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शिक्षा विभाग, बिहार सरकार

मुख्यमंत्री किशोरी स्वास्थ्य कार्यक्रम 2026: छात्राओं को ₹300 वार्षिक सहायता, सैनिटरी नैपकिन और माहवारी स्वास्थ्य जानकारी

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Overview

ख्यमंत्री किशोरी स्वास्थ्य कार्यक्रम बिहार सरकार द्वारा किशोरियों के स्वास्थ्य, मासिक धर्म स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए संचालित राज्य योजना है।

योजना का उद्देश्य किशोरियों को मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता बनाए रखने, सैनिटरी नैपकिन के सुरक्षित उपयोग और उसके उचित निस्तारण के संबंध में जागरूक करना है। बिहार सरकार के उपलब्ध आधिकारिक दस्तावेज में विद्यालयों में नामांकित 12 वर्ष से अधिक उम्र की बालिकाओं को प्रजनन स्वास्थ्य और माहवारी स्वास्थ्य एवं प्रबंधन से संबंधित जानकारी देने का उल्लेख है।

बिहार सरकार के अन्य आधिकारिक विवरण के अनुसार सरकारी विद्यालयों की कक्षा 7वीं से 12वीं तक नियमित रूप से पढ़ने वाली बालिकाओं को सैनिटरी नैपकिन के उपयोग के लिए ₹300 प्रति वर्ष की राशि सीधे लाभार्थी/माता-पिता/अभिभावक के बैंक खाते में हस्तांतरित की जाती है।

बिहार DBT पोर्टल पर योजना का आधिकारिक नाम “Mukhyamantri Kishori Swasthya Karyakram (Sanitary Napkin Yojna)” है और इसका DBT Scheme Code CK5NS दर्ज है।

योजना के प्रमुख उद्देश्य

  • किशोरियों में मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना।
  • सैनिटरी नैपकिन के उपयोग को प्रोत्साहित करना।
  • माहवारी के दौरान स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी उपलब्ध कराना।
  • किशोरियों को मासिक धर्म से जुड़ी झिझक और गलत धारणाओं से बाहर आने में सहायता करना।
  • सैनिटरी नैपकिन के उचित निस्तारण के बारे में जागरूकता बढ़ाना।
  • बालिकाओं की शिक्षा को स्वास्थ्य संबंधी कारणों से प्रभावित होने से रोकने में सहायता करना।

₹300 की सहायता कैसे मिलती है?

योजना के उपलब्ध सरकारी विवरण के अनुसार पात्र छात्राओं के लिए ₹300 प्रति वर्ष की राशि सैनिटरी नैपकिन के उपयोग के लिए दी जाती है। राशि का भुगतान सीधे लाभार्थी या उसके माता-पिता/अभिभावक के बैंक खाते में किया जाता है।

कौन-सी छात्राएं लाभ ले सकती हैं?

उपलब्ध बिहार सरकार के योजना विवरण के अनुसार सरकारी विद्यालयों में कक्षा 7वीं से 12वीं तक नियमित रूप से अध्ययनरत बालिकाएं योजना के लाभ के लिए शामिल हैं।

2026-27 में योजना की स्थिति

यह योजना वर्तमान में भी बिहार सरकार की राज्य योजना के रूप में दर्ज है। बिहार DBT पोर्टल पर इसकी 26 जुलाई 2026 की अपडेट उपलब्ध है। सितंबर 2026 में शिक्षा विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस योजना के अंतर्गत ₹15,00,00,000 यानी ₹15 करोड़ के व्यय एवं विमुक्ति की स्वीकृति जारी की।

Benefits

  • पात्र छात्राओं को ₹300 प्रति वर्ष की आर्थिक सहायता।
  • सैनिटरी नैपकिन खरीदने में आर्थिक सहायता।
  • माहवारी स्वच्छता के प्रति जागरूकता।
  • मासिक धर्म स्वास्थ्य एवं प्रबंधन संबंधी जानकारी।
  • सैनिटरी नैपकिन के उचित उपयोग और निस्तारण की जानकारी।
  • किशोरियों के स्वास्थ्य एवं व्यक्तिगत स्वच्छता को बढ़ावा।
  • स्कूल जाने वाली बालिकाओं को मासिक धर्म के दौरान बेहतर स्वास्थ्य एवं स्वच्छता बनाए रखने में सहायता।
  • लाभ राशि DBT के माध्यम से बैंक खाते में उपलब्ध कराने की व्यवस्था।

Eligibility

  • छात्रा बिहार की पात्र लाभार्थी होनी चाहिए।
  • छात्रा सरकारी विद्यालय में नियमित रूप से अध्ययनरत होनी चाहिए।
  • उपलब्ध बिहार सरकार के योजना विवरण के अनुसार कक्षा 7वीं से 12वीं तक की बालिकाएं योजना के अंतर्गत आती हैं।
  • छात्रा का विद्यालय/शैक्षणिक विवरण संबंधित सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज होना चाहिए।
  • बैंक खाते की जानकारी उपलब्ध होना आवश्यक हो सकता है, क्योंकि सहायता राशि DBT के माध्यम से दी जाती है।
  • योजना के लिए संबंधित शैक्षणिक वर्ष में बिहार शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित अन्य शर्तें लागू हो सकती हैं।

