Overview
बिहार लघु उद्यमी योजना बिहार सरकार के उद्योग विभाग की योजना है, जिसकी शुरुआत वर्ष 2024 में हुई। इसका मक़सद है — राज्य के सबसे कमज़ोर आर्थिक हालात वाले परिवारों को अपना छोटा-मोटा काम-धंधा शुरू करने के लिए पूँजी देना, ताकि वे नौकरी ढूँढने के बजाय ख़ुद रोज़गार पैदा कर सकें।
बिहार में हुए जाति आधारित सर्वेक्षण में ऐसे लगभग 94 लाख परिवार पहचाने गए थे, जिनकी मासिक आमदनी ₹6,000 से कम है। यह योजना उन्हीं परिवारों के लिए बनाई गई है।
सबसे बड़ी बात — यह कर्ज़ नहीं है
इस योजना में मिलने वाले ₹2 लाख पूरी तरह अनुदान (grant) हैं। न इस पर ब्याज लगता है, न यह पैसा वापस करना पड़ता है। आम बैंक लोन से यही इसका सबसे बड़ा फ़र्क़ है — इसीलिए इसकी माँग बहुत ज़्यादा रहती है।
पैसा एक साथ नहीं मिलता
राशि तीन किश्तों में दी जाती है और हर अगली किश्त तभी मिलती है जब पिछली किश्त के ख़र्च का हिसाब (उपयोगिता प्रमाण पत्र) पोर्टल पर जमा कर दिया जाए। यानी काम सचमुच शुरू होना चाहिए — पैसा लेकर बैठे रहने से अगली किश्त रुक जाती है।
चुनाव लॉटरी से होता है
आवेदन करने वाले सभी लोगों को पैसा नहीं मिलता। पात्र आवेदनों में से लाभार्थियों का चुनाव कंप्यूटर से होने वाली लॉटरी (randomization) के ज़रिए किया जाता है, जिसमें श्रेणीवार हिस्सेदारी का ध्यान रखा जाता है। इसलिए आवेदन कर देने का मतलब पैसा मिलना पक्का होना नहीं है।
व्यवसाय अपनी मर्ज़ी का नहीं, सूची में से चुनना होता है
सरकार ने कुछ तय व्यवसायों की सूची बनाई है — जैसे खाद्य प्रसंस्करण, फर्नीचर, दर्ज़ी और कपड़ा, मरम्मत का काम, सैलून और ब्यूटी पार्लर, नाश्ता-भोजन की दुकान, धुलाई, हस्तशिल्प वगैरह। आवेदन करते समय इसी सूची में से अपना काम चुनना पड़ता है।
Benefits
कुल कितनी मदद मिलती है
- कुल ₹2,00,000 की सहायता
- यह अनुदान है, कर्ज़ नहीं — न ब्याज, न वापसी
- पैसा सीधे लाभार्थी के आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजा जाता है
किश्तों का बँटवारा
- पहली किश्त — ₹50,000 (25%) — काम शुरू करने, औज़ार और शुरुआती सामान के लिए
- दूसरी किश्त — ₹1,00,000 (50%) — मशीन और कच्चे माल के लिए
- तीसरी किश्त — ₹50,000 (25%) — काम को आगे बढ़ाने के लिए
हर अगली किश्त पाने के लिए पिछली किश्त का उपयोगिता प्रमाण पत्र (पैसा कहाँ ख़र्च हुआ, उसका ब्यौरा और बिल) पोर्टल पर अपलोड करना ज़रूरी है।
पैसे के अलावा क्या मिलता है
- चुने गए लाभार्थियों को व्यवसाय से जुड़ा प्रशिक्षण भी दिया जाता है
- अपना काम खड़ा करने का मौक़ा, जिससे परिवार की आमदनी का अपना ज़रिया बनता है
Eligibility
- आवेदक बिहार राज्य का मूल निवासी होना चाहिए
- आवेदन के समय आयु 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए
- परिवार की मासिक आमदनी ₹6,000 से कम हो (यानी सालाना ₹72,000 तक)
