण 5: बैंक द्वारा परियोजना और पात्रता का मूल्यांकन किया जाता था।
चरण 6: स्वीकृति मिलने पर निर्धारित बैंक प्रक्रिया के अनुसार ऋण जारी किया जाता था।
Documents needed
- आधार कार्ड
- पैन कार्ड
- पासपोर्ट साइज फोटो
- निवास प्रमाण
- जाति प्रमाण पत्र, यदि लागू हो
- बैंक खाता विवरण
- व्यवसाय/प्रोजेक्ट की जानकारी
- Project Report
- मशीनरी/उपकरण का अनुमान
- व्यवसाय से संबंधित दस्तावेज
- बैंक द्वारा मांगे गए अन्य आवश्यक दस्तावेज