Information about Bihar government schemes - all in one place, in simple language Independent portal · Not a government website हिंदी English

शिक्षा विभाग, बिहार सरकार

मुख्यमंत्री पोशाक योजना — सरकारी स्कूल के छात्र-छात्राओं को यूनिफॉर्म के लिए सरकारी मदद

NEW State scheme पोशाक योजना बिहार मुख्यमंत्री बालिका पोशाक योजना यूनिफॉर्म योजना बिहार जीविका पोशाक योजना स्कूल ड्रेस पैसा बिहार

Overview

मुख्यमंत्री पोशाक योजना बिहार सरकार की उन योजनाओं में से एक है, जो सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को स्कूल यूनिफॉर्म (पोशाक) के लिए सरकारी मदद देती है। यह योजना मुख्यमंत्री बालक पोशाक योजना, मुख्यमंत्री बालिका पोशाक योजना और बिहार शताब्दी मुख्यमंत्री बालिका पोशाक योजना — इन तीन नामों के तहत चलती है, और प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर तक के सरकारी, सरकार से अनुदानित, मदरसा और संस्कृत विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को कवर करती है।

अब तक इस योजना के तहत छात्रों के (या अभिभावक के) बैंक खाते में सीधे पैसे भेजे जाते थे, जिससे वे बाज़ार से अपनी यूनिफॉर्म खरीद लेते थे।

2026-27 सत्र से बड़ा बदलाव: शिक्षा विभाग ने अब नकद भुगतान (DBT) की जगह छात्रों को सीधे दो सेट सिली हुई यूनिफॉर्म देने का प्रस्ताव तैयार किया है। यह ड्रेस बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (जीविका) के महिला समूहों द्वारा तैयार की जाएगी। विभाग का मानना है कि नकद भेजने पर कई बार समय पर यूनिफॉर्म नहीं बन पाती थी और अलग-अलग रंग-डिज़ाइन की वजह से स्कूलों में एकरूपता नहीं दिखती थी। इस बदलाव से जीविका दीदियों को रोज़गार भी मिलेगा। यह प्रस्ताव अभी अंतिम मंज़ूरी के चरण में है, इसलिए लागू होने की सटीक तारीख अपने स्कूल या ज़िला शिक्षा कार्यालय से ज़रूर जांच लें।

दोनों ही व्यवस्थाओं (नकद हो या सिली ड्रेस) में 75% उपस्थिति होना ज़रूरी है — इससे कम उपस्थिति वाले छात्रों को योजना का लाभ नहीं मिलता।

 

Benefits

  • सरकारी स्कूल के छात्र-छात्राओं को स्कूल यूनिफॉर्म के लिए सरकारी मदद — मौजूदा व्यवस्था में सीधे बैंक खाते में राशि
  • 2026-27 सत्र से लागू हो सकने वाली नई व्यवस्था में हर छात्र को दो सेट तैयार (सिली हुई) यूनिफॉर्म मुफ़्त मिलेगी
  • सभी छात्रों को एक जैसा रंग-डिज़ाइन मिलने से स्कूलों में एकरूपता बढ़ेगी
  • प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक — सभी स्तर के सरकारी व अनुदानित स्कूलों के छात्र कवर
  • मदरसा और संस्कृत विद्यालयों के छात्र-छात्राएं भी इसमें शामिल
  • नई व्यवस्था से ग्रामीण महिलाओं (जीविका समूहों) को यूनिफॉर्म सिलने का रोज़गार भी मिलेगा

 

Eligibility

  • छात्र/छात्रा बिहार के सरकारी, सरकार से अनुदानित, मदरसा या संस्कृत विद्यालय में नामांकित होना चाहिए
  • स्कूल में उस सत्र की कम से कम 75% उपस्थिति ज़रूरी है — इससे कम उपस्थिति वाले छात्र इस योजना से वंचित रह सकते हैं
  • निजी (प्राइवेट) स्कूलों के छात्र इस योजना में शामिल नहीं हैं
  • लड़के और लड़कियां — दोनों पात्र हैं (अलग-अलग सब-स्कीम के नाम भले अलग हों)

 

How to apply

इस योजना के लिए छात्र या अभिभावक को कोई अलग ऑनलाइन आवेदन नहीं करना पड़ता:

  1. छात्र का संबंधित सरकारी/अनुदानित स्कूल में नामांकन होना चाहिए और उपस्थिति 75% से ऊपर रहनी चाहिए।
  2. स्कूल प्रशासन पात्र छात्रों की सूची और उनके बैंक खाते की जानकारी विभागीय पोर्टल (Medhasoft) पर अपडेट करता है।
  3. मौजूदा व्यवस्था में: सत्यापन के बाद राशि DBT से सीधे बैंक खाते में आती है।
  4. प्रस्तावित नई व्यवस्था में (2026-27 से संभावित): स्कूल के ज़रिए ही जीविका समूहों द्वारा तैयार सिली हुई यूनिफॉर्म सीधे छात्रों को बांटी जाएगी — इसके लिए अलग से कुछ करने की ज़रूरत नहीं होगी।
  5. अगर राशि/ड्रेस न मिले, तो सबसे पहले स्कूल के प्रधानाध्यापक से संपर्क करें।

