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कृषि विभाग, बिहार सरकार (केंद्र सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के सहयोग से)

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (बिहार) —

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विवरण

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसका मक़सद है कि प्राकृतिक आपदा (बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि), बीमारी या कीट के कारण फसल खराब होने पर किसानों को उनकी खेती की लागत के बराबर मुआवज़ा मिले।

सबसे बड़ा और ताज़ा बदलाव: बिहार में अब तक "बिहार राज्य फसल सहायता योजना (BRFSY)" चल रही थी, जिसमें कोई प्रीमियम नहीं लगता था लेकिन बड़े किसानों को पूरा फायदा नहीं मिल पाता था। 9 जून 2026 को बिहार कैबिनेट ने इस पुरानी योजना को बंद करके प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) को अपनाने का फैसला किया है, जो रबी सीज़न 2026-27 से पूरे बिहार में लागू हो रही है।

इस नई व्यवस्था की सबसे खास बात यह है कि इसमें बीमा कराने के लिए ज़मीन की कोई सीमा नहीं है — यानी छोटे किसान से लेकर बड़े जोत वाले किसान तक, सभी अपनी पूरी ज़मीन का बीमा करा सकते हैं। बुआई से पहले से लेकर फसल कटाई के बाद तक होने वाले किसी भी नुकसान की भरपाई इसमें शामिल है। फसल क्षति के आकलन के लिए सैटेलाइट इमेजरी, ड्रोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि प्रक्रिया पारदर्शी रहे।

 

लाभ

  • फसल खराब होने पर खेती की लागत के बराबर मुआवज़ा सीधे बैंक खाते में
  • बीमा कराने के लिए ज़मीन की कोई अधिकतम सीमा नहीं — छोटे और बड़े, सभी किसान पूरा लाभ ले सकते हैं
  • बहुत ही कम प्रीमियम पर बीमा — बाकी राशि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर भरती हैं
  • बुआई से पहले से लेकर कटाई के बाद तक की पूरी अवधि का सुरक्षा कवर
  • प्राकृतिक आपदा, बीमारी और कीट — तीनों तरह के नुकसान इसमें शामिल
  • फसल क्षति के आकलन में सैटेलाइट, ड्रोन और AI जैसी आधुनिक तकनीक, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी

 

पात्रता

  • आवेदक बिहार का स्थायी निवासी किसान होना चाहिए
  • किसान के पास खेती के लिए ज़मीन होनी चाहिए — चाहे खुद की हो या बटाई पर ली गई हो
  • किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) धारक/लोन लेने वाले किसानों के लिए फसल बीमा कराना अनिवार्य है
  • बिना लोन वाले किसानों के लिए यह पूरी तरह स्वैच्छिक है — वे चाहें तो अपनी मर्ज़ी से बीमा करा सकते हैं
  • किसान का बैंक खाता आधार से लिंक होना चाहिए

 

आवेदन प्रक्रिया

  1. अपने नज़दीकी बैंक शाखा, सहकारी बैंक, कृषि विभाग कार्यालय या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाएं।
  2. अगर ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध हो, तो आधिकारिक पोर्टल pmfby.gov.in पर भी आवेदन किया जा सकता है।
  3. आवेदन फॉर्म में नाम, पता, आधार नंबर, बैंक खाते की जानकारी, फसल का नाम, बोया गया क्षेत्र और भूमि से जुड़ी जानकारी सावधानी से भरें।
  4. आधार कार्ड, बैंक पासबुक, ज़मीन के दस्तावेज़ जैसे ज़रूरी कागज़ात संलग्न करें।
  5. सारी जानकारी जांचकर फॉर्म जमा करें और फसल व मौसम के अनुसार तय प्रीमियम राशि का भुगतान करें।
  6. आवेदन जमा होने के बाद मिलने वाली रसीद या आवेदन संख्या ज़रूर संभालकर रखें — आगे स्थिति जांचने में काम आएगी।