How to apply

इस योजना में लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया अन्य सामान्य scholarship योजनाओं से अलग हो सकती है। पात्र छात्राओं का विवरण सामान्यतः विद्यालय/शिक्षा विभाग के रिकॉर्ड के आधार पर लिया जाता है।

चरण 1

छात्रा बिहार के पात्र सरकारी विद्यालय में नियमित रूप से अध्ययनरत हो।

चरण 2

विद्यालय में छात्रा की नामांकन एवं उपस्थिति संबंधी जानकारी सही होनी चाहिए।

चरण 3

विद्यालय द्वारा पात्र छात्राओं का आवश्यक विवरण विभागीय प्रणाली में दर्ज/सत्यापित किया जाता है।

चरण 4

छात्रा या उसके माता-पिता/अभिभावक के बैंक खाते की जानकारी उपलब्ध कराई जाती है।

चरण 5

विभागीय सत्यापन के बाद पात्र लाभार्थियों के लिए सहायता राशि की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाती है।

चरण 6

स्वीकृत ₹300 वार्षिक सहायता DBT के माध्यम से लाभार्थी/माता-पिता/अभिभावक के बैंक खाते में भेजी जाती है।

महत्वपूर्ण

इस योजना के लिए सामान्यतः किसी अलग निजी वेबसाइट पर जाकर आवेदन करने के बजाय अपने विद्यालय से संपर्क करना अधिक उपयुक्त है। बिहार सरकार के उपलब्ध दस्तावेज में भी योजना के लाभ के लिए विद्यालय से संपर्क करने का उल्लेख है।

Open official portal

Documents needed

  • छात्रा का आधार कार्ड
  • छात्रा/माता-पिता/अभिभावक का बैंक खाता विवरण
  • विद्यालय का पहचान पत्र
  • नामांकन संबंधी जानकारी
  • छात्रा का मोबाइल नंबर, यदि उपलब्ध हो
  • बैंक पासबुक की जानकारी
  • अन्य दस्तावेज, यदि विद्यालय या शिक्षा विभाग द्वारा मांगे जाएं

नोट: योजना में लाभ लेने के लिए सभी दस्तावेज छात्रा के मामले और विभागीय प्रक्रिया के अनुसार आवश्यक नहीं हो सकते। विद्यालय के रिकॉर्ड में छात्रा का सही नामांकन और बैंक विवरण महत्वपूर्ण है।

Frequently asked questions

1. मुख्यमंत्री किशोरी स्वास्थ्य कार्यक्रम क्या है?

यह बिहार सरकार की योजना है जिसका उद्देश्य किशोरियों को मासिक धर्म स्वच्छता, स्वास्थ्य और सैनिटरी नैपकिन के उपयोग के बारे में सहायता एवं जागरूकता प्रदान करना है।

2. मुख्यमंत्री किशोरी स्वास्थ्य कार्यक्रम में कितने रुपये मिलते हैं?

पात्र छात्राओं के लिए ₹300 प्रति वर्ष की सहायता का प्रावधान है।

3. ₹300 किस काम के लिए दिए जाते हैं?

यह राशि सैनिटरी नैपकिन के उपयोग के लिए दी जाती है, ताकि छात्राएं माहवारी के दौरान आवश्यक स्वच्छता सामग्री प्राप्त कर सकें।

4. मुख्यमंत्री किशोरी स्वास्थ्य योजना में कौन-सी कक्षा की छात्राएं पात्र हैं?

बिहार सरकार के उपलब्ध विवरण के अनुसार कक्षा 7वीं से 12वीं तक सरकारी विद्यालयों में नियमित रूप से पढ़ने वाली बालिकाएं योजना के अंतर्गत आती हैं।

5. क्या निजी स्कूल की छात्राएं इस योजना का लाभ ले सकती हैं?

उपलब्ध बिहार सरकार के योजना विवरण में लाभार्थी के रूप में सरकारी विद्यालयों की नियमित छात्राओं का उल्लेख है। इसलिए निजी विद्यालय की छात्राओं को इस योजना के लिए पात्र नहीं माना जाना चाहिए, जब तक संबंधित विभाग की नई अधिसूचना में अलग प्रावधान न हो।

6. क्या योजना में सैनिटरी पैड सीधे मिलते हैं?

योजना के उपलब्ध विवरण में पात्र लाभार्थी/माता-पिता/अभिभावक के बैंक खाते में ₹300 प्रति वर्ष की राशि के सीधे हस्तांतरण का प्रावधान बताया गया है।

6. क्या योजना में सैनिटरी पैड सीधे मिलते हैं?

योजना के उपलब्ध विवरण में पात्र लाभार्थी/माता-पिता/अभिभावक के बैंक खाते में ₹300 प्रति वर्ष की राशि के सीधे हस्तांतरण का प्रावधान बताया गया है।

7. क्या ₹300 हर महीने मिलते हैं?

नहीं। उपलब्ध सरकारी विवरण के अनुसार सहायता ₹300 प्रति वर्ष है।