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ऊर्जा विभाग, बिहार सरकार

मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना 2026 (125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना)

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विवरण

मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना क्या है?

मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना बिहार सरकार की ऐसी पहल है, जिसका उद्देश्य घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को बिजली के खर्च में राहत देना है। इस योजना के तहत पात्र घरेलू उपभोक्ताओं की प्रति माह 125 यूनिट तक बिजली खपत पर राज्य सरकार की ओर से 100% सब्सिडी दी जाती है।

यह योजना उन परिवारों के लिए उपयोगी है जिनके घरों में पंखा, लाइट, टीवी, फ्रिज और अन्य सामान्य घरेलू उपकरण इस्तेमाल होते हैं। बिजली बिल में मिलने वाली सहायता से परिवारों के नियमित खर्च को कम करने में मदद मिलती है।

बिहार सरकार ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस योजना का विस्तार किया था। इसका एक व्यापक लक्ष्य घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने के साथ-साथ लोगों को बिजली बचाने और वैकल्पिक ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना भी है।

योजना कब शुरू हुई?

बिहार सरकार ने जुलाई 2025 में इस योजना के विस्तार को मंजूरी दी। 1 अगस्त 2025 से सभी घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए प्रति माह 125 यूनिट तक की खपत पर 100% सब्सिडी का प्रावधान लागू किया गया।

 

125 यूनिट मुफ्त बिजली का क्या मतलब है?

125 यूनिट बिजली से आशय एक महीने में इस्तेमाल की गई बिजली की मात्रा से है। बिजली की खपत को बिजली मीटर में यूनिट के रूप में मापा जाता है।

उदाहरण के लिए:

मासिक बिजली खपत

योजना को समझने का तरीका

50 यूनिट

125 यूनिट की सीमा के भीतर

100 यूनिट

125 यूनिट की सीमा के भीतर

125 यूनिट

पूरी निर्धारित सीमा के भीतर

150 यूनिट

125 यूनिट से अधिक खपत; लागू बिलिंग नियम देखना जरूरी

योजना के अंतर्गत 125 यूनिट तक की खपत पर निर्धारित सब्सिडी लागू होती है। यदि खपत 125 यूनिट से अधिक हो, तो अंतिम बिल की गणना बिजली वितरण कंपनी के लागू नियमों और बिल में दर्शाई गई सब्सिडी के अनुसार समझनी चाहिए।

ध्यान दें: 125 यूनिट मुफ्त बिजली का अर्थ हर परिस्थिति में पूरा बिजली बिल शून्य होना नहीं है। उपभोक्ता को अपने वास्तविक बिल में दर्ज खपत, शुल्क, सब्सिडी और बकाया राशि की जांच करनी चाहिए।

 

लाभ

  1. घरेलू बिजली खर्च कम करने में सहायता।

  2. 125 यूनिट प्रति माह तक बिजली खपत पर 100% सब्सिडी का प्रावधान।

  3. कम बिजली इस्तेमाल करने वाले परिवारों को विशेष राहत।

  4. बिजली बिल के नियमित खर्च को नियंत्रित करने में मदद।

  5. सौर ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहन।

  6. राज्य के घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को वित्तीय सहायता।

किन उपभोक्ताओं को लाभ मिलता है?

यह योजना बिहार के घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए है। इसका लाभ घरेलू कनेक्शन और लागू नियमों के अनुसार दिया जाता है।

ध्यान रखने योग्य बातें:

  • उपभोक्ता का बिजली कनेक्शन घरेलू श्रेणी का होना चाहिए।

  • बिजली खपत की गणना संबंधित बिलिंग अवधि के अनुसार होती है।

  • व्यावसायिक या औद्योगिक कनेक्शन को घरेलू योजना का लाभ स्वतः प्राप्त मानकर नहीं चलना चाहिए।

  • मीटर, कनेक्शन श्रेणी या बिल में किसी समस्या की स्थिति में संबंधित बिजली वितरण कंपनी

    • से संपर्क करना चाहिए।

     

