वित्त मंत्रालय, वित्तीय सेवा विभाग, भारत सरकार
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) 2026: ₹20 लाख तक बिजनेस लोन, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया
Overview
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (Pradhan Mantri MUDRA Yojana - PMMY) भारत सरकार की एक प्रमुख ऋण योजना है, जिसे 8 अप्रैल 2015 को शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य छोटे व्यवसायों और माइक्रो उद्यमों को संस्थागत एवं बिना जमानत ऋण उपलब्ध कराकर स्वरोजगार तथा आय-सृजन के अवसरों को बढ़ावा देना है।
इस योजना के अंतर्गत मैन्युफैक्चरिंग, ट्रेडिंग और सर्विस सेक्टर के छोटे व्यवसायों के साथ-साथ पोल्ट्री, डेयरी, मधुमक्खी पालन जैसी कृषि-संबंधित गतिविधियों के लिए भी ऋण लिया जा सकता है।
PM मुद्रा योजना की ऋण श्रेणियां
| श्रेणी | ऋण राशि |
|---|---|
| शिशु (Shishu) | ₹50,000 तक |
| किशोर (Kishor) | ₹50,000 से अधिक और ₹5 लाख तक |
| तरुण (Tarun) | ₹5 लाख से अधिक और ₹10 लाख तक |
| तरुण प्लस (Tarun Plus) | ₹10 लाख से अधिक और ₹20 लाख तक |
तरुण प्लस श्रेणी उन उद्यमियों के लिए है जिन्होंने पहले तरुण श्रेणी के अंतर्गत ऋण लिया हो और उसे सफलतापूर्वक चुका दिया हो। यह प्रावधान 24 अक्टूबर 2024 से लागू है।
ऋण की प्रमुख विशेषता
PMMY के तहत पात्र माइक्रो उद्यमों को ₹20 लाख तक का बिना जमानत ऋण उपलब्ध कराया जा सकता है। हालांकि ऋण स्वीकृति बैंक या संबंधित ऋणदाता संस्था द्वारा आवेदक की पात्रता, व्यवसाय, दस्तावेज और पुनर्भुगतान क्षमता के आधार पर की जाती है।
किन कामों के लिए ऋण लिया जा सकता है?
- छोटी दुकान या व्यापार शुरू करने के लिए
- सर्विस बिजनेस शुरू करने के लिए
- मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के लिए
- सिलाई और कपड़ा व्यवसाय
- ब्यूटी पार्लर
- मोबाइल/इलेक्ट्रॉनिक्स रिपेयर
- वाहन आधारित व्यवसाय
- डेयरी एवं पोल्ट्री
- मधुमक्खी पालन
- अन्य पात्र छोटे एवं माइक्रो व्यवसाय
Benefits
- ₹50,000 से ₹20 लाख तक ऋण की सुविधा
- शिशु, किशोर, तरुण और तरुण प्लस श्रेणियां
- ₹20 लाख तक के ऋण के लिए जमानत की आवश्यकता नहीं
- नए और छोटे व्यवसायों के लिए वित्तीय सहायता
- टर्म लोन और वर्किंग कैपिटल दोनों के लिए उपयोग
- मैन्युफैक्चरिंग, ट्रेडिंग और सर्विस व्यवसायों के लिए उपयोगी
- डेयरी, पोल्ट्री, मधुमक्खी पालन जैसी गतिविधियां भी शामिल
- स्वरोजगार और छोटे व्यवसायों को बढ़ावा
- बैंक, NBFC और माइक्रोफाइनेंस संस्थाओं के माध्यम से ऋण सुविधा
Eligibility
- आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए।
- आवेदक का व्यवसाय पात्र माइक्रो/छोटे उद्यम की श्रेणी में होना चाहिए।
- व्यवसाय मैन्युफैक्चरिंग, ट्रेडिंग, सर्विस या पात्र कृषि-संबंधित गतिविधि से जुड़ा हो सकता है।
- ऋण का उपयोग आय-सृजन करने वाली व्यावसायिक गतिविधि के लिए होना चाहिए।
- आवेदक को संबंधित बैंक/ऋणदाता की आवश्यक शर्तें पूरी करनी होंगी।
- तरुण प्लस के लिए पहले तरुण श्रेणी का ऋण लेकर उसका सफलतापूर्वक भुगतान किया होना आवश्यक है।
How to apply
चरण 1: अपने व्यवसाय और आवश्यक ऋण राशि के अनुसार मुद्रा ऋण श्रेणी तय करें।
चरण 2: पात्र बैंक, NBFC या अन्य अधिकृत ऋणदाता संस्था के माध्यम से आवेदन करें।
चरण 3: व्यक्तिगत, व्यवसाय और ऋण से संबंधित जानकारी भरें।
चरण 4: आवश्यक दस्तावेज और व्यवसाय/प्रोजेक्ट से संबंधित जानकारी जमा करें।
चरण 5: बैंक या ऋणदाता संस्था द्वारा आवेदन और व्यवसाय की जांच की जाएगी।
चरण 6: पात्रता एवं ऋणदाता की शर्तें पूरी होने पर ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
चरण 7: स्वीकृति के बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ऋण राशि जारी की जाएगी।
Documents needed
- आधार कार्ड
- पैन कार्ड
- पासपोर्ट साइज फोटो
- निवास प्रमाण
- बैंक खाता विवरण
- व्यवसाय का पता/प्रमाण
- व्यवसाय से संबंधित दस्तावेज
- व्यवसाय/प्रोजेक्ट की जानकारी
- मशीनरी या उपकरण का अनुमान, यदि लागू हो
- आय/बैंकिंग संबंधी दस्तावेज, यदि बैंक द्वारा मांगे जाएं
- अन्य दस्तावेज संबंधित बैंक या ऋणदाता संस्था के अनुसार