- एक परिवार से केवल एक ही व्यक्ति आवेदन कर सकता है
- आवेदक या उसके परिवार ने पहले इस योजना या मुख्यमंत्री उद्यमी योजना का लाभ न लिया हो
- आवेदक के नाम से आधार से लिंक चालू बैंक खाता होना चाहिए
- पोर्टल पर दी गई स्वीकृत सूची में से ही व्यवसाय चुनना होगा
ध्यान दें: यह योजना सभी वर्गों के ग़रीब परिवारों के लिए है। चयन में श्रेणीवार हिस्सेदारी का ध्यान रखा जाता है, इसलिए जाति प्रमाण पत्र माँगा जाता है।
How to apply
चरण 1 — पंजीकरण
- उद्योग विभाग के आधिकारिक पोर्टल udyami.bihar.gov.in पर जाएँ
- "बिहार लघु उद्यमी योजना" चुनकर "Registration" पर क्लिक करें
- अपना आधार नंबर और मोबाइल नंबर भरें
- मोबाइल पर आए OTP से पंजीकरण पक्का करें
चरण 2 — आवेदन भरना
- अपनी व्यक्तिगत जानकारी, पता और परिवार की आमदनी भरें
- दी गई सूची में से वह व्यवसाय चुनें जो आप शुरू करना चाहते हैं
- सभी ज़रूरी दस्तावेज़ तय आकार में स्कैन करके अपलोड करें
- भरी हुई जानकारी एक बार दोबारा पढ़ लें — जमा करने के बाद सुधार का मौक़ा नहीं मिलता
- आवेदन जमा करें और उसका प्रिंट आउट अपने पास रखें
चरण 3 — चयन
- आवेदन की अवधि ख़त्म होने के बाद विभाग सभी आवेदनों की जाँच करता है
- पात्र आवेदनों में से कंप्यूटर द्वारा लॉटरी निकाली जाती है
- चयनित लोगों की सूची पोर्टल पर जारी होती है
- सत्यापन के बाद पहली किश्त लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है
चरण 4 — आगे की किश्तें
पहली किश्त ख़र्च करने के बाद उसका उपयोगिता प्रमाण पत्र और बिल पोर्टल पर अपलोड करें। जाँच के बाद दूसरी किश्त जारी होती है, और इसी तरह तीसरी।
आवेदन कब खुलता है: पोर्टल हर साल कुछ हफ़्तों के लिए ही खुलता है। तारीख़ की घोषणा उद्योग विभाग करता है, इसलिए पोर्टल के नोटिस वाले हिस्से पर नज़र रखें।
आवेदन पूरी तरह मुफ़्त है। कोई एजेंट, CSC संचालक या बिचौलिया "लॉटरी में नाम निकलवा देने" का दावा करके पैसे माँगे तो न दें — लॉटरी कंप्यूटर से निकलती है, उसमें किसी की सिफ़ारिश नहीं चलती।
Documents needed
- आधार कार्ड (चालू मोबाइल नंबर से जुड़ा हुआ)
- आयु का प्रमाण — 10वीं का प्रमाण पत्र या पैन कार्ड
- आय प्रमाण पत्र (अंचल कार्यालय से बना हुआ)
- जाति प्रमाण पत्र
- आवासीय (निवास) प्रमाण पत्र
- बैंक पासबुक का पहला पन्ना या रद्द किया हुआ चेक
- पासपोर्ट साइज़ फोटो
- हस्ताक्षर की स्कैन कॉपी
ज़रूरी तकनीकी बात: पोर्टल पर हर फ़ाइल का आकार तय सीमा (लगभग 200 KB) के अंदर होना चाहिए, वरना अपलोड नहीं होगी। स्कैन करते समय फ़ाइल छोटी रखें, पर इतनी धुँधली नहीं कि पढ़ी न जाए।
सबसे ज़रूरी सलाह: आधार, आय प्रमाण पत्र और बैंक पासबुक — तीनों में नाम की स्पेलिंग एक जैसी होनी चाहिए। थोड़ा-सा भी अंतर होने पर आवेदन अटक जाता है।