पात्रता

  • आवेदक बिहार राज्य का घरेलू बिजली उपभोक्ता हो।

  • बिजली कनेक्शन घरेलू श्रेणी में दर्ज हो।

  • बिजली की खपत संबंधित बिलिंग अवधि के अनुसार दर्ज हो।

  • लाभ संबंधित सरकारी आदेशों और वितरण कंपनी के लागू नियमों के अनुसार दिया जाए।

  • व्यावसायिक और औद्योगिक कनेक्शन को पात्र मानने से पहले उनकी श्रेणी और लागू नियमों की जांच की जाए।

यदि बिल में सब्सिडी का विवरण स्पष्ट नहीं है, तो संबंधित वितरण कंपनी से बिल की गणना समझने के लिए संपर्क करें।

क्या 125 यूनिट से अधिक बिजली इस्तेमाल करने पर भी मुफ्त बिजली मिलेगी?

योजना में 125 यूनिट तक की मासिक खपत पर पूर्ण सब्सिडी का प्रावधान है। इससे अधिक खपत होने पर देय राशि की गणना लागू बिजली दरों, सब्सिडी नियमों और बिल में किए गए समायोजन के अनुसार होगी। इसलिए 125 यूनिट से अधिक खपत करने वाले उपभोक्ताओं को अपना वास्तविक बिल जांचना चाहिए।

क्या उपभोक्ता को बैंक खाते में पैसे मिलते हैं?

इस योजना का मुख्य लाभ बिजली बिल पर सब्सिडी के रूप में मिलता है। इसे प्रत्येक उपभोक्ता के बैंक खाते में नकद ₹ या निश्चित राशि भेजने वाली योजना के रूप में प्रस्तुत नहीं करना चाहिए।

योजना का नवीनतम अपडेट

ऊर्जा विभाग के उपलब्ध आदेशों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 में भी मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना के लिए सरकारी धनराशि स्वीकृत की गई है। सितंबर 2026 के लिए भी सहायता राशि स्वीकृत होने का विभागीय रिकॉर्ड उपलब्ध है।

 

 

 

 

आवेदन प्रक्रिया

  1. अपने घरेलू बिजली कनेक्शन का नवीनतम बिल प्राप्त करें।

  2. बिल पर दर्ज उपभोक्ता संख्या और मासिक खपत जांचें।

  3. देखें कि 125 यूनिट तक की खपत के लिए लागू सब्सिडी बिल में दिखाई गई है या नहीं।

  4. यदि बिल में कोई विसंगति हो, तो संबंधित बिजली वितरण कंपनी के ग्राहक सेवा केंद्र या बिजली कार्यालय से संपर्क करें।

  5. शिकायत के साथ बिल की प्रति और उपभोक्ता संख्या उपलब्ध कराएं।

  6. शिकायत संख्या प्राप्त होने पर उसे सुरक्षित रखें और समाधान की स्थिति जांचते रहें।

 

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आवश्यक दस्तावेज़

इस योजना के लिए सामान्यतः अलग से लंबा आवेदन-पत्र भरने की आवश्यकता नहीं होती। बिजली बिल या शिकायत के लिए निम्न विवरण उपयोगी हैं:

  1. बिजली बिल की प्रति।

  2. उपभोक्ता संख्या (Consumer Number)।

  3. बिजली कनेक्शन से संबंधित विवरण।

  4. मीटर रीडिंग या खपत का विवरण, यदि उपलब्ध हो।

  5. मोबाइल नंबर, यदि शिकायत दर्ज करते समय मांगा जाए।

  6. पहचान या पते का प्रमाण, यदि संबंधित कार्यालय द्वारा आवश्यक बताया जाए।

नोट: ये बिल जांचने या शिकायत करने के लिए उपयोगी विवरण हैं। इन्हें अलग से अनिवार्य आवेदन-दस्तावेजों की सूची न माना जाए।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न 1: मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना क्या है?

उत्तर: यह बिहार सरकार की योजना है, जिसके अंतर्गत पात्र घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को हर महीने 125 यूनिट तक बिजली पर 100% अनुदान दिया जाता है।

प्रश्न 2: बिहार में 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना कब से लागू हुई?

उत्तर: योजना का विस्तार 1 अगस्त 2025 से लागू किया गया था। इसके अंतर्गत घरेलू उपभोक्ताओं को निर्धारित शर्तों के अनुसार 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली का लाभ मिलता है।

प्रश्न 3: क्या 125 यूनिट बिजली बिल्कुल मुफ्त मिलती है?

उत्तर: हाँ। निर्धारित सीमा के भीतर ऊर्जा शुल्क, फिक्स्ड चार्ज और बिजली शुल्क पर पूर्ण अनुदान दिया जाता है।

प्रश्न 4: अगर महीने में 126 यूनिट बिजली खर्च हो जाए तो क्या होगा?

उत्तर: 125 यूनिट तक पूर्ण अनुदान मिलता है। अतिरिक्त यूनिट पर लागू नियमों और अनुदान दर के अनुसार बिल बनता है। इसलिए 126 यूनिट खपत होने पर पूरा बिजली बिल मुफ्त होना जरूरी नहीं है।

प्रश्न 5: क्या इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन करना जरूरी है?

उत्तर: सामान्यतः पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को लाभ के लिए अलग से आवेदन नहीं करना पड़ता। लाभ बिजली बिलिंग व्यवस्था के माध्यम से दिया जाता है। यदि बिल में अनुदान नहीं दिख रहा है, तो संबंधित बिजली वितरण कंपनी से संपर्क करें।

प्रश्न 6: क्या बिहार के सभी बिजली उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिलेगा?

उत्तर: यह योजना घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए है। व्यावसायिक और औद्योगिक कनेक्शन को घरेलू कनेक्शन के समान लाभ स्वतः नहीं मिलता।

प्रश्न 7: क्या मुफ्त बिजली की राशि बैंक खाते में आती है?

उत्तर: नहीं। यह सामान्यतः बैंक खाते में नकद भुगतान वाली योजना नहीं है। अनुदान बिजली बिल में समायोजित किया जाता है।

प्रश्न 8: क्या स्मार्ट प्रीपेड मीटर वाले उपभोक्ताओं को भी लाभ मिलता है?

उत्तर: हाँ, पात्र घरेलू स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं के लिए भी योजना के नियम निर्धारित हैं। 125 यूनिट की सीमा के बाद शुल्क की कटौती लागू नियमों के अनुसार हो सकती है।

प्रश्न 9: अगर बिजली बिल में सब्सिडी नहीं दिख रही है तो क्या करें?

उत्तर: अपने बिजली बिल, उपभोक्ता संख्या और मीटर रीडिंग की जाँच करें। इसके बाद संबंधित बिजली वितरण कंपनी के कार्यालय या शिकायत सेवा में संपर्क करके बिल में अनुदान की स्थिति स्पष्ट कराएँ।

प्रश्न 10: क्या किराए के मकान में रहने वाले व्यक्ति को लाभ मिल सकता है?

उत्तर: यदि मकान का बिजली कनेक्शन घरेलू श्रेणी में है और योजना की शर्तें पूरी होती हैं, तो लाभ उस कनेक्शन के बिल में लागू हो सकता है। किरायेदार को अलग से लाभ मिलेगा या नहीं, यह कनेक्शन और बिलिंग व्यवस्था पर निर्भर करता है।

प्रश्न 11: क्या सोलर पैनल लगाने पर 125 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ बंद हो जाता है?

उत्तर: केवल सोलर पैनल लगाने के कारण लाभ बंद होने की बात मानना सही नहीं है। सोलर पैनल वाले घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली आयात और निर्यात की गणना के आधार पर नियम लागू होते हैं।

प्रश्न 12: क्या 125 यूनिट मुफ्त बिजली हर महीने मिलती है?

उत्तर: योजना के अंतर्गत लाभ की गणना मासिक खपत के आधार पर होती है। बिलिंग अवधि 30 दिनों से अलग होने पर यूनिट की गणना आनुपातिक आधार पर की जा सकती है।

प्रश्न 13: क्या इस योजना के लिए आधार कार्ड या बैंक पासबुक जमा करनी होती है?

उत्तर: सामान्यतः अलग से आवेदन की आवश्यकता नहीं होती, इसलिए योजना का लाभ लेने के लिए बैंक पासबुक जमा करना अनिवार्य नहीं है। बिजली कनेक्शन या शिकायत से संबंधित किसी प्रक्रिया में विभाग आवश्यक दस्तावेज माँग सकता है।