सतत जीविकोपार्जन योजना 2026: गरीब परिवारों को ₹2 लाख तक सहायता, पात्रता और लाभ
बिहार सरकार द्वारा अत्यंत गरीब परिवारों को स्थायी आजीविका से जोड़ने और उनकी आय बढ़ाने के उद्देश्य से सतत जीविकोपार्जन योजना (Satat Jeevikoparjan Yojana - SJY) चलाई जा रही है। इस योजना को बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति यानी JEEViKA/BRLPS के माध्यम से लागू किया जाता है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य ऐसे अत्यंत गरीब परिवारों को आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और आजीविका के लिए उत्पादक परिसंपत्ति उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपना छोटा रोजगार या स्वरोजगार शुरू करके नियमित आय अर्जित कर सकें। योजना के तहत परिवार की आजीविका योजना के आधार पर ₹60,000 से ₹2 लाख तक के निवेश अनुदान का प्रावधान बताया गया है।
सतत जीविकोपार्जन योजना क्या है?
सतत जीविकोपार्जन योजना बिहार सरकार की गरीबी उन्मूलन और आजीविका संवर्धन से जुड़ी महत्वपूर्ण योजना है। इसे 5 अगस्त 2018 को शुरू किया गया था।
यह योजना JEEViKA द्वारा लागू की जाती है और इसका मॉडल Ultra-Poor Graduation Approach पर आधारित है। इसमें केवल एक बार आर्थिक सहायता देने के बजाय लाभार्थी परिवारों को आजीविका शुरू करने के साथ-साथ प्रशिक्षण, नियमित मार्गदर्शन, बचत, सामाजिक सुरक्षा और अन्य जरूरी सेवाओं से जोड़ने पर जोर दिया जाता है।
योजना के तहत कितनी आर्थिक सहायता मिलती है?
सतत जीविकोपार्जन योजना में लाभार्थी परिवार के लिए सहायता उसकी Livelihood Micro Plan के आधार पर तय की जाती है।
आधिकारिक BRLPS सामग्री के अनुसार, परिवार को एकीकृत उत्पादक परिसंपत्ति बनाने के लिए ₹60,000 से ₹2,00,000 तक का निवेश अनुदान दिया जा सकता है। सहायता की राशि परिवार द्वारा चुनी गई आजीविका और स्वीकृत माइक्रो प्लान पर निर्भर करती है।
सहायता का उपयोग किन कामों में किया जा सकता है?
योजना का उद्देश्य लाभार्थी को ऐसी आजीविका से जोड़ना है जिससे वह आगे नियमित आय प्राप्त कर सके। उदाहरण के तौर पर स्थानीय परिस्थितियों और स्वीकृत माइक्रो प्लान के अनुसार:
- पशुपालन
- बकरी पालन
- मुर्गी पालन
- छोटी दुकान
- कृषि आधारित गतिविधियां
- खाद्य या अन्य छोटे व्यवसाय
- हस्तशिल्प एवं गैर-कृषि गतिविधियां
- अन्य स्थानीय आय-सृजन गतिविधियां
जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा सकता है।
सतत जीविकोपार्जन योजना का उद्देश्य
योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं है। इसके माध्यम से अत्यंत गरीब परिवारों को गरीबी के चक्र से बाहर निकालकर स्थायी आजीविका और आय के स्रोत से जोड़ना है।
योजना के प्रमुख उद्देश्य हैं:
- अत्यंत गरीब परिवारों की आय बढ़ाना।
- परिवारों को स्वरोजगार और आजीविका गतिविधियों से जोड़ना।
- उत्पादक परिसंपत्तियों का निर्माण करना।
- लाभार्थियों को प्रशिक्षण और नियमित मार्गदर्शन देना।
- बचत की आदत विकसित करना।
- परिवारों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ना।
- महिलाओं और गरीब परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना।
BRLPS के अनुसार योजना में आजीविका सहायता के साथ प्रशिक्षण, mentoring, savings और स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा तक पहुंच जैसे घटक शामिल हैं।
किन परिवारों को योजना में शामिल किया जाता है?
सतत जीविकोपार्जन योजना मुख्य रूप से अत्यंत गरीब परिवारों (Ultra-Poor Households) को लक्षित करती है।
आधिकारिक योजना दस्तावेजों के अनुसार इसमें विशेष रूप से:
- पारंपरिक रूप से देशी शराब/ताड़ी के उत्पादन या बिक्री से जुड़े अत्यंत गरीब परिवार
- अनुसूचित जाति के अत्यंत गरीब परिवार
- अनुसूचित जनजाति के अत्यंत गरीब परिवार
- अन्य समुदायों के चिन्हित अत्यंत गरीब परिवार
को आजीविका के वैकल्पिक और टिकाऊ साधनों से जोड़ने का उद्देश्य रखा गया है।
क्या योजना केवल ग्रामीण क्षेत्रों के लिए है?