ध्यान रखें: प्रीमियम की सटीक दर फसल के प्रकार और मौसम (खरीफ/रबी/बागवानी) के अनुसार अलग-अलग होती है — पिछले वर्षों में राष्ट्रीय स्तर पर यह आमतौर पर खरीफ के लिए 2%, रबी के लिए 1.5% और बागवानी/नकदी फसलों के लिए 5% रही है। बिहार में रबी 2026-27 के लिए लागू होने वाली सटीक दर की पुष्टि pmfby.gov.in या अपने कृषि विभाग कार्यालय से ज़रूर कर लें।

 

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आवश्यक दस्तावेज़

  • आधार कार्ड
  • बैंक खाता पासबुक (आधार से लिंक)
  • पासपोर्ट साइज़ फोटो
  • ज़मीन के कागज़ात (खतौनी/खेसरा नंबर)
  • फसल बुआई का प्रमाण पत्र (बैंक या पटवारी से सत्यापित)
  • KCC लोन की जानकारी (अगर लागू हो)
  • सक्रिय मोबाइल नंबर

 

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1. सवाल: बिहार में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना कब से लागू हो रही है?

जवाब: यह योजना बिहार में रबी सीज़न 2026-27 से लागू हो रही है, जो पुरानी "बिहार राज्य फसल सहायता योजना" की जगह लेगी। यह फैसला 9 जून 2026 को बिहार कैबिनेट ने लिया था।

Q2. सवाल: पुरानी बिहार राज्य फसल सहायता योजना और PMFBY में क्या फर्क है?

जवाब: सबसे बड़ा फर्क यह है कि PMFBY में बीमा कराने के लिए ज़मीन की कोई अधिकतम सीमा नहीं है, जबकि पुरानी योजना में बड़े किसानों को सीमित लाभ मिलता था। PMFBY में प्रीमियम भी देना होता है, जबकि पुरानी योजना निःशुल्क थी।

Q3. सवाल: क्या इस योजना में किसानों को प्रीमियम देना पड़ता है?

जवाब: हां, लेकिन बहुत कम — किसान को सिर्फ एक छोटा प्रतिशत प्रीमियम देना होता है, बाकी बड़ा हिस्सा केंद्र और राज्य सरकार मिलकर भरती हैं। सटीक प्रतिशत फसल के प्रकार (खरीफ/रबी/बागवानी) पर निर्भर करता है।

Q4. सवाल: क्या यह योजना सभी किसानों के लिए अनिवार्य है?

जवाब: नहीं, यह किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) धारक/लोन लेने वाले किसानों के लिए अनिवार्य है। बिना लोन वाले किसानों के लिए यह पूरी तरह स्वैच्छिक है।

Q5. सवाल: आवेदन कहां और कैसे करें?

जवाब: नज़दीकी बैंक शाखा, सहकारी बैंक, कृषि विभाग कार्यालय या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर आवेदन किया जा सकता है। ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध होने पर pmfby.gov.in पोर्टल पर भी आवेदन हो सकता है।

Q6. सवाल: किन-किन नुकसान की भरपाई इस योजना में होती है?

जवाब: बुआई से पहले से लेकर फसल कटाई के बाद तक — बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदा या बीमारी/कीट से हुए किसी भी तरह के नुकसान की भरपाई इसमें शामिल है।

Q7. सवाल: क्या बड़े किसानों को भी पूरी ज़मीन का बीमा मिल सकता है?

जवाब: हां, यही इस नई व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत है — इसमें बीमा कराने के लिए ज़मीन की कोई अधिकतम सीमा नहीं रखी गई है।

Q8. सवाल: फसल नुकसान का आकलन कैसे किया जाएगा?

जवाब: फसल क्षति के आकलन और उपज अनुमान के लिए सैटेलाइट इमेजरी, ड्रोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि प्रक्रिया पारदर्शी और भरोसेमंद रहे।

Q9. सवाल: आवेदन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज़ चाहिए?

जवाब: आधार कार्ड, आधार-लिंक बैंक पासबुक, ज़मीन के कागज़ात (खतौनी/खेसरा), फसल बुआई प्रमाण पत्र, KCC लोन की जानकारी (अगर हो) और फोटो चाहिए।