ग्रामीण विकास विभाग, बिहार सरकार एवं भारत सरकार
प्रधानमंत्री आवास योजना - ग्रामीण (बिहार)
विवरण
यह केंद्र सरकार की योजना है, जिसे राज्य सरकार के साथ मिलकर बिहार में लागू किया जाता है। सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना (SECC) व आवास+ सर्वे के आधार पर चिन्हित पात्र परिवारों को मकान बनाने हेतु किश्तों में राशि दी जाती है, साथ ही मनरेगा के तहत मजदूरी दिवस भी जोड़े जाते हैं।
लाभ
पक्का मकान बनाने हेतु निर्धारित राशि (मैदानी क्षेत्रों व पहाड़ी/दुर्गम क्षेत्रों के लिए अलग-अलग), राशि किश्तों में सीधे बैंक खाते में; साथ ही मनरेगा से 90-95 दिन तक की मजदूरी और शौचालय निर्माण हेतु अतिरिक्त सहायता।
पात्रता
1) परिवार आवास+ सर्वे/SECC सूची में पात्र (बेघर या कच्चे मकान वाला) के रूप में दर्ज हो।
2) परिवार के पास पहले से पक्का मकान न हो।
3) परिवार आयकरदाता/सरकारी कर्मचारी श्रेणी में न आता हो।
2) परिवार के पास पहले से पक्का मकान न हो।
3) परिवार आयकरदाता/सरकारी कर्मचारी श्रेणी में न आता हो।
आवेदन प्रक्रिया
सूची में नाम है या नहीं यह अपनी ग्राम पंचायत/प्रखंड कार्यालय या PMAY-G की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर देखें। नए सर्वे/पंजीकरण की जानकारी हेतु ग्राम पंचायत सचिव या आवास सहायक से संपर्क करें।
आवश्यक दस्तावेज़
आधार कार्ड, जॉब कार्ड (मनरेगा, यदि हो), बैंक पासबुक, आवास+ सर्वे में नाम की पुष्टि, जमीन/निवास से संबंधित कागज़ात।