नहीं। शुरुआत में योजना का क्रियान्वयन मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में किया गया था। बाद में बिहार सरकार ने 1 दिसंबर 2022 को इसे शहरी क्षेत्रों में भी लागू करने की मंजूरी दी। इसके बाद योजना को ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में JEEViKA के माध्यम से लागू करने का प्रावधान किया गया।
योजना में मिलने वाली प्रमुख सुविधाएं
सतत जीविकोपार्जन योजना की खासियत यह है कि इसमें लाभार्थी परिवारों को कई स्तरों पर सहायता दी जाती है।
1. निवेश अनुदान
लाभार्थी परिवार को स्वीकृत आजीविका गतिविधि के लिए निवेश सहायता दी जाती है। वर्तमान BRLPS सामग्री में यह सहायता ₹60,000 से ₹2 लाख प्रति परिवार तक बताई गई है।
2. आजीविका प्रशिक्षण
लाभार्थियों को उनके चुने हुए रोजगार या व्यवसाय को बेहतर तरीके से चलाने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण सहायता दी जाती है।
3. नियमित मार्गदर्शन
JEEViKA के सामुदायिक कैडर और Master Resource Persons के माध्यम से लाभार्थी परिवारों को नियमित mentoring और coaching प्रदान की जाती है।
4. बचत और वित्तीय समावेशन
लाभार्थियों को बैंकिंग और बचत जैसी वित्तीय सेवाओं से जोड़ने पर भी जोर दिया जाता है।
5. सामाजिक सुरक्षा से जोड़ना
परिवारों को पात्रता के अनुसार विभिन्न सरकारी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाता है।
सतत जीविकोपार्जन योजना में परिवार का चयन कैसे होता है?
इस योजना में लाभार्थी परिवारों की पहचान सामान्य आवेदन प्रक्रिया की तरह केवल फॉर्म भरने से नहीं होती। योजना में community-based participatory targeting का इस्तेमाल किया गया है।
JEEViKA से जुड़े Village Organization और प्रशिक्षित Community Resource Persons अत्यंत गरीब परिवारों की पहचान और चयन प्रक्रिया में भूमिका निभाते हैं। इसके बाद परिवार की आजीविका क्षमता और आवश्यकताओं के आधार पर माइक्रो प्लान तैयार किया जाता है।
Livelihood Micro Plan क्या है?
Livelihood Micro Plan यानी आजीविका माइक्रो प्लान के माध्यम से यह तय किया जाता है कि परिवार के लिए कौन-सी आजीविका गतिविधि उपयुक्त रहेगी।
परिवार की स्थिति, उपलब्ध संसाधन, स्थानीय बाजार, कौशल और चुनी गई गतिविधि को ध्यान में रखते हुए आजीविका योजना तैयार की जाती है। इसके आधार पर आवश्यक परिसंपत्ति और निवेश सहायता प्रदान की जाती है।
सतत जीविकोपार्जन योजना 2026 की मुख्य बातें
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | सतत जीविकोपार्जन योजना |
| अंग्रेजी नाम | Satat Jeevikoparjan Yojana |
| संक्षिप्त नाम | SJY |
| शुरुआत | 5 अगस्त 2018 |
| क्रियान्वयन | JEEViKA / BRLPS |
| लक्षित लाभार्थी | अत्यंत गरीब परिवार |
| क्षेत्र | ग्रामीण एवं शहरी |
| निवेश सहायता | ₹60,000 से ₹2 लाख तक |
| प्रमुख उद्देश्य | स्थायी आजीविका और आय वृद्धि |
| प्रमुख सहायता | निवेश, प्रशिक्षण, mentoring और वित्तीय समावेशन |
उपरोक्त राशि और घटक आधिकारिक BRLPS सामग्री में दिए गए प्रावधानों पर आधारित हैं। वास्तविक सहायता लाभार्थी के स्वीकृत माइक्रो प्लान और लागू दिशा-निर्देशों के अनुसार निर्धारित हो सकती है।
क्या सतत जीविकोपार्जन योजना 2026 में जारी है?
हाँ। BRLPS से संबंधित उपलब्ध आधिकारिक सामग्री में योजना को वित्तीय वर्ष 2024-25 से 2026-27 तक आगे बढ़ाए जाने का उल्लेख मिलता है। साथ ही 2025-26 के BRLPS दस्तावेजों में SJY के तहत गतिविधियों और लाभार्थी परिवारों का उल्लेख जारी है।
इसलिए 2026 में योजना से संबंधित जानकारी प्रकाशित करते समय "2026 में योजना जारी है" लिखना उचित है, लेकिन किसी विशेष जिले में नया आवेदन खुला है या नहीं, यह स्थानीय JEEViKA/BRLPS सूचना के आधार पर अलग से जांचना चाहिए।
सतत जीविकोपार्जन योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
इस योजना में लाभार्थियों की पहचान और चयन JEEViKA की सामुदायिक संरचना के माध्यम से किया जाता है। इसलिए इसे सामान्य ऑनलाइन छात्रवृत्ति या पेंशन योजना की तरह केवल एक सार्वजनिक आवेदन फॉर्म भरकर प्राप्त करना आवश्यक नहीं है।
यदि कोई परिवार योजना के लिए पात्र हो सकता है, तो वह अपने क्षेत्र के JEEViKA स्वयं सहायता समूह, ग्राम संगठन या संबंधित JEEViKA कर्मियों से योजना के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकता है।
इसके बाद पात्रता और चयन प्रक्रिया के अनुसार परिवार को योजना में शामिल किया जा सकता है।
योजना से जुड़ी महत्वपूर्ण बात
सतत जीविकोपार्जन योजना को केवल "₹2 लाख की सरकारी सहायता योजना" के रूप में समझना सही नहीं होगा। योजना का मॉडल आर्थिक सहायता के साथ-साथ training + asset creation + mentoring + savings + social protection को जोड़ता है।
इसका उद्देश्य लाभार्थी परिवार को एक स्थायी आय-स्रोत विकसित करने में सहायता करना है, न कि केवल एक बार पैसा उपलब्ध कराना।
सतत जीविकोपार्जन योजना 2026 FAQs
सतत जीविकोपार्जन योजना क्या है?
यह बिहार सरकार की आजीविका एवं गरीबी उन्मूलन से जुड़ी योजना है, जिसके तहत अत्यंत गरीब परिवारों को स्थायी आय-स्रोत विकसित करने के लिए आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण और mentoring प्रदान की जाती है।
सतत जीविकोपार्जन योजना कब शुरू हुई थी?
योजना को बिहार सरकार ने 5 अगस्त 2018 को शुरू किया था।
सतत जीविकोपार्जन योजना में कितने रुपये मिलते हैं?
आधिकारिक BRLPS सामग्री के अनुसार पात्र परिवार के लिए आजीविका माइक्रो प्लान के आधार पर ₹60,000 से ₹2 लाख तक का निवेश अनुदान उपलब्ध हो सकता है।
क्या योजना 2026 में भी चल रही है?
उपलब्ध BRLPS दस्तावेजों में योजना को वित्तीय वर्ष 2024-25 से 2026-27 तक विस्तारित किए जाने का उल्लेख है।
योजना का लाभ किन लोगों को मिलता है?
मुख्य रूप से अत्यंत गरीब परिवारों को योजना में लक्षित किया जाता है। इसमें देशी शराब/ताड़ी से पारंपरिक रूप से जुड़े अत्यंत गरीब परिवारों तथा SC/ST और अन्य समुदायों के चिन्हित अत्यंत गरीब परिवार शामिल हैं।
क्या शहरी क्षेत्र के परिवार भी इस योजना में शामिल हैं?
हाँ। बिहार सरकार ने 2022 में योजना को ग्रामीण क्षेत्रों के साथ शहरी क्षेत्रों में भी लागू करने की मंजूरी दी थी।
योजना किस संस्था द्वारा लागू की जाती है?
सतत जीविकोपार्जन योजना का क्रियान्वयन बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (BRLPS) / JEEViKA के माध्यम से किया जाता है।
निष्कर्ष
सतत जीविकोपार्जन योजना 2026 बिहार के अत्यंत गरीब परिवारों को स्थायी आजीविका से जोड़ने की दिशा में बनाई गई योजना है। इसमें परिवार की जरूरत और आजीविका माइक्रो प्लान के आधार पर ₹60,000 से ₹2 लाख तक निवेश सहायता के साथ प्रशिक्षण, mentoring, बचत और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ने में सहायता दी जाती है। योजना का क्रियान्वयन JEEViKA/BRLPS के माध्यम से किया जाता है और उपलब्ध आधिकारिक सामग्री के अनुसार इसे 2026-27 तक जारी रखने का प्रावधान है।
स्रोत: बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (JEEViKA/BRLPS), ग्रामीण विकास विभाग, बिहार सरकार