 

Open official portal

Documents needed

  • स्कूल का नामांकन एवं उपस्थिति रिकॉर्ड (यह स्कूल के पास पहले से रहता है)
  • आधार कार्ड
  • बैंक खाता पासबुक, आधार से लिंक (मौजूदा DBT व्यवस्था के लिए)

 

Frequently asked questions

Q1. सवाल: मुख्यमंत्री पोशाक योजना क्या है?

जवाब: यह बिहार सरकार की योजना है, जिसके तहत सरकारी और अनुदानित स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को स्कूल यूनिफॉर्म के लिए सरकारी मदद दी जाती है। अब तक यह मदद बैंक खाते में सीधे पैसे भेजकर दी जाती थी।

Q2. सवाल: क्या अब भी बैंक खाते में पैसे आते हैं?

जवाब: फ़िलहाल मौजूदा व्यवस्था में हां, DBT के ज़रिए पैसे बैंक खाते में आते हैं। लेकिन शिक्षा विभाग ने 2026-27 शैक्षणिक सत्र से इसे बदलकर सीधे तैयार (सिली हुई) यूनिफॉर्म देने का प्रस्ताव तैयार किया है। मंज़ूरी मिलते ही यह नई व्यवस्था लागू हो सकती है।

Q3. सवाल: नई व्यवस्था में यूनिफॉर्म कौन तैयार करेगा?

जवाब: नई प्रस्तावित व्यवस्था में यूनिफॉर्म बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (जीविका) से जुड़ी महिला समूहों (जीविका दीदियों) द्वारा तैयार की जाएगी। इससे उन्हें रोज़गार भी मिलेगा।

Q4. सवाल: यह बदलाव क्यों किया जा रहा है?

जवाब: शिक्षा विभाग का कहना है कि नकद भेजने की व्यवस्था में कई बार पैसे मिलने के बावजूद समय पर यूनिफॉर्म नहीं बन पाती थी, और अलग-अलग रंग-डिज़ाइन की वजह से स्कूलों में एकरूपता नहीं दिखती थी। तैयार यूनिफॉर्म देने से यह समस्या दूर होगी और पारदर्शिता भी बढ़ेगी।

Q5. सवाल: इस योजना के लिए पात्रता क्या है?

जवाब: छात्र/छात्रा को बिहार के किसी सरकारी, अनुदानित, मदरसा या संस्कृत विद्यालय में नामांकित होना चाहिए, और उस सत्र में कम से कम 75% उपस्थिति होनी चाहिए।

Q6. सवाल: क्या प्राइवेट स्कूल के छात्र भी पात्र हैं?

जवाब: नहीं, यह योजना केवल सरकारी, सरकार से अनुदानित, मदरसा और संस्कृत विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के लिए है। निजी स्कूलों के छात्र इसमें शामिल नहीं हैं।

Q7. सवाल: क्या 75% से कम उपस्थिति वाले छात्रों को लाभ मिलेगा?

जवाब: नहीं, दोनों ही व्यवस्थाओं (नकद हो या तैयार ड्रेस) में 75% उपस्थिति अनिवार्य शर्त है। इससे कम उपस्थिति वाले छात्रों को योजना से वंचित किया जा सकता है।

Q8. सवाल: इस योजना के लिए आवेदन कैसे करें?

जवाब: अलग से कोई ऑनलाइन आवेदन नहीं करना पड़ता। स्कूल में नामांकन और नियमित उपस्थिति ही मुख्य ज़रूरत है — बाकी प्रक्रिया स्कूल प्रशासन और शिक्षा विभाग खुद पूरी करते हैं।

Q9. सवाल: क्या यूनिफॉर्म योजना और साइकिल योजना एक ही हैं?

जवाब: नहीं, ये दोनों अलग योजनाएं हैं, लेकिन अक्सर इनकी राशि/लाभ एक साथ या आसपास के समय पर जारी होते हैं। साइकिल योजना खासतौर पर कक्षा 9 के छात्रों के लिए है, जबकि पोशाक योजना प्राथमिक से उच्च माध्यमिक तक के छात्रों को कवर करती है।

Q10. सवाल: अगर पैसे या यूनिफॉर्म समय पर न मिले तो क्या करें?

जवाब: सबसे पहले अपने स्कूल के प्रधानाध्यापक से संपर्क करें और जांच करवाएं कि आपकी उपस्थिति, आधार और बैंक खाते की जानकारी विभाग के पोर्टल पर सही दर्ज है या नहीं।