श्रम संसाधन विभाग, बिहार सरकार — बिहार कौशल विकास मिशन (BSDM) के माध्यम से
कुशल युवा कार्यक्रम 2026 (KYP)
Overview
कुशल युवा कार्यक्रम, जिसे लोग KYP के नाम से जानते हैं, बिहार सरकार के श्रम संसाधन विभाग की योजना है। इसे बिहार कौशल विकास मिशन (BSDM) चलाता है और यह "सात निश्चय" कार्यक्रम का हिस्सा है।
इसकी सोच बहुत साफ़ है। बिहार में हर साल लाखों युवा 10वीं और 12वीं पास करते हैं, पर नौकरी के लिए जो तीन चीज़ें सबसे ज़्यादा माँगी जाती हैं — कंप्यूटर चलाना आना, ठीक-ठाक अंग्रेज़ी-हिंदी में बात कर पाना, और ऑफ़िस के माहौल में काम करने की समझ — वे स्कूल में नहीं सिखाई जातीं। KYP यही कमी भरता है।
कोर्स में क्या सिखाया जाता है
यह 240 घंटे का कोर्स है, जो आम तौर पर तीन से चार महीने में पूरा होता है। इसमें तीन हिस्से हैं — कंप्यूटर और इंटरनेट का काम-चलाऊ ज्ञान, हिंदी-अंग्रेज़ी में बातचीत का अभ्यास, और जीवन-कौशल यानी समय का प्रबंधन, टीम में काम करना और बात रखने का सलीक़ा।
ट्रेनिंग मुफ़्त है
प्रशिक्षण का पूरा ख़र्च सरकार उठाती है। आवेदन के समय एक जमा राशि (सिक्योरिटी डिपॉज़िट) ली जाती है, जो कोर्स पूरा करने और परीक्षा पास करने के बाद वापस कर दी जाती है। यह जमा राशि इसीलिए रखी गई है ताकि लोग सीट लेकर बीच में छोड़ न दें।
कोर्स के बाद क्या मिलता है
कोर्स पूरा करने और आख़िरी परीक्षा पास करने पर सरकारी प्रमाण पत्र मिलता है, जो नौकरी के आवेदन में काम आता है। यह प्रमाण पत्र ऑनलाइन सत्यापित (verify) भी किया जा सकता है, इसलिए कंपनियाँ इस पर भरोसा करती हैं।
ट्रेनिंग कहाँ होती है
राज्य भर के प्रखंडों में कौशल विकास केंद्र (Skill Development Centre) बने हैं, ताकि युवाओं को ट्रेनिंग के लिए दूर न जाना पड़े। अपने ज़िले और प्रखंड का केंद्र आधिकारिक पोर्टल के सेंटर लोकेटर से खोजा जा सकता है।
Benefits
कोर्स का ढाँचा — कुल 240 घंटे
- संवाद कौशल (Communication Skills) — 80 घंटे
हिंदी और अंग्रेज़ी में बातचीत, इंटरव्यू में जवाब देना, ग्राहक से बात करने का तरीक़ा - कंप्यूटर और इंटरनेट (IT Literacy) — 120 घंटे
MS Office (वर्ड, एक्सेल, पावरपॉइंट), इंटरनेट और ब्राउज़र, गूगल ऐप्स, ऑनलाइन सुरक्षा की बुनियादी बातें - जीवन कौशल (Soft & Life Skills) — 40 घंटे
समय का प्रबंधन, टीम में काम, कार्यस्थल का व्यवहार, लक्ष्य तय करना, विवाद सुलझाना
मुख्य फ़ायदे
- पूरी ट्रेनिंग सरकारी ख़र्च पर — फीस नहीं देनी पड़ती
- जमा राशि कोर्स पूरा करने पर DBT से खाते में वापस
- कोर्स के बाद सरकारी प्रमाण पत्र, जिसे ऑनलाइन सत्यापित किया जा सकता है
- अपने ही प्रखंड में ट्रेनिंग — दूसरे शहर जाने की ज़रूरत नहीं
- प्रमाणित प्रशिक्षकों से पढ़ाई, ई-लर्निंग सामग्री के साथ
आगे क्या जुड़ने वाला है
अगस्त 2026 में सरकार ने इस कार्यक्रम के विस्तार को मंज़ूरी दी है। आने वाले समय में इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन तकनीक, सोलर तकनीक, नेटवर्किंग, डिजिटल मार्केटिंग, बैंकिंग, टेलीकॉम और विदेशी भाषा जैसे विषय भी जोड़े जाएँगे।
Eligibility
- आवेदक बिहार राज्य का निवासी होना चाहिए
- कम से कम 10वीं (मैट्रिक) पास होना ज़रूरी है
- आयु सीमा — सामान्य वर्ग के लिए 15 से 28 वर्ष
- पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए ऊपरी आयु सीमा 31 वर्ष तक
- अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति और दिव्यांग आवेदकों के लिए 33 वर्ष तक
- आवेदक के नाम से बैंक खाता होना चाहिए, क्योंकि जमा राशि की वापसी उसी में होती है
ध्यान दें: इसमें पढ़ाई में अच्छे अंक या किसी परीक्षा की शर्त नहीं है। 10वीं पास होना ही काफ़ी है — चाहे पहली बार में पास हुए हों या कंपार्टमेंट से।
How to apply
चरण 1 — ऑनलाइन पंजीकरण
- बिहार कौशल विकास मिशन के आधिकारिक पोर्टल पर जाएँ
- "New Applicant Registration" पर क्लिक करें
- अपना नाम, मोबाइल नंबर और ईमेल भरें
- मोबाइल और ईमेल पर आए OTP से पंजीकरण पक्का करें
- मिले हुए यूज़र आईडी और पासवर्ड को संभालकर रखें
चरण 2 — आवेदन भरना
- उसी यूज़र आईडी से लॉगिन करें
- "कुशल युवा कार्यक्रम (KYP)" चुनें
- अपनी पढ़ाई और व्यक्तिगत जानकारी भरें
- दस्तावेज़ स्कैन करके अपलोड करें
- आवेदन जमा करें और उसका प्रिंट आउट निकाल लें
चरण 3 — DRCC पर सत्यापन
- ऑनलाइन आवेदन के बाद अपने ज़िले के जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र (DRCC) जाना होता है
- सभी मूल दस्तावेज़ और उनकी फोटोकॉपी साथ ले जाएँ
- जाँच के बाद आपको अनुमोदन पर्ची (approval slip) मिलती है
- यह काम ऑनलाइन आवेदन के कुछ ही दिनों के भीतर करना ज़रूरी है — देर करने पर आवेदन रद्द हो सकता है
चरण 4 — केंद्र चुनना और ट्रेनिंग
- सत्यापन के बाद अपने प्रखंड या आसपास का कौशल विकास केंद्र चुनें
- बैच शुरू होने पर नियमित कक्षाएँ करें
- 240 घंटे पूरे होने पर आख़िरी परीक्षा दें
- परीक्षा पास करने पर प्रमाण पत्र मिलता है और जमा राशि DBT से खाते में वापस आ जाती है
ज़रूरी बात: सिर्फ़ ऑनलाइन फ़ॉर्म भर देने से नाम दर्ज नहीं होता। DRCC पर जाकर सत्यापन कराना अनिवार्य है — यही वह क़दम है जहाँ सबसे ज़्यादा लोग अटकते हैं।
कोई फ़ीस नहीं लगती। जमा राशि के अलावा किसी को कुछ नहीं देना है। अगर कोई सेंटर या एजेंट "नाम जुड़वाने" या "सर्टिफिकेट दिलाने" के नाम पर पैसे माँगे तो न दें और DRCC में शिकायत करें।
Documents needed
- आधार कार्ड
- 10वीं की मार्कशीट और प्रमाण पत्र (जन्मतिथि के प्रमाण के लिए भी)
- आवासीय (निवास) प्रमाण पत्र
- जाति प्रमाण पत्र (आयु में छूट लेनी हो तो)
- दिव्यांगता प्रमाण पत्र (लागू हो तो)
- बैंक पासबुक का पहला पन्ना
- पासपोर्ट साइज़ फोटो
- चालू मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी
सलाह: आधार, मार्कशीट और बैंक पासबुक — तीनों में नाम की स्पेलिंग और जन्मतिथि एक जैसी होनी चाहिए। DRCC पर सबसे ज़्यादा आवेदन इसी वजह से रुकते हैं।