शिक्षा विभाग, बिहार सरकार
मुख्यमंत्री बालक-बालिका साइकिल योजना — कक्षा 9 के छात्र-छात्राओं को ₹3,000 सीधे बैंक खाते में
विवरण
मुख्यमंत्री बालक-बालिका साइकिल योजना बिहार सरकार की सबसे पुरानी और सबसे मशहूर योजनाओं में से एक है। इसकी शुरुआत साल 2006 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने की थी, तब यह सिर्फ बालिकाओं (लड़कियों) के लिए थी — मक़सद था कि दूर के स्कूल तक पैदल जाने की वजह से लड़कियों की पढ़ाई छूट न जाए। इसका असर इतना अच्छा रहा कि साल 2009-10 से इसे बालकों (लड़कों) के लिए भी लागू कर दिया गया, और अब यह "बालक-बालिका साइकिल योजना" के नाम से जानी जाती है।
इस योजना के तहत बिहार के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त माध्यमिक स्कूलों में कक्षा 9 में पढ़ने वाले हर छात्र और हर छात्रा को साइकिल खरीदने के लिए ₹3,000 की राशि सीधे उनके (या अभिभावक के) बैंक खाते में भेजी जाती है। पहले यह राशि ₹2,500 थी, जिसे बाद में बढ़ाकर ₹3,000 कर दिया गया।
इस योजना की सबसे अच्छी बात यह है कि छात्र को इसके लिए अलग से कोई ऑनलाइन आवेदन नहीं करना पड़ता — स्कूल में कक्षा 9 में नामांकन होते ही स्कूल प्रशासन के ज़रिए छात्र का नाम सूची में जुड़ जाता है, और शिक्षा विभाग सीधे बैंक खाते में पैसा भेज देता है। साइकिल योजना की राशि, पोशाक योजना और छात्रवृत्ति की राशि के साथ अक्सर एक ही समय पर जारी की जाती है।
लाभ
- कक्षा 9 में पढ़ने वाले हर छात्र-छात्रा को ₹3,000 साइकिल खरीदने के लिए
- राशि सीधे DBT के ज़रिए बैंक खाते में — किसी बिचौलिये या एजेंट की ज़रूरत नहीं
- लड़कियों और लड़कों — दोनों के लिए समान लाभ
- दूर के स्कूल तक आना-जाना आसान, जिससे पढ़ाई बीच में छूटने का खतरा कम होता है
- स्कूल में उपस्थिति और नामांकन दर (retention rate) बढ़ाने में मदद
- साथ ही पोशाक योजना और छात्रवृत्ति जैसी अन्य योजनाओं का भी एक साथ लाभ मिलता है
पात्रता
- छात्र/छात्रा बिहार के किसी सरकारी या सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल में कक्षा 9 में नामांकित होना चाहिए
- यह योजना लड़कों और लड़कियों — दोनों के लिए है
- छात्र के नाम से या उसके अभिभावक के नाम से बैंक खाता होना ज़रूरी है, जो आधार से लिंक हो
- निजी (प्राइवेट) स्कूलों के छात्रों के लिए यह योजना लागू नहीं होती
आवेदन प्रक्रिया
इस योजना के लिए छात्र या अभिभावक को कहीं अलग से ऑनलाइन आवेदन नहीं करना पड़ता। प्रक्रिया कुछ इस तरह है:
- छात्र का अपने स्कूल में कक्षा 9 में नामांकन होना चाहिए।
- स्कूल प्रशासन कक्षा 9 के सभी छात्र-छात्राओं की सूची और उनके बैंक खाते की जानकारी विभाग के पोर्टल (Medhasoft/शिक्षा विभाग DBT सिस्टम) पर अपडेट करता है।
- छात्र/अभिभावक को सिर्फ यह सुनिश्चित करना है कि स्कूल के पास उनका सही आधार-लिंक बैंक खाता नंबर मौजूद हो।
- शिक्षा विभाग सत्यापन के बाद तय समय पर राशि सीधे बैंक खाते में DBT से भेज देता है।
- अगर पैसा न आए, तो स्कूल के प्रधानाध्यापक (हेडमास्टर) से संपर्क कर अपनी जानकारी दोबारा जांचें/सुधारें।
आवश्यक दस्तावेज़
- स्कूल में कक्षा 9 का नामांकन प्रमाण (यह स्कूल के पास पहले से रहता है)
- आधार कार्ड
- बैंक खाता पासबुक (आधार से लिंक)
- मोबाइल नंबर (आधार से लिंक हो तो बेहतर)