कृषि विभाग, बिहार सरकार
मुख्यमंत्री तीव्र बीज विस्तार योजना – फाउंडेशन बीज पर 90% तक अनुदान
Overview
मुख्यमंत्री तीव्र बीज विस्तार योजना बिहार सरकार के कृषि विभाग की योजना है। इसका मुख्य मकसद किसानों को गेहूं, मसूर जैसी फसलों का उच्च गुणवत्ता वाला फाउंडेशन बीज सस्ती दर पर उपलब्ध कराना है, ताकि वे उस बीज से आगे खुद बीज तैयार कर सकें। इसे आमतौर पर "बीज से बीज" (seed-to-seed) कार्यक्रम भी कहा जाता है।
योजना के तहत चुने गए किसानों को फाउंडेशन सीड दिया जाता है, जिसे वे अपने खेत में उगाकर अगले मौसम के लिए बीज तैयार करते हैं। इससे क्षेत्र में अच्छी किस्म के बीज की उपलब्धता बढ़ती है और किसानों को हर बार बाजार से महंगा बीज खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती। यह योजना रबी और खरीफ, दोनों मौसम में प्रखंड कृषि पदाधिकारी की देखरेख में लागू की जाती है, और अक्सर हरित क्रांति योजना जैसी दूसरी कृषि योजनाओं के साथ मिलकर चलाई जाती है।
Benefits
- कुछ फाउंडेशन बीजों पर 90% तक की भारी सब्सिडी, जिससे बीज मात्र ₹5 प्रति किलोग्राम तक मिल जाता है
- संकर (हाइब्रिड) धान जैसी फसलों पर 50% तक का अनुदान
- अच्छी किस्म का बीज सीधे प्रखंड कृषि कार्यालय से मिलना
- किसान खुद बीज तैयार करना सीखते हैं, जिससे आगे बीज खरीदने पर खर्च कम होता है
- क्षेत्र में बीज की कमी दूर होने में मदद
- घर तक बीज पहुंचाने की सुविधा (मामूली अतिरिक्त शुल्क पर)
Eligibility
- आवेदक बिहार का किसान हो और उसका कृषि विभाग की वेबसाइट पर किसान पंजीकरण हो
- आवेदक के पास खेती योग्य जमीन हो (अपनी या पट्टे पर)
- योजना उस फसल के लिए हो जो उस मौसम (रबी/खरीफ) में तय की गई हो, जैसे गेहूं, मसूर, धान
- फाउंडेशन बीज योजना में शामिल होने के लिए किसान बीज उत्पादन में रुचि रखता हो
How to apply
- सबसे पहले कृषि विभाग, बिहार की DBT वेबसाइट dbtagriculture.bihar.gov.in पर किसान पंजीकरण करें (अगर पहले से नहीं है)।
- पंजीकरण संख्या और आधार से लॉगिन करें।
- "बीज अनुदान आवेदन" सेक्शन में जाकर उपलब्ध फसलों और अनुदान दरों की सूची देखें।
- अपनी पसंद की फसल और बीज की मात्रा चुनें।
- घर तक डिलीवरी चाहिए तो वह विकल्प चुनें (इसके लिए प्रति किलो अतिरिक्त शुल्क लगता है)।
- आवेदन जमा करने के बाद तय की गई अंतिम तारीख से पहले भुगतान करें।
- बीज प्रखंड कृषि कार्यालय से या घर पर डिलीवरी के जरिए मिलता है।
Documents needed
- किसान पंजीकरण संख्या (कृषि विभाग की वेबसाइट पर)
- आधार कार्ड
- बैंक खाते की जानकारी (DBT के लिए)
- जमीन के कागज
- मोबाइल